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स्कूल निर्माण के लिए आए पैसे, मुख्य अध्यापिका ने खुद रखे, केस दर्ज
Updated Sat, 24 Jun 2017 02:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। स्कूल में निर्माण के लिए आई सरकारी राशि को मुख्य अध्यापिका ने बैंक से निकाला लेकिन पूरी राशि निर्माण में नहीं लगवाई। अब सरकारी राशि हड़पने के मामले में लाखनमाजरा थाने में रिटायर्ड मुख्य अध्यापिका पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। परियोजना समन्वयक अधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई की गई है।
पुलिस को दी शिकायत में जिला परियोजना समन्वयक अधिकारी ने बताया कि गिरावड़ के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय को वर्ष 2011-12 में सात लाख 55 हजार की पहली किश्त जारी की गई थी। इस राशि में स्कूल के अंदर एक लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम, आर्ट रूम और शौचालय बनना था। तत्कालीन मुख्य अध्यापिका करौंथा की ओमवती ने सारी राशि खर्च बताई। उनका कहना था कि छत निर्माण तक काम किया गया है। विभाग का दावा है कि ओमवती पर एक लाख चार हजार 420 रुपये की रिकवरी बनती है। आरोप है कि इसी तरह ओमवती को वर्ष 2012-13 में रैंप और शौचालय बनाने के लिए 70 हजार रुपये जारी किए गए। आरोप है कि ओमवती ने खाते से रुपये तