{"_id":"5c390b4fbdec22734c6bf79e","slug":"31547242319-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संशोधित : राम रहीम की पेशी के चलते खेतों में नहीं जा पा रहे किसान-Cordination","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
संशोधित : राम रहीम की पेशी के चलते खेतों में नहीं जा पा रहे किसान-Cordination
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। राम रहीम की पेशी के चलते पिछले दो दिन से सुनारिया खुर्द और सुनारिया कलां गांव के किसान खेतों में पलेवा और खाद डालने भी नहीं जा पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि पुलिस शाम छह के बाद खेतों में जाने की बात कहती है। सुनारिया के किसान मनोहर लाल ने कहा पिछली बार भी करीब 15 दिन तक गांव के लोगों को राम रहीम के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस बार भी दो दिन से किसान खेतों की पलेवा और खेतीबाड़ी करने के लिए नहीं जा पा रहे हैं।
रामबीर ने कहा कि पुलिसकर्मी शाम छह बजे के बाद खेतों की ओर जाने की बात कहते हैं। कड़ाके की सर्दी में कैसे शाम छह बजे के बाद खेतों में जाया जा सकता है। अतुल कुमार ने कहा कि खेतों में खाद नहीं डाल पा रहे हैं जिसके कारण फसलों के खराब होने का भी खतरा बना है। मामले की शिकायत डीसी से की जाएगी कि उन्हें दिन में खेतों में जाने की इजाजत दी जाए।
विज्ञापन
रोहतक। राम रहीम की पेशी के चलते पिछले दो दिन से सुनारिया खुर्द और सुनारिया कलां गांव के किसान खेतों में पलेवा और खाद डालने भी नहीं जा पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि पुलिस शाम छह के बाद खेतों में जाने की बात कहती है। सुनारिया के किसान मनोहर लाल ने कहा पिछली बार भी करीब 15 दिन तक गांव के लोगों को राम रहीम के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस बार भी दो दिन से किसान खेतों की पलेवा और खेतीबाड़ी करने के लिए नहीं जा पा रहे हैं।
रामबीर ने कहा कि पुलिसकर्मी शाम छह बजे के बाद खेतों की ओर जाने की बात कहते हैं। कड़ाके की सर्दी में कैसे शाम छह बजे के बाद खेतों में जाया जा सकता है। अतुल कुमार ने कहा कि खेतों में खाद नहीं डाल पा रहे हैं जिसके कारण फसलों के खराब होने का भी खतरा बना है। मामले की शिकायत डीसी से की जाएगी कि उन्हें दिन में खेतों में जाने की इजाजत दी जाए।
विज्ञापन