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भैंसवाल कलां में को-ऑपरेटिव बैंक के सचिव व पत्नी के अलावा कटवाल में किसान की गोलियां मारकर हत्या
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गोहाना/सोनीपत। गांव भैंसवाल कलां में चुनावी रंजिश के बाद शुरू हुआ खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार तड़के भैंसवाल कलां में को-ऑपरेटिव बैंक के सचिव व उसकी पत्नी की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। सचिव के भाई ने बाथरूम में घुसकर दरवाजा बंद करके अपनी जान बचाई। दंपती की हत्या के बाद एक आरोपी ने अन्य हमलावरों के साथ मिलकर अपने गांव कटवाल में रंजिश के चलते किसान को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस तरह एक ही गैंग ने महज आधे घंटे में तीन हत्या की घटना को अंजाम दिया। इसकी सूचना के बाद भारी पुलिस बल गांव में पहुंचा और लोगों से पूछताछ की गई। भैंसवाल कलां के दो परिवारों की रंजिश में सात हत्याएं हो चुकी हैं। जिसमें चार दिन पहले ही एक हत्या होने के बाद अब दंपति को मारने से पुलिस की नाकामी भी सामने आ गई है।
गांव भैंसवाल कलां निवासी होशियार सिंह (55) व उनकी पत्नी निर्मला (48) शुक्रवार रात को घर में अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। गांव के को-ऑपरेटिव बैंक में सचिव होशियार सिंह छत पर बने कमरे में था तो उनकी पत्नी नीचे कमरे में सोई हुई थीं। होशियार सिंह का छोटा भाई सुरेंद्र भी घर में ही सो रहा था। सुरेंद्र ने पुलिस को बताया कि शनिवार तड़के साढ़े तीन बजे गोलियों की आवाज सुनकर उसकी आंख खुली तो उसने देखा कि छत की सीढ़ियों से गांव का ही परमजीत उर्फ मोनू, मोहित उर्फ बिहारी, मोनी, विकास व गांव कटवाल निवासी सुमित के साथ कई अन्य युवक नीचे उतर रहे थे। उन्हें देख कर वह जान बचाने के लिए सीढ़ियों के नीचे बाथरूम में छिप गया। इस दौरान हमलावरों ने उसकी भाभी के कमरे में जाकर उसे भी गोली मार दी। बाद में हमलावर उसके भतीजे मोनू को भी मारने की बात कहते हुए मौके से फरार हो गए। हमलावरों के जाने के बाद उसने देखा तो उसकी भाभी की मौत हो चुकी थी। वहीं छत पर उसके भाई की भी मौत हो गई थी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए और मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में ले लिया। शवों को सुबह करीब साढ़े आठ बजे खानपुर मेडिकल कालेज अस्पताल में ले जाया गया।
वहीं, भैंसवाल कलां में दंपति की हत्या की घटना के आधा घंटे बाद गांव कटवाल में भी किसान सुरेंद्र की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। सुरेंद्र के चाचा धूप सिंह ने पुलिस को बताया कि वह तड़के चार बजे के करीब सैर के लिए जा रहा था। जब अपने भतीजे के घर के बाहर पहुंचा तो घर के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। आवाज सुनकर वह रुक गया। इसी दौरान उसने देखा कि गांव का सुमित व कई अन्य युवक हाथ में पिस्तौल लेकर दीवार फांद कर भाग गए। उसने सुमित को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसके व साथियों के हाथों में पिस्तौल देखकर वह डर गया। उसने जाने के बाद अंदर जाकर देखा तो भतीजे सुरेंद्र की गोली लगने से मौत हो चुकी थी। उसकी भाभी सुरेंद्र के शव के पास रो रही थी। दो स्थानों पर हुई वारदात की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस ने हत्या के दो मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भैंसवाल में दंपती की हत्या चुनावी रंजिश को लेकर की गई है। गांव के कृष्ण व होशियार सिंह के भतीजे कृष्ण के बीच जनवरी, 2016 में हुए चुनाव में रंजिश शुरू हुई थी। जिसके बाद वर्ष 2017 में प्रवीण की हत्या की गई थी। उसके बाद से कृष्ण पक्ष से तीन और प्रवीण समेत दूसरे पक्ष से चार की जान जा चुकी है।
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हत्या के दोनों मामलों की जांच की जा रही है। सूचना के बाद पुलिस ने नाकाबंदी कर हमलावरों की तलाश की थी, लेकिन सुराग नहीं लग पाया है। हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। चार टीम बनाई गई हैं। जल्द हमलावरों का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाएगा। गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हंसराज, डीएसपी, गोहाना।
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गांव भैंसवाल कलां निवासी होशियार सिंह (55) व उनकी पत्नी निर्मला (48) शुक्रवार रात को घर में अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। गांव के को-ऑपरेटिव बैंक में सचिव होशियार सिंह छत पर बने कमरे में था तो उनकी पत्नी नीचे कमरे में सोई हुई थीं। होशियार सिंह का छोटा भाई सुरेंद्र भी घर में ही सो रहा था। सुरेंद्र ने पुलिस को बताया कि शनिवार तड़के साढ़े तीन बजे गोलियों की आवाज सुनकर उसकी आंख खुली तो उसने देखा कि छत की सीढ़ियों से गांव का ही परमजीत उर्फ मोनू, मोहित उर्फ बिहारी, मोनी, विकास व गांव कटवाल निवासी सुमित के साथ कई अन्य युवक नीचे उतर रहे थे। उन्हें देख कर वह जान बचाने के लिए सीढ़ियों के नीचे बाथरूम में छिप गया। इस दौरान हमलावरों ने उसकी भाभी के कमरे में जाकर उसे भी गोली मार दी। बाद में हमलावर उसके भतीजे मोनू को भी मारने की बात कहते हुए मौके से फरार हो गए। हमलावरों के जाने के बाद उसने देखा तो उसकी भाभी की मौत हो चुकी थी। वहीं छत पर उसके भाई की भी मौत हो गई थी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए और मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में ले लिया। शवों को सुबह करीब साढ़े आठ बजे खानपुर मेडिकल कालेज अस्पताल में ले जाया गया।
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वहीं, भैंसवाल कलां में दंपति की हत्या की घटना के आधा घंटे बाद गांव कटवाल में भी किसान सुरेंद्र की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। सुरेंद्र के चाचा धूप सिंह ने पुलिस को बताया कि वह तड़के चार बजे के करीब सैर के लिए जा रहा था। जब अपने भतीजे के घर के बाहर पहुंचा तो घर के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। आवाज सुनकर वह रुक गया। इसी दौरान उसने देखा कि गांव का सुमित व कई अन्य युवक हाथ में पिस्तौल लेकर दीवार फांद कर भाग गए। उसने सुमित को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसके व साथियों के हाथों में पिस्तौल देखकर वह डर गया। उसने जाने के बाद अंदर जाकर देखा तो भतीजे सुरेंद्र की गोली लगने से मौत हो चुकी थी। उसकी भाभी सुरेंद्र के शव के पास रो रही थी। दो स्थानों पर हुई वारदात की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस ने हत्या के दो मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भैंसवाल में दंपती की हत्या चुनावी रंजिश को लेकर की गई है। गांव के कृष्ण व होशियार सिंह के भतीजे कृष्ण के बीच जनवरी, 2016 में हुए चुनाव में रंजिश शुरू हुई थी। जिसके बाद वर्ष 2017 में प्रवीण की हत्या की गई थी। उसके बाद से कृष्ण पक्ष से तीन और प्रवीण समेत दूसरे पक्ष से चार की जान जा चुकी है।
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हत्या के दोनों मामलों की जांच की जा रही है। सूचना के बाद पुलिस ने नाकाबंदी कर हमलावरों की तलाश की थी, लेकिन सुराग नहीं लग पाया है। हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। चार टीम बनाई गई हैं। जल्द हमलावरों का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाएगा। गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हंसराज, डीएसपी, गोहाना।