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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : बीट बुक में पुलिसकर्मियों द्वारा हस्ताक्षर व दिनांक अंकित न करने का खुलासा
Updated Sun, 11 Feb 2018 02:32 AM IST
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अमर उजाला एक्सक्लूसिव
बीट बुक में पुलिसकर्मियों द्वारा हस्ताक्षर व दिनांक अंकित न करने का खुलासा
- आरपीएफ थाना एसएचओ ने एक माह की बीट बुक का अवलोकन किया तो मिली बड़ी खामियां
- थाने पर ही नोटिस चिपकाकर दिये सुधार के निर्देश
- ट्रेनों की चेकिंग का ब्योरा भी बीट बुक में नहीं किया जा रहा दर्ज
- चार्ज लेने व देने वालों के हस्ताक्षर भी नहीं
महबूब अली
रोहतक।
आरपीएफ थाने पर तैनात कांस्टेबल बीट बुक में दिनांक से लेकर चार्ज लेने व देने का समय व हस्ताक्षर लिखने में लापरवाही बरत रहे हैं। यहीं नहीं ट्रेनों की चेकिंग का पूरा ब्योरा भी दर्ज नहीं किया जा रहा है। आरपीएफ एसएचओ ने इस संबंध में बीट बुक का अवलोकन किया तो इसका खुलासा हुआ। आरपीएफ एसएचओ ने लिखित में थाने पर ही नोटिस चस्पा कराकर बीट कांस्टेबल व अन्य पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये है। कहा कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही की जाएगी।
दरअसल, आरपीएफ में तैनात बीट कांस्टेबलों के लिये बीट बुक होती है। जिसमें डयूटी पर आने, जाने से लेकर ट्रेन की चेकिंग आदि का समय लिखना होता है। बीट चेंज होते ही बीट कांस्टेबल को बुक में आने व जाने का समय व हस्ताक्षर भी करने होते है। ताकि अधिकारियों को भी कांस्टेबलों के आने व जाने के समय आदि के बारे में जानकारी हो सके। मगर रोहतक के आरपीएफ थाने पर बीट कांस्टेबल इसमें लापरवाही कर रहे थे।
एसएचओ नरेंद्र सिंह ने करीब एक माह की बीट बुक का अवलोकन किया। जिसमें पाया गया है कि अधिकतर बीट कांस्टेबल ड्यूटी के दौरान जहां दिनांक व अपने हस्ताक्षर बुक में दर्ज नहीं कर रहे थे। वहीं चार्ज लेने व देने का समय भी नहीं लिखा जा रहा था। यह भी पता चला कि स्टाफ किसी गाड़ी को चैक करता है तो उसका ब्योरा भी नहीं लिखा जा रहा था। चार्ज लेने के दौरान पदनाम ंनहीं लिखा जा रहा था।
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एसएचओ ने सभी को निर्देश दिये कि सभी न सिर्फ दिनांक व हस्ताक्षर सही से लिखेंगे बल्कि कोई घटना घटित होती है तो उसे तुरंत ही रोजनामचे में भी दर्ज कराया जाएगा। ड्यूटी बीट का चार्ज भी रोजनामचे में सही तरह से दर्ज किया जाएगा। रोजनामचे का चार्ज लेने व देने वाले भी अपने अलग अलग हस्ताक्षर करेंगे। साथ ही बीट बुक को भी साफ सुथरा रखा जाएगा। बुक पूरी होने पर उसे रोजनामचे में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद कार्यालय से दूसरी बुक प्राप्त करेगा। एसएचओ ने इस संबंध में आदेश की एक कापी थाने पर भी चस्पा करा दी है।
लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही की जाएगी। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ पुलिसकर्मी हस्ताक्षर से लेकर समय भी दर्ज नही कर रहे थे। सभी को हिदायत दी गई है।
- एसपी सिंह, एसएचओ आरपीएफ
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बीट बुक में पुलिसकर्मियों द्वारा हस्ताक्षर व दिनांक अंकित न करने का खुलासा
- आरपीएफ थाना एसएचओ ने एक माह की बीट बुक का अवलोकन किया तो मिली बड़ी खामियां
- थाने पर ही नोटिस चिपकाकर दिये सुधार के निर्देश
- ट्रेनों की चेकिंग का ब्योरा भी बीट बुक में नहीं किया जा रहा दर्ज
- चार्ज लेने व देने वालों के हस्ताक्षर भी नहीं
महबूब अली
रोहतक।
आरपीएफ थाने पर तैनात कांस्टेबल बीट बुक में दिनांक से लेकर चार्ज लेने व देने का समय व हस्ताक्षर लिखने में लापरवाही बरत रहे हैं। यहीं नहीं ट्रेनों की चेकिंग का पूरा ब्योरा भी दर्ज नहीं किया जा रहा है। आरपीएफ एसएचओ ने इस संबंध में बीट बुक का अवलोकन किया तो इसका खुलासा हुआ। आरपीएफ एसएचओ ने लिखित में थाने पर ही नोटिस चस्पा कराकर बीट कांस्टेबल व अन्य पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये है। कहा कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही की जाएगी।
दरअसल, आरपीएफ में तैनात बीट कांस्टेबलों के लिये बीट बुक होती है। जिसमें डयूटी पर आने, जाने से लेकर ट्रेन की चेकिंग आदि का समय लिखना होता है। बीट चेंज होते ही बीट कांस्टेबल को बुक में आने व जाने का समय व हस्ताक्षर भी करने होते है। ताकि अधिकारियों को भी कांस्टेबलों के आने व जाने के समय आदि के बारे में जानकारी हो सके। मगर रोहतक के आरपीएफ थाने पर बीट कांस्टेबल इसमें लापरवाही कर रहे थे।
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एसएचओ नरेंद्र सिंह ने करीब एक माह की बीट बुक का अवलोकन किया। जिसमें पाया गया है कि अधिकतर बीट कांस्टेबल ड्यूटी के दौरान जहां दिनांक व अपने हस्ताक्षर बुक में दर्ज नहीं कर रहे थे। वहीं चार्ज लेने व देने का समय भी नहीं लिखा जा रहा था। यह भी पता चला कि स्टाफ किसी गाड़ी को चैक करता है तो उसका ब्योरा भी नहीं लिखा जा रहा था। चार्ज लेने के दौरान पदनाम ंनहीं लिखा जा रहा था।
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एसएचओ ने सभी को निर्देश दिये कि सभी न सिर्फ दिनांक व हस्ताक्षर सही से लिखेंगे बल्कि कोई घटना घटित होती है तो उसे तुरंत ही रोजनामचे में भी दर्ज कराया जाएगा। ड्यूटी बीट का चार्ज भी रोजनामचे में सही तरह से दर्ज किया जाएगा। रोजनामचे का चार्ज लेने व देने वाले भी अपने अलग अलग हस्ताक्षर करेंगे। साथ ही बीट बुक को भी साफ सुथरा रखा जाएगा। बुक पूरी होने पर उसे रोजनामचे में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद कार्यालय से दूसरी बुक प्राप्त करेगा। एसएचओ ने इस संबंध में आदेश की एक कापी थाने पर भी चस्पा करा दी है।
लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही की जाएगी। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ पुलिसकर्मी हस्ताक्षर से लेकर समय भी दर्ज नही कर रहे थे। सभी को हिदायत दी गई है।
- एसपी सिंह, एसएचओ आरपीएफ