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390 कर्मियों को भेजा जेल, विरोध में उतरे कर्मचारी संगठन
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 02 Jun 2017 02:11 AM IST
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दो घंटे लघु सचिवालय का किया घेराव
- फोटो : अमर उजाला
आइसिन कंपनी के कर्मचारियों पर पुलिस की बर्बरता और गिरफ्तारी के विरोध में वीरवार को कर्मचारी संगठन सड़क पर उतर आए। करीब साढ़े ग्यारह बजे सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी लघु सचिवालय का घेराव करने पहुंचे। लघु सचिवालय पहुंचकर कर्मचारी नेता डीसी से मिलने की मांग पर अड़ गए।
कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार सुबह 10 बजे डीसी से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। वहीं कंपनी गेट का घेराव और धरने में शामिल 35 महिला कर्मचारियों को जिला अदालत ने जमानत दे दी, जबकि 390 कर्मचारियों को जेल भेज दिया। अदालत ने 290 पुरुष कर्मचारियों को रोहतक और 100 को झज्जर जेल में भेजा। उनकी जमानत के लिए कर्मचारी संगठन शुक्रवार को जमानत याचिका दायर करेंगे।
30 दिन से धरने पर बैठे आइसिन कंपनी के कर्मचारियों की गिरफ्तारी के विरोध में ट्रेड यूनियन और जनसंगठन मानसरोवर पार्क में एकजुट हुए। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन कर्मचारियों को न्याय नहीं दिला सका। धरने पर बैठे मजदूरों की कोई बात नहीं सुनी गई। बुधवार को कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करके उन्हें घसीट कर गिरफ्तार किया गया, जो निंदनीय है। 425 कर्मचारियों का कोई कसूर नहीं था। केवल केवल अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। आरोप है कि कंपनी के दबाव में आकर पुलिस प्रशासन ने कर्मचारियों के साथ बर्बरता की है। इसके बाद सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन लघु सचिवालय के घेराव और डीसी से मिलने के लिए निकले।
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कर्मचारी बोले-एसपी नहीं डीसी से मिलना है
मानसरोवर पार्क से प्रदर्शन करते हुए सैकड़ों कर्मचारी लघु सचिवालय की ओर से रवाना हुए। सोनीपत स्टैंड की तरफ से कर्मचारियों को आता देख आनन फानन में सुरक्षा कर्मियों ने लघु सचिवालय का मेन गेट बंद कर दिया। नाराज कर्मचारी सड़क पर खड़े होकर जमकर नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों की भीड़ के चलते सोनीपत स्टैंड पर जाम की स्थिति बन गई।
करीब दो बजे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद एसडीएम अरविंद मल्हान और तहसीलदार गुलाब सिंह ने कर्मचारियों से बातचीत की। जब कर्मचारियों को एसपी से मिलने के लिए कहा गया तो उन्होंने इंकार करते हुए डीसी से मिलने की बात कही। एसडीएम ने बताया कि डीसी दिल्ली गए हुए हैं। उनसे शुक्रवार को बातचीत हो सकती है। कर्मचारी नेता इसके लिए तैयार हो गए। डीसी ने साढ़े दस बजे मीटिंग के लिए कर्मचारी नेताओं को अपने कार्यालय में बुलाया है।
इन्होंने दिया समर्थन
इस दौरान सीटू के राज्य महासचिव जयभगवान, सर्व कर्मचारी संघ के धर्मबीर हुड्डा, एशियन पेंट्स और एचएमएस के अध्यक्ष भंवर लाल, इंटक के जितेंद्र लाकड़ा, आदर्श उद्योग कर्मचारी संघ के प्रधान कमल राठी, नफे सिंह, जनवादी महिला समिति की नेता जगमति सांगवान, सविता, एसएफआई के सचिव सुमीत कुमार, मजदूर दस्ता के रमेश खटकड़, ऑटो मोबाइल ठेका मजदूर संघ की वैशाली, श्रमजीवी संघ के सोमनाथ, सीटू नेत रामचंद्र सिवाच, प्रकाश चंद्र, किसान सभा के प्रीत सिंह ने संबोधित किया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सुरेन्द्र मलिक ने प्रदर्शन में शामिल होकर समर्थन दिया।
कंपनी का दावा, पंचायत आई समर्थन में
