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पुराने पड़े तेल टैंक में धमाके के बाद लगी आग, एक मजदूर की मौत, दो झुलसे
Updated Thu, 11 Jan 2018 02:53 AM IST
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लापरवाही : बार-बार शिकायत करने के बावजूद मालिक ने नहीं बदलवाया टैंक --
पुराने तेल टैंक में धमाके के बाद लगी आग, एक मजदूर की मौत, दो झुलसे
-
- मजदूरों की शिकायत पर दिल्ली निवासी फैक्ट्री मालिक पर केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सांपला के कुलताना रोड स्थित एक रबड़ फैक्ट्री के पुराने हो चुके टैंक में बुधवार दोपहर को अचानक धमाके के साथ आग लग गई। टैंक में पुराने टायर को पिघलाया जा रहा था। आग से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो मजदूर गंभीर रूप से झुलस गये। दोनों को गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराया गया है। इस संबंध में सांपला थाने में रबर फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ लापरवाही से मौत का केस दर्ज किया गया है।
बिहार के जिला सिवान स्थित गांव डबधु निवासी वीरेंद्र ने बताया कि वह कुलताना रोड स्थित आरएसपी रबड़ फैक्ट्री में मजदूरी करता है। वीरेंद्र के साथ उनका बेटा मुन्नाराम, सुनील कुमार, कमल साहनी, विकास, कौशल देव भी काम करता है। यह सभी दोपहर को टैंक में टायर को पिघलाकर तेल इकट्ठा कर रहे थे। इसी बीच अचानक टैंक में तेज धमाका हुआ और फैक्ट्री में आग लग गई। धमाके के कारण मजदूर पहाड़पुर जिला गोपाल गंज बिहार निवासी कमल साहनी, मुन्नाराम और सुनील आग में झुलस गये। कुछ ही देर में फैक्ट्री में अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद अन्य फैक्ट्री के कर्मचारियों की मदद से कमल को बाहर निकाला गया, लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। तभी मामले की सूचना दमकल विभाग को दी गई। फिर मुन्नाराम और सुनील को अन्य कर्मचारी पीजीआई लेकर चले गये। कुछ ही देर में दमकल की तीन गाड़ियां और पुलिस मौके पर पहुंच गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में झुलसे मुन्ना और सुनील की हालत नाजुक बनी हुई है। मुन्ना के शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा झुलस चुका है।
कई बार की मालिक से शिकायत
पूरे मामले को लेकर फैक्ट्री संचालक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। वीरेंद्र का कहना है कि जिस टैंक में धमाका हुआ वह काफी पुराना हो चुका था। कई जगह से क्षतिग्रस्त भी था। इसको बदलने की मांग को लेकर मजदूरों ने कई बार फैक्ट्री मालिक दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 21 निवासी पंकज से शिकायत की। कई बार शिकायत करने के बावजूद टैंक को बदलवाया नहीं गया। वीरेंद्र ने बताया कि यदि टैंक को समय के रहते बदल दिया जाता तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। फिलहाल पुलिस ने पंकज के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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नहीं थे आग बुझाने के उपकरण
टैंक को बदलवाने को लेकर ही नहीं बल्कि अन्य सुरक्षा इंतजाम को लेकर भी मालिक की लापरवाही सामने आई। मजदूरों का कहना है कि दिन भर आग का काम होने के बावजूद फैैक्ट्री में आग बुझाने के उपकरण नहीं थे। इस संबंध में भी कई बार मालिक से गुहार लगाई गई। लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। इतना ही नहीं हादसे के बाद भी मालिक मजदूरों की सुध लेने पीजीआई नहीं पहुंचा।
हादसे के समय कंपनी में थे 50 मजदूर
धमाके के समय फैक्ट्री में करीब 50 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे की सूचना अन्य कंपनी कर्मचारियों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। इस पर फायर बिग्रेड की कई गाड़ी और पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्र रहा है कि अन्य फैक्ट्री में आग पहुंचने से पहले ही काबू पा लिया गया। इस कारण बड़ा हादसा होने से टल गया।
मालिक को दी फोन पर सूचना
फैक्ट्री में जिस समय यह हादसा हुआ उस समय मलिक बाहर गया हुआ था। फैक्ट्री मालिक पंकज कुमार को हादसे की सूचना कर्मचारियों ने फोन पर दी। फिर वह घटनास्थल पर पहुंचे। उनका कहना है कि उन्हें इस हादसे के बारे में फोन पर सूचना मिली थी।
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पुराने तेल टैंक में धमाके के बाद लगी आग, एक मजदूर की मौत, दो झुलसे
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- मजदूरों की शिकायत पर दिल्ली निवासी फैक्ट्री मालिक पर केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सांपला के कुलताना रोड स्थित एक रबड़ फैक्ट्री के पुराने हो चुके टैंक में बुधवार दोपहर को अचानक धमाके के साथ आग लग गई। टैंक में पुराने टायर को पिघलाया जा रहा था। आग से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो मजदूर गंभीर रूप से झुलस गये। दोनों को गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराया गया है। इस संबंध में सांपला थाने में रबर फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ लापरवाही से मौत का केस दर्ज किया गया है।
बिहार के जिला सिवान स्थित गांव डबधु निवासी वीरेंद्र ने बताया कि वह कुलताना रोड स्थित आरएसपी रबड़ फैक्ट्री में मजदूरी करता है। वीरेंद्र के साथ उनका बेटा मुन्नाराम, सुनील कुमार, कमल साहनी, विकास, कौशल देव भी काम करता है। यह सभी दोपहर को टैंक में टायर को पिघलाकर तेल इकट्ठा कर रहे थे। इसी बीच अचानक टैंक में तेज धमाका हुआ और फैक्ट्री में आग लग गई। धमाके के कारण मजदूर पहाड़पुर जिला गोपाल गंज बिहार निवासी कमल साहनी, मुन्नाराम और सुनील आग में झुलस गये। कुछ ही देर में फैक्ट्री में अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद अन्य फैक्ट्री के कर्मचारियों की मदद से कमल को बाहर निकाला गया, लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। तभी मामले की सूचना दमकल विभाग को दी गई। फिर मुन्नाराम और सुनील को अन्य कर्मचारी पीजीआई लेकर चले गये। कुछ ही देर में दमकल की तीन गाड़ियां और पुलिस मौके पर पहुंच गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में झुलसे मुन्ना और सुनील की हालत नाजुक बनी हुई है। मुन्ना के शरीर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा झुलस चुका है।
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कई बार की मालिक से शिकायत
पूरे मामले को लेकर फैक्ट्री संचालक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। वीरेंद्र का कहना है कि जिस टैंक में धमाका हुआ वह काफी पुराना हो चुका था। कई जगह से क्षतिग्रस्त भी था। इसको बदलने की मांग को लेकर मजदूरों ने कई बार फैक्ट्री मालिक दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 21 निवासी पंकज से शिकायत की। कई बार शिकायत करने के बावजूद टैंक को बदलवाया नहीं गया। वीरेंद्र ने बताया कि यदि टैंक को समय के रहते बदल दिया जाता तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। फिलहाल पुलिस ने पंकज के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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नहीं थे आग बुझाने के उपकरण
टैंक को बदलवाने को लेकर ही नहीं बल्कि अन्य सुरक्षा इंतजाम को लेकर भी मालिक की लापरवाही सामने आई। मजदूरों का कहना है कि दिन भर आग का काम होने के बावजूद फैैक्ट्री में आग बुझाने के उपकरण नहीं थे। इस संबंध में भी कई बार मालिक से गुहार लगाई गई। लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। इतना ही नहीं हादसे के बाद भी मालिक मजदूरों की सुध लेने पीजीआई नहीं पहुंचा।
हादसे के समय कंपनी में थे 50 मजदूर
धमाके के समय फैक्ट्री में करीब 50 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे की सूचना अन्य कंपनी कर्मचारियों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। इस पर फायर बिग्रेड की कई गाड़ी और पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्र रहा है कि अन्य फैक्ट्री में आग पहुंचने से पहले ही काबू पा लिया गया। इस कारण बड़ा हादसा होने से टल गया।
मालिक को दी फोन पर सूचना
फैक्ट्री में जिस समय यह हादसा हुआ उस समय मलिक बाहर गया हुआ था। फैक्ट्री मालिक पंकज कुमार को हादसे की सूचना कर्मचारियों ने फोन पर दी। फिर वह घटनास्थल पर पहुंचे। उनका कहना है कि उन्हें इस हादसे के बारे में फोन पर सूचना मिली थी।