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हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर महिला की मौत
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बिजली निगम की लापरवाही से नेहरू कॉलोनी के घरों से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर शुक्रवार की शाम एक विवाहिता की मौत हो गई। हादसे होने से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची थाना पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नेहरू कॉलोनी निवासी जितेंद्र एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। उसके घर से बमुश्किल पांच फुट ऊपर से 11000 केवी की हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। जितेंद्र की बहन की शादी आठ मार्च को होनी है। इसके चलते घर में साफ-सफाई का काम चल रहा है। शुक्रवार की शाम करीब चार बजे जितेंद्र की पत्नी रूबी (24) घर में सफाई कर रही थी। इस दौरान वहा पड़ी एक लोहे की छड़ को रखने के लिए छत पर आई। जैसे ही वह हाईटेंशन लाइन के नीचे से निकलने लगी तो हाईटेंशन लाइन ने उसे खींच लिया। लोहे की छड़ हाइटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही तेज धमाका हुआ, जिसे रूबी का शरीर बुरी तरह से झुलस गया। तेज धमाके की सूचना पर परिजन भागकर मौके पर पहुंचे तो रूबी का शव झुलसा पड़ा था। घटना की सूचना मिलते ही काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बता दें कि रिहायशी इलाकों में हाईटेंशन लाइन को कई बार शिफ्ट करने के उच्चाधिकारी आदेश कर चुके हैं मगर बिजली निगम इसको लेकर कतई गंभीर नहीं है। जब भी लोगों ने घरों के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइनों को हटवाने की मांग की तभी उन्हें कोरा आश्वासन देकर शांत कर दिया गया।
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दो मासूमों को बिलखता छोड़ गई रूबी
परिजनों ने बताया कि रूबी की शादी 17 फरवरी 2014 को जितेंद्र के साथ हुई थी। उसके तीन साल का बेटा रमन और एक साल की बेटी खुशी है। परिवार में मचे कोहराम को देखकर दोनों बच्चे भी बिलख-बिलखकर रो रहे हैं, जिन्हें आसपास की महिलाओं ने गोद में लेकर शांत कराया।
इन कॉलोनियों में जानलेवा बने हुए हैं तार
बिजली निगम अधिकारियों की लापरवाही की वजह से नेहरू कालोनी, शास्त्री नगर, संजय कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, जींद बाईपास एरिया में हाईटेंशन लाइन के साथ-साथ लटकते तार जानलेवा बने हुए हैं। इसके अलावा गांधी कैंप, शिवाजी कॉलोनी, किला मोहल्ला, प्रेम नगर, जींद बाईपास, खोखरा कोट में भी तार काफी नीचे तक लटके हुए हैं।
सीएम स्तर पर चल रहा अप्रूवल व टेंडर का काम
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता एसके बंसल का कहना है कि शहर की कॉलोनियों से गुजर रही डेंजरस केबलों की शिफ्टिंग के प्रयास चल रहे हैं। हैंड आफिस और सीएम स्तर से अप्रूवल और टेंडर का काम चल रहा है। जल्द ही इन लाइनों को शिफ्ट करने का काम शुरू होगा। वैसे तो ये कॉलोनियों अवैध है, जिसकी वजह से ये तार घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही जर्जर तारों को बदलने का भी काम होगा।
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रोहतक। बिजली निगम की लापरवाही से नेहरू कॉलोनी के घरों से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर शुक्रवार की शाम एक विवाहिता की मौत हो गई। हादसे होने से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची थाना पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नेहरू कॉलोनी निवासी जितेंद्र एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। उसके घर से बमुश्किल पांच फुट ऊपर से 11000 केवी की हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। जितेंद्र की बहन की शादी आठ मार्च को होनी है। इसके चलते घर में साफ-सफाई का काम चल रहा है। शुक्रवार की शाम करीब चार बजे जितेंद्र की पत्नी रूबी (24) घर में सफाई कर रही थी। इस दौरान वहा पड़ी एक लोहे की छड़ को रखने के लिए छत पर आई। जैसे ही वह हाईटेंशन लाइन के नीचे से निकलने लगी तो हाईटेंशन लाइन ने उसे खींच लिया। लोहे की छड़ हाइटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही तेज धमाका हुआ, जिसे रूबी का शरीर बुरी तरह से झुलस गया। तेज धमाके की सूचना पर परिजन भागकर मौके पर पहुंचे तो रूबी का शव झुलसा पड़ा था। घटना की सूचना मिलते ही काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बता दें कि रिहायशी इलाकों में हाईटेंशन लाइन को कई बार शिफ्ट करने के उच्चाधिकारी आदेश कर चुके हैं मगर बिजली निगम इसको लेकर कतई गंभीर नहीं है। जब भी लोगों ने घरों के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइनों को हटवाने की मांग की तभी उन्हें कोरा आश्वासन देकर शांत कर दिया गया।
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दो मासूमों को बिलखता छोड़ गई रूबी
परिजनों ने बताया कि रूबी की शादी 17 फरवरी 2014 को जितेंद्र के साथ हुई थी। उसके तीन साल का बेटा रमन और एक साल की बेटी खुशी है। परिवार में मचे कोहराम को देखकर दोनों बच्चे भी बिलख-बिलखकर रो रहे हैं, जिन्हें आसपास की महिलाओं ने गोद में लेकर शांत कराया।
इन कॉलोनियों में जानलेवा बने हुए हैं तार
बिजली निगम अधिकारियों की लापरवाही की वजह से नेहरू कालोनी, शास्त्री नगर, संजय कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, जींद बाईपास एरिया में हाईटेंशन लाइन के साथ-साथ लटकते तार जानलेवा बने हुए हैं। इसके अलावा गांधी कैंप, शिवाजी कॉलोनी, किला मोहल्ला, प्रेम नगर, जींद बाईपास, खोखरा कोट में भी तार काफी नीचे तक लटके हुए हैं।
सीएम स्तर पर चल रहा अप्रूवल व टेंडर का काम
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता एसके बंसल का कहना है कि शहर की कॉलोनियों से गुजर रही डेंजरस केबलों की शिफ्टिंग के प्रयास चल रहे हैं। हैंड आफिस और सीएम स्तर से अप्रूवल और टेंडर का काम चल रहा है। जल्द ही इन लाइनों को शिफ्ट करने का काम शुरू होगा। वैसे तो ये कॉलोनियों अवैध है, जिसकी वजह से ये तार घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही जर्जर तारों को बदलने का भी काम होगा।