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अंकित की बरामदगी को विदेश मंत्री से मिलेंगे लोग
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रोहतक। आइलैंड के पास से 19 अप्रैल को समुद्री लुटेरों द्वारा शिप के अपहरण मामले में रोहतक के आसन गांव के मर्चेंट नेवी में तैनात अंकित की बरामदगी की मांग को लेकर 27 मई को परिजन और ग्रामीण विदेश मंत्री से मिलेंगे। परिजनों का कहना है कि पिछले एक महीने से वे अंकित की बरामदगी की मांग कर रहे हैं लेकिन विभागीय अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। इससे पहले वे गृह व विदेश मंत्रालय में पत्र भेज चुके हैं।
बता दें घाना से नाइजीरिया जा रहे शिप एमटी अपेक्स का 19 अप्रैल को समुद्री लुटेरों ने लागोस आईलैंड के पास से अपहरण कर लिया। अपहरण के समय शिप पर 15 का स्टाफ मौजूद रहा। इनमें पांच भारतीय मूल के कर्मचारी शामिल थे। अपहृत होने वालों में रोहतक के आसन गांव का रहने वाला अंकित हुड्डा भी था। अंकित की बरामदगी की मांग को लेकर अंकित के परिजनों ने कई बार डीसी से लेकर सीएम और पीएम, राष्ट्रपति, विदेश मंत्रालय को पत्र भेजे मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। अंकित के चचेरे भाई राजीव ने बताया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पीए सतीश की कॉल उनके पास आई। कहा कि अंकित को बंधनमुक्त कराने का प्रयास चल रहा है। मगर एक माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी अंकित के बारे में कोई पता नहीं लग लग सका है। राजीव ने बताया कि अंकित की बरामदगी के लिए पीएम को भी पत्र भेजा जा रहा है। साथ ही जल्द ही विदेश मंत्री से भी मिला जाएगा।
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बता दें घाना से नाइजीरिया जा रहे शिप एमटी अपेक्स का 19 अप्रैल को समुद्री लुटेरों ने लागोस आईलैंड के पास से अपहरण कर लिया। अपहरण के समय शिप पर 15 का स्टाफ मौजूद रहा। इनमें पांच भारतीय मूल के कर्मचारी शामिल थे। अपहृत होने वालों में रोहतक के आसन गांव का रहने वाला अंकित हुड्डा भी था। अंकित की बरामदगी की मांग को लेकर अंकित के परिजनों ने कई बार डीसी से लेकर सीएम और पीएम, राष्ट्रपति, विदेश मंत्रालय को पत्र भेजे मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। अंकित के चचेरे भाई राजीव ने बताया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पीए सतीश की कॉल उनके पास आई। कहा कि अंकित को बंधनमुक्त कराने का प्रयास चल रहा है। मगर एक माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी अंकित के बारे में कोई पता नहीं लग लग सका है। राजीव ने बताया कि अंकित की बरामदगी के लिए पीएम को भी पत्र भेजा जा रहा है। साथ ही जल्द ही विदेश मंत्री से भी मिला जाएगा।
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