{"_id":"5ce2fb9dbdec22073a5fd5dd","slug":"1558379474420-rohtak-news44","type":"story","status":"publish","title_hn":"-फर्जी जन्म प्रमाण पत्र पर 20 साल सरकारी नौकरी करने वाला आरोपी कर्मचारी गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
-फर्जी जन्म प्रमाण पत्र पर 20 साल सरकारी नौकरी करने वाला आरोपी कर्मचारी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। नहर विभाग में फर्जी जन्म प्रमाण के जरिए पिता के स्थान पर नौकरी करने वाले आरोपी कर्मचारी को धारूहेड़ा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ उसके गांव के ही एक व्यक्ति ने वर्ष 2018 में केस दर्ज कराया था। धारूहेड़ा थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान ततारपुर इस्तमुरार निवासी चन्द्रभान उर्फ चम्पी के रूप में हुई है। जांचकर्ता एएसआई बलवंत सिंह ने बताया कि गांव ततारपुर इस्तमुरार निवासी महेन्द्र सिंह ने 1 जून 2018 को धारूहेड़ा थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके गांव का ही चन्द्रभान नहरी विभाग रेवाड़ी में लालपुरा डवाना स्थित नहर पर मेकेनिकल विंग में अपने पिता की मौत के बाद उसके स्थान पर सरकारी नौकरी लगा हुआ है। महेन्द्र सिंह का आरोप था कि चन्द्रभान ने नौकरी लगते समय अपनी उम्र का गलत प्रमाण पत्र दिया है। उसके जन्म प्रमाण की जांच की गई तो सामने आया कि उसकी असली उम्र 8 जुलाई 1957 है, जबकि उसने विभाग में अपनी उम्र 8 जुलाई 1962 दर्ज कराई। विभाग की तरफ से जांच कराने के बाद जब असलियत सामने आई तो पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने अपने स्तर पर भी जांच की। बाद में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। आरोपी ने इसी प्रमाण पत्र के जरिए 20 साल तक नौकरी की। देर शाम धारूहेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी चन्द्रभान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान ततारपुर इस्तमुरार निवासी चन्द्रभान उर्फ चम्पी के रूप में हुई है। जांचकर्ता एएसआई बलवंत सिंह ने बताया कि गांव ततारपुर इस्तमुरार निवासी महेन्द्र सिंह ने 1 जून 2018 को धारूहेड़ा थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके गांव का ही चन्द्रभान नहरी विभाग रेवाड़ी में लालपुरा डवाना स्थित नहर पर मेकेनिकल विंग में अपने पिता की मौत के बाद उसके स्थान पर सरकारी नौकरी लगा हुआ है। महेन्द्र सिंह का आरोप था कि चन्द्रभान ने नौकरी लगते समय अपनी उम्र का गलत प्रमाण पत्र दिया है। उसके जन्म प्रमाण की जांच की गई तो सामने आया कि उसकी असली उम्र 8 जुलाई 1957 है, जबकि उसने विभाग में अपनी उम्र 8 जुलाई 1962 दर्ज कराई। विभाग की तरफ से जांच कराने के बाद जब असलियत सामने आई तो पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने अपने स्तर पर भी जांच की। बाद में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। आरोपी ने इसी प्रमाण पत्र के जरिए 20 साल तक नौकरी की। देर शाम धारूहेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी चन्द्रभान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन