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जेल में बिगड़ी संत गोपालदास की हालत, पीजीआई में भर्ती
Updated Tue, 22 Aug 2017 02:39 AM IST
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जेल में बिगड़ी संत गोपालदास की हालत, पीजीआई में भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गोचरान भूमि विकास बोर्ड की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जेल में बंद संत गोपालदास की हालत सोमवार को बिगड़ गई। जेल अधिकारियों ने आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती कराया है। अमित शाह के दौरे के दौरान उन्होंने समर्थकों के साथ सड़क पर मरा हुआ सांड़ डाल दिया था।
संत गोपालदास गोचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संत गोपालदास और उनके समर्थकों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कार्यक्रम स्थल के बाहर मरा हुआ सांड़ डालकर पुलिस एवं प्रशासन को सकते में डाल दिया था। मौके से उन्हें पकड़कर जेल भेज दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद वह बाहर आ गए। इसके बाद वह आईजी कार्यकाल के बाहर धरने पर बैठ गए थे। फिलहाल वह कई दिनों से जेल में बंद थे। सोमवार दोपहर अचानक संत की हालत बिगड़ गई। भूखा रहने के कारण उनका शुगर लेवल अचानक कम हो गया है। संत की हालत बिगड़ने पर जेल अधिकारी उन्हें लेकर पीजीआई में पहुंचे। यहां उन्हें इमरजेंसी में भर्ती करा दिया गया। गौरतलब है कि पुलिस की तरफ से कई बार संत से बेल बांड भरने को कहा जा चुका है। संत का कहना है कि उन्होंने कोई गुनाह नहीं किया इसलिए वह बेल बांड नहीं भरेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गोचरान भूमि विकास बोर्ड की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जेल में बंद संत गोपालदास की हालत सोमवार को बिगड़ गई। जेल अधिकारियों ने आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती कराया है। अमित शाह के दौरे के दौरान उन्होंने समर्थकों के साथ सड़क पर मरा हुआ सांड़ डाल दिया था।
संत गोपालदास गोचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संत गोपालदास और उनके समर्थकों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कार्यक्रम स्थल के बाहर मरा हुआ सांड़ डालकर पुलिस एवं प्रशासन को सकते में डाल दिया था। मौके से उन्हें पकड़कर जेल भेज दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद वह बाहर आ गए। इसके बाद वह आईजी कार्यकाल के बाहर धरने पर बैठ गए थे। फिलहाल वह कई दिनों से जेल में बंद थे। सोमवार दोपहर अचानक संत की हालत बिगड़ गई। भूखा रहने के कारण उनका शुगर लेवल अचानक कम हो गया है। संत की हालत बिगड़ने पर जेल अधिकारी उन्हें लेकर पीजीआई में पहुंचे। यहां उन्हें इमरजेंसी में भर्ती करा दिया गया। गौरतलब है कि पुलिस की तरफ से कई बार संत से बेल बांड भरने को कहा जा चुका है। संत का कहना है कि उन्होंने कोई गुनाह नहीं किया इसलिए वह बेल बांड नहीं भरेंगे।
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