फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   बंदी के हाथ में ही हथकड़ी व रस्सी थमाकर पुलिसकर्मी हो गए गायब

बंदी के हाथ में ही हथकड़ी व रस्सी थमाकर पुलिसकर्मी हो गए गायब

Fri, 09 Mar 2018 03:40 AM IST
Updated Fri, 09 Mar 2018 03:40 AM IST
विज्ञापन
बंदी के हाथ में ही हथकड़ी व रस्सी थमाकर पुलिसकर्मी हो गए गायब
अमर उजाला खास
विज्ञापन


फोटो
रोहतक रेलवे स्टेशन के पुरुष प्रतीक्षालय में खुद ही हथकड़ी की रस्सी लेकर बैठा उत्तराखंड का बंदी, पुलिसकर्मी दूर दूर तक भी नहीं आ रहे नजर
फोटो नंबर-दो
रोहतक रेलवे स्टेशन के पुरुष प्रतीक्षालय में अकेले हथकड़ी की रस्सी लिये बैठे बंदी के पास अपना बैग रखता यात्री
फोटो नंबर-तीन
आटो से बंदी को लेकर रोहतक कोर्ट के लिये लेकर जाते उत्तराखंड के पुलिसकर्मी।
फोटो नंबर-चार
बंदी को जल्दी कोर्ट लेकर चलने को लेकर आपस में भिड़ते उत्तराखंड के पुलिसकर्मी।

हेडिंग
बंदी की ईमानदारी : हाथ में ही हथकड़ी व रस्सी थमाकर पुलिस हो गई गायब, फिर भी नहीं भागा
- ट्रेन में एक बंदी को लेकर रोहतक कोर्ट में पेशी करने के लिये पहुंची थी उत्तराखंड पुलिस
- रोहतक रेलवे स्टेशन के पुरुष प्रतीक्षालय में आरोपी को बैठाकर चारों पुलिसकर्मी हो गये गायब
- खुद ही हथकड़ी की रस्सी लेकर बैठा रहा बंदी

महबूब अली
रोहतक।
इसे उत्तराखंड पुलिस की लापरवाही कहा जाएगा या फिर बंदी की ईमानदारी कि पुलिस द्वारा खुली छूट देने के बाद भी उसने फरार होने के बारे में सोचा तक नहीं। रोहतक रेलवे स्टेशन पर पुलिस के चार जवान बंदी के ही हाथ में हथकड़ी की रस्सी थमाकर करीब पंद्रह मिनट तक गायब रहे। लेकिन इसके बाद भी बंदी ने मौके से भागना मुनासिब नहीं समझा। इस दौरान कई यात्रियों ने भी बंदी के पास सामान से भरे बैग रखे। बाद में चारों पुलिसकर्मी बंदी को ऑटो के माध्यम से कोर्ट लेकर चलेे गये।
वीरवार को करीब एक बजे हरिद्वार से आने वाली ट्रेन से चार पुलिसकर्मी एक बंदी को लेकर रोहतक रेलवे स्टेशन पर उतरे। चारों ने बंदी को पुरुष प्रतीक्षालय में बैठा दिया। आम यात्रियों के पास ही बंदी को प्रतीक्षालय में बैठाने के बाद हथकड़ी की रस्सी उसी के हाथों में थमाकर चारों पुलिसकर्मी वहां से गायब हो गये। क रीब पंद्रह मिनट तक खुद ही हथकड़ी की रस्सी लेकर बंदी प्रतीक्षालय में बैठा रहा। इस दौरान कई यात्रियों ने बंदी के पास आकर न सिर्फ अपना बैग रखा। बल्कि उसके पास बैठे भी रहे।
विज्ञापन

थोड़ी देर बाद एक पुलिसकर्मी बंदी के पास आया लेकिन बंदी से दूर जाकर एक कुर्सी पर बैठ गया। इसे बंदी की ईमानदारी ही कहा जाएगा कि उसने मौका मिलने पर भी भागना मुनासिब नहीं समझा। पंद्रह मिनट के बाद तीन अन्य पुलिसकर्मी आये जो बाद में ऑटो से बंदी को कोर्ट में पेश करने के लिये ले गये।
विज्ञापन
विज्ञापन


आपस में उलझ बैठे पुलिसकर्मी
देरी से प्रतीक्षालय में आने को लेकर दो पुलिसकर्मी तो आपस में उलझ गये। दरअसल, दो एक साथ रूम में आ गये थे जबकि दो नहीं आ सके थे। दोनों में झड़प भी हुई। बाद में यात्रियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। दोनों बंदी को कोर्ट में जल्दी पेश करने की बात कह रहे थे।

कहीं नहीं भागेगा भाई
इस संबंध में जब अमर उजाला रिपोर्टर ने एक सिपाही से पूछा कि जिस तरह से आप बंदी के हाथो ंमें ही हथकड़ी की रस्सी थमाकर चले गये थे। यदि वह फरार हो जाता तो इसके लिये कौन जिम्मेदार होता? इस सवाल का पहले तो सिपाही ने जवाब नहीं दिया। बाद में कहा कि कहीं नहीं भागेगा ये, तुम अपना काम करो।

मामला गंभीर, लिखा जाएगा अधिकारियों को
इस बारे में एसपी रोहतक पंकज नैन का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस द्वारा बंदी को पेशी पर लाने में लापरवाही बरतने का मामला संज्ञान में नहीं है। जांच कराने के बाद इस संबंध में लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उत्तराखंड के पुलिसकर्मियों को पत्र लिखा जाएगा। उन्हें भी बंदी की पेशी की सूचना नहीं दी गई थी, वरना पुलिस एस्कॉर्ट भेजकर कड़ी सुरक्षा में बंदी की पेशी कराई जाती।

ठगी का आरोपी बताया
उत्तराखंड पुलिस से जब बंदी के बारे में पूछा गया तो एक सिपाही ने बताया कि वह ठगी का आरोपी है। हरिद्वार में उस पर ठगी के कई मामले दर्ज है। ठगी के एक मामले में उसकी आज रोहतक की कोर्ट में पेशी होनी थी।


स्थानीय पुलिस को नहीं दी सूचना
रोहतक पुलिस का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस ने किसी भी ठगी के आरोपी को कोर्ट में पेश करने के संबंध में उन्हें कोई सूचना नहीं दी थी। यदि दी जाती तो पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed