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मेरा अपहरण हो गया, चंडीगढ़ में हुं, मम्मी बचा लो
Updated Wed, 14 Feb 2018 03:00 AM IST
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रोहतक पुलिस नाके से मां के पास फोन करके बोला छात्र ----
मेरा अपहरण हो गया, चंडीगढ़ में हूं, मम्मी बचा लो
- सोमवार शाम को सुखपुरा चौक स्थित घर से गायब हुआ था केडी स्कूल का छात्र, केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
मम्मी मुझे बचा लो, तीन लोग मेरा अपहरण करके चंडीगढ़ लेकर आ गये हैं। अब मुझे पीट रहे हैं। यह बात सुखपुरा चौक से अपहरण किये गये आठवीं कक्षा के छात्र ने अपनी मम्मी के मोबाइल पर फोन करके बोली है। छात्र ने अपनी मां को बताया कि वह अपहरणकर्ताओं से छिपकर चंडीगढ़ से कॉल कर रहा है। जब पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि उसने गोहाना अड्डा पुलिस नाके के पास से एक मजदूर का मोबाइल मांगकर फोन किया था। हालांकि शहर थाना पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में मूलरूप से महम के गांव समैाण निवासी कृष्ण ने बताया कि वह किराये पर गाड़ी चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं। फिलहाल वह परिवार के साथ सुखपुरा चौक पर रहते हैं। सोमवार को वह और उनकी पत्नी ड्यूटी पर चले गये थे। घर पर उनका 13 साल का बेटा हिमांशु ही था। हिमांशु केडी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ाई करता है। शाम करीब चार बजे वह घर पहुंचे तो उन्हें हिमांशु घर नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी के पास कॉल करके हिमांशु के बारे में पूछा, लेकिन वह उनके साथ भी नहीं था। तभी परिवार में हड़कंप मच गया। रिश्तेदारों और अन्य जगहों पर हिमांशु की तलाश की गई। उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
नहीं हुआ कोई विवाद, इकलौता बेटा है हिमांशु
हिमांशु के पिता कृष्ण ने बताया कि उनका बेटे के साथ कोई विवाद नहीं हुआ था। हिमांशु इकलौता बेटा है। उसकी अच्छी परवरिश के लिए ही दोनों पति-पत्नी नौकरी करते हैं। शाम करीब छह बजे हिमांशु ने अपनी मां के मोबाइल पर कॉल की। उसने फोन करते ही कहा कि मम्मी मुझे बचा लो, तीन लोग मेरा अपहरण करके चंडीगढ़ लेकर आ गये हैं। अब मेरे साथ मारपीट कर रहे है। इसके बाद फोन काट दिया। तभी परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। फिर पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने छात्र के पिता से उसकी बारह फोटो लेकर संबंधित थानों में भेज दी है। ताकि कोई सुराग मिल सके।
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कॉल करने वाले मोबाइल तक पहुंची पुलिस तो हुआ खुलासा
पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की और उस नंबर की डिटेल निकलवाई जिससे हिमांशु ने अपनी मां के पास कॉल की थी। बाद में पता चला कि यह मोबाइल नंबर चमारिया के रहने वाले एक युवक का है। वह गोहाना अड्डे स्थित पुलिस नाके के पास रोहड़ी बजरपुर की दुकान पर काम करता है। पुलिस ने मौैके पर जाकर युवक से पूछताछ की। युवक ने बताया कि एक लड़के ने अपनी मम्मी के पास फोन करने की बात कहकर मोबाइल मांगा था। उसने मोबाइल दिया तो छात्र ने उससे करीब 30 मीटर दूर जाकर अपनी मां से बात की। इसके बाद उसने मोबाइल वापस दे दिया। वह ऑटो में बैठकर अपने गांव में आ गया। हिमांशु के पिता कृष्ण ने भी आशंका जताई है कि उनके बेटे की बात पर पूरी तरह से विश्वास नहीं किया जा सकता है। क्योंकि फोन करने के 5 मिनट बाद वह रोहतक से चंडीगढ़ कैसे पहुंच सकता है।
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मेरा अपहरण हो गया, चंडीगढ़ में हूं, मम्मी बचा लो
- सोमवार शाम को सुखपुरा चौक स्थित घर से गायब हुआ था केडी स्कूल का छात्र, केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
मम्मी मुझे बचा लो, तीन लोग मेरा अपहरण करके चंडीगढ़ लेकर आ गये हैं। अब मुझे पीट रहे हैं। यह बात सुखपुरा चौक से अपहरण किये गये आठवीं कक्षा के छात्र ने अपनी मम्मी के मोबाइल पर फोन करके बोली है। छात्र ने अपनी मां को बताया कि वह अपहरणकर्ताओं से छिपकर चंडीगढ़ से कॉल कर रहा है। जब पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि उसने गोहाना अड्डा पुलिस नाके के पास से एक मजदूर का मोबाइल मांगकर फोन किया था। हालांकि शहर थाना पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में मूलरूप से महम के गांव समैाण निवासी कृष्ण ने बताया कि वह किराये पर गाड़ी चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं। फिलहाल वह परिवार के साथ सुखपुरा चौक पर रहते हैं। सोमवार को वह और उनकी पत्नी ड्यूटी पर चले गये थे। घर पर उनका 13 साल का बेटा हिमांशु ही था। हिमांशु केडी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ाई करता है। शाम करीब चार बजे वह घर पहुंचे तो उन्हें हिमांशु घर नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी के पास कॉल करके हिमांशु के बारे में पूछा, लेकिन वह उनके साथ भी नहीं था। तभी परिवार में हड़कंप मच गया। रिश्तेदारों और अन्य जगहों पर हिमांशु की तलाश की गई। उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
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नहीं हुआ कोई विवाद, इकलौता बेटा है हिमांशु
हिमांशु के पिता कृष्ण ने बताया कि उनका बेटे के साथ कोई विवाद नहीं हुआ था। हिमांशु इकलौता बेटा है। उसकी अच्छी परवरिश के लिए ही दोनों पति-पत्नी नौकरी करते हैं। शाम करीब छह बजे हिमांशु ने अपनी मां के मोबाइल पर कॉल की। उसने फोन करते ही कहा कि मम्मी मुझे बचा लो, तीन लोग मेरा अपहरण करके चंडीगढ़ लेकर आ गये हैं। अब मेरे साथ मारपीट कर रहे है। इसके बाद फोन काट दिया। तभी परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। फिर पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने छात्र के पिता से उसकी बारह फोटो लेकर संबंधित थानों में भेज दी है। ताकि कोई सुराग मिल सके।
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कॉल करने वाले मोबाइल तक पहुंची पुलिस तो हुआ खुलासा
पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की और उस नंबर की डिटेल निकलवाई जिससे हिमांशु ने अपनी मां के पास कॉल की थी। बाद में पता चला कि यह मोबाइल नंबर चमारिया के रहने वाले एक युवक का है। वह गोहाना अड्डे स्थित पुलिस नाके के पास रोहड़ी बजरपुर की दुकान पर काम करता है। पुलिस ने मौैके पर जाकर युवक से पूछताछ की। युवक ने बताया कि एक लड़के ने अपनी मम्मी के पास फोन करने की बात कहकर मोबाइल मांगा था। उसने मोबाइल दिया तो छात्र ने उससे करीब 30 मीटर दूर जाकर अपनी मां से बात की। इसके बाद उसने मोबाइल वापस दे दिया। वह ऑटो में बैठकर अपने गांव में आ गया। हिमांशु के पिता कृष्ण ने भी आशंका जताई है कि उनके बेटे की बात पर पूरी तरह से विश्वास नहीं किया जा सकता है। क्योंकि फोन करने के 5 मिनट बाद वह रोहतक से चंडीगढ़ कैसे पहुंच सकता है।