रणबीर सिंह हुड्डा पार्क में आठ गांवों की पंचायत हुई जिसमें ग्रामीणों ने कंपनी का समर्थन किया। साफ तौर पर कहा कि कर्मचारियों को बहकाकर माहौल खराब करने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। इस तरह माहौल खराब होता रहा तो बाहर की और कंपनी कैसे आईएमटी में आएंगी। इसका असर स्थानीय युवाओं के रोजगार पर पड़ेगा।
विक्रम सिंह, एचआर मैनेजर, आइसिन कंपनी
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कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार सुबह 10 बजे डीसी से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। वहीं कंपनी गेट का घेराव और धरने में शामिल 35 महिला कर्मचारियों को जिला अदालत ने जमानत दे दी, जबकि 390 कर्मचारियों को जेल भेज दिया। अदालत ने 290 पुरुष कर्मचारियों को रोहतक और 100 को झज्जर जेल में भेजा। उनकी जमानत के लिए कर्मचारी संगठन शुक्रवार को जमानत याचिका दायर करेंगे।
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30 दिन से धरने पर बैठे आइसिन कंपनी के कर्मचारियों की गिरफ्तारी के विरोध में ट्रेड यूनियन और जनसंगठन मानसरोवर पार्क में एकजुट हुए। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन कर्मचारियों को न्याय नहीं दिला सका। धरने पर बैठे मजदूरों की कोई बात नहीं सुनी गई। बुधवार को कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करके उन्हें घसीट कर गिरफ्तार किया गया, जो निंदनीय है। 425 कर्मचारियों का कोई कसूर नहीं था। केवल केवल अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। आरोप है कि कंपनी के दबाव में आकर पुलिस प्रशासन ने कर्मचारियों के साथ बर्बरता की है। इसके बाद सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन लघु सचिवालय के घेराव और डीसी से मिलने के लिए निकले।
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कर्मचारी बोले-एसपी नहीं डीसी से मिलना है
मानसरोवर पार्क से प्रदर्शन करते हुए सैकड़ों कर्मचारी लघु सचिवालय की ओर से रवाना हुए। सोनीपत स्टैंड की तरफ से कर्मचारियों को आता देख आनन फानन में सुरक्षा कर्मियों ने लघु सचिवालय का मेन गेट बंद कर दिया। नाराज कर्मचारी सड़क पर खड़े होकर जमकर नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों की भीड़ के चलते सोनीपत स्टैंड पर जाम की स्थिति बन गई।
करीब दो बजे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद एसडीएम अरविंद मल्हान और तहसीलदार गुलाब सिंह ने कर्मचारियों से बातचीत की। जब कर्मचारियों को एसपी से मिलने के लिए कहा गया तो उन्होंने इंकार करते हुए डीसी से मिलने की बात कही। एसडीएम ने बताया कि डीसी दिल्ली गए हुए हैं। उनसे शुक्रवार को बातचीत हो सकती है। कर्मचारी नेता इसके लिए तैयार हो गए। डीसी ने साढ़े दस बजे मीटिंग के लिए कर्मचारी नेताओं को अपने कार्यालय में बुलाया है।
इन्होंने दिया समर्थन
इस दौरान सीटू के राज्य महासचिव जयभगवान, सर्व कर्मचारी संघ के धर्मबीर हुड्डा, एशियन पेंट्स और एचएमएस के अध्यक्ष भंवर लाल, इंटक के जितेंद्र लाकड़ा, आदर्श उद्योग कर्मचारी संघ के प्रधान कमल राठी, नफे सिंह, जनवादी महिला समिति की नेता जगमति सांगवान, सविता, एसएफआई के सचिव सुमीत कुमार, मजदूर दस्ता के रमेश खटकड़, ऑटो मोबाइल ठेका मजदूर संघ की वैशाली, श्रमजीवी संघ के सोमनाथ, सीटू नेत रामचंद्र सिवाच, प्रकाश चंद्र, किसान सभा के प्रीत सिंह ने संबोधित किया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सुरेन्द्र मलिक ने प्रदर्शन में शामिल होकर समर्थन दिया।
कंपनी का दावा, पंचायत आई समर्थन में
रणबीर सिंह हुड्डा पार्क में आठ गांवों की पंचायत हुई जिसमें ग्रामीणों ने कंपनी का समर्थन किया। साफ तौर पर कहा कि कर्मचारियों को बहकाकर माहौल खराब करने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। इस तरह माहौल खराब होता रहा तो बाहर की और कंपनी कैसे आईएमटी में आएंगी। इसका असर स्थानीय युवाओं के रोजगार पर पड़ेगा।
विक्रम सिंह, एचआर मैनेजर, आइसिन कंपनी