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नशीली दवा खिला कर लूटने वालों से रेलवे स्टेशन पर ही नहीं अस्पतालों में भी डर

Tue, 08 May 2018 02:44 AM IST
Updated Tue, 08 May 2018 02:44 AM IST
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नशीली दवा खिला कर लूटने वालों से रेलवे स्टेशन पर ही नहीं अस्पतालों में भी डर
पीजीआईएमएस में नशे की दवा खिलाकर आभूषण लूटने का मामला
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पीड़ित कर रही कार्रवाई की मांग, कर्मचारी के समर्थन में आई एसोसिएशन
एसोसिएशन की मांग सुरक्षा अधिकारी और सुरक्षा गार्डों को करो निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआईएमएस में नशे की दवा खिला कर आभूषण लूटने के मामले में जहां एक पीड़ित परिवार कार्रवाई की मांग कर रहा है और पीड़ित महिला ने संस्थान के ही एक कर्मचारी पर आरोप लगाया है। वहीं संदिग्ध कर्मचारी के समर्थन में जांच के पूर्व ही संस्थान की नॉन टीचिंग एसोसिएशन आ गई है। एसोसिएशन ने कर्मचारी के साथ बेवजह मारपीट करने के मामले में सुरक्षा अधिकारी और सुरक्षा गार्डों को निलंबित करने और उनके कैंपस में प्रवेश करने पर बैन लगाने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह 15 दिन पुलिस की जांच का इंतजार करेगा, नहीं तो वह अपनी शिकायत सीएम विंडो पर डालेगा।
जींद के अलेवा निवासी शमशेर मिस्त्री ने रोष जताते हुए बताया कि वह पत्नी के साथ गत शुक्रवार पीजीआईएमएस में जांच के लिए आया था। इसी दौरान उसकी पत्नी ने एक व्यक्ति की पहचान करते हुए कहा कि पिछले दिनों उसने ही उसे नशे की दवा खिला कर उसके 50 हजार के करीब के आभूषण लूटे हैं। इसकी जानकारी मौके पर खडे़ एक सुरक्षा गार्ड को दी गई। इसके जब हंगामा हुआ तो भीड़ एकत्रित हो गई और उक्त व्यक्ति को लेकर सुरक्षा अधिकारी के कमरे में ले जाया गया। पकडे़ गये व्यक्ति को शुक्रवार को मेरी पत्नी और 11 साल की बेटी ने भी पहचाना, इसके साथ ही घटना के दिन पत्नी के साथ आई सास ने भी पहचाना है। पीड़ित ने आरोप लगाते हुए कहा कि बाद में पता चला कि उक्त व्यक्ति संस्थान का कर्मचारी है। इसके बाद कई डॉक्टर एकत्रित हो गये और सभी ने कर्मचारी के बारे में कहा कि वह ऐसा नहीं हो सकता। पीड़ित ने बताया कि वह राजमिस्त्री का कार्य करता है उसे किसी पर कोई केस नहीं करना, लेकिन वह चाहता है कि उसे उसका सामान लौटा दिया जाए। वह पुलिस से मांग करता हैं कि वह सही तरह से मामले की जांच करे, ताकी किसी के साथ अन्याय न हो। शमशेर ने बताया कि पत्नी, बेटी और सास के पहचाने जाने के बाद भी जांच में देरी हो रही है। एक गार्ड कह रहा था कि ऐसी शक्ल का एक और कर्मचारी है, न तो उसे बुलाया जा रहा है और न ही बताए गये कर्मचारी से पूछताछ हो रही है। पीड़ित ने बताया कि वह हैरान है कि सभी संदिग्ध व्यक्ति से बात करने की बजाए उल्टा उस पर व उसकी बेटी पर दबाव बनाने लगे कि वह कैसे पहचानती है।
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गैर शिक्षण कर्मचारी एसोसिएशन ने काटा बवाल
पीजीआईएमएस के सुरक्षा अधिकारी और गार्ड द्वारा एक कर्मचारी के साथ मारपीट किये जाने के मामले में सोमवार को संस्थान की गैर शिक्षण कर्मचारी एसोसिएशन ने मोर्चा खोलते हुए बवाल काटा। चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय पर कर्मचारियों ने नारेबाजी की और कुलपति कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। गेट बंद मिलने पर दीवार फांद कर अंदर घुसे कर्मचारियों ने कार्यालय का ताला तोड़ा और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कुलपति के साथ घंटे भर मीटिंग के बाद कर्मचारी आश्वासन मिलने पर लौटे। कर्मचारियों ने तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर सुरक्षा अधिकारी और सुरक्षा गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वह हड़ताल पर चले जाएंगे। गैर शिक्षण कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि बीते शुक्रवार को सुरक्षाकर्मियों ने एक महिला के संदेह पर एक कर्मचारी की पिटाई कर दी। महिला ने अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र के बाहर नशीला पदार्थ खिलाकर गहने और आभूषण लूटने के आरोप लगाए थे।
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जो कार्रवाई बनती थी वह की गई : सुरक्षा अधिकारी
महिला ने जिस समय व्यक्ति पर संदेह करते हुए शिकायत दी, उस समय किसी को नहीं पता था कि वह संस्थान का कर्मचारी है। जब पता चला कि वह संस्थान का कर्मचारी है तो उसे कुछ नहीं कहा गया। महिला ने जब शिकायत दी तो उनकी जिम्मेदारी बनती थी कि वह कार्रवाई करें। पुलिस को भी पीड़ित परिवार ने ही सूचना दी थी। महिला की शिकायत सुन कर जो कार्रवाई बनती थी वह की गई है। इसमें यदि किसी को आपत्ति है तो वह क्या कर सकते हैं। महिला ने जिस पर आरोप लगाया है वह सही है या गलत यह जांच पुलिस करेगी।
-ईश्वर शर्मा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी, पीजीआईएमएस
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