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निजी बस का टेंटर निकलते ही रोडवेज कर्मियों मे रोष
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को संचालित करने के बाबत प्रदेश सरकार द्वारा निकाले गए टेंडर से फिर रोडवेज कर्मचारियों में रोष पनपने लगा है। कर्मचारी संगठनों ने टेंडर निकालने को लेकर आपत्ति जताते हुए रोष जाहिर किया है। वहीं, तालमेल कमेटी ने निकाले गए टेंडर की प्रति अधिवक्ताओं के पास कानूनी राय लेने के लिए भेजी है। इसके बाद आंदोलन अथवा कोर्ट की शरण लेने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
प्रदेश सरकार ने हरियाणा में किलोमीटर स्कीम के तहत 720 प्राइवेट संचालित करने का फैसला लिया। इसको लेकर करीब 530 बसों का टेंडर भी निकाला गया मगर इसके विरोध में प्रदेशभर के रोडवेज कर्मचारी आंदोलित हो गए। बेमियादी चक्का जाम हड़ताल की गई, जो 16 दिन तक चली। हड़ताल हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही खत्म हुई। पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने 190 बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित करने के लिए टेंडर निकाल दिया है, जिसको लेकर रोडवेज कर्मचारियों में फिर से रोष पनपने लगा है। कर्मचारी संगठनों ने इसको लेकर जल्द रोहतक में बैठक बुलाने का फैसला लिया है, जिसमें आंदोलनात्मक कदम उठाने का फैसला संभव है।
तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंह धनखड़ का कहना है कि टेंडर की प्रति चंडीगढ़ में अधिवक्ताओं के पास रायशुमारी के लिए भेजी गई है। कानूनी राय आने तक तालमेल कमेटी बैठक करके कोई ठोस फैसला करेगी।
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रोहतक। किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को संचालित करने के बाबत प्रदेश सरकार द्वारा निकाले गए टेंडर से फिर रोडवेज कर्मचारियों में रोष पनपने लगा है। कर्मचारी संगठनों ने टेंडर निकालने को लेकर आपत्ति जताते हुए रोष जाहिर किया है। वहीं, तालमेल कमेटी ने निकाले गए टेंडर की प्रति अधिवक्ताओं के पास कानूनी राय लेने के लिए भेजी है। इसके बाद आंदोलन अथवा कोर्ट की शरण लेने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
प्रदेश सरकार ने हरियाणा में किलोमीटर स्कीम के तहत 720 प्राइवेट संचालित करने का फैसला लिया। इसको लेकर करीब 530 बसों का टेंडर भी निकाला गया मगर इसके विरोध में प्रदेशभर के रोडवेज कर्मचारी आंदोलित हो गए। बेमियादी चक्का जाम हड़ताल की गई, जो 16 दिन तक चली। हड़ताल हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही खत्म हुई। पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने 190 बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत संचालित करने के लिए टेंडर निकाल दिया है, जिसको लेकर रोडवेज कर्मचारियों में फिर से रोष पनपने लगा है। कर्मचारी संगठनों ने इसको लेकर जल्द रोहतक में बैठक बुलाने का फैसला लिया है, जिसमें आंदोलनात्मक कदम उठाने का फैसला संभव है।
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तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंह धनखड़ का कहना है कि टेंडर की प्रति चंडीगढ़ में अधिवक्ताओं के पास रायशुमारी के लिए भेजी गई है। कानूनी राय आने तक तालमेल कमेटी बैठक करके कोई ठोस फैसला करेगी।
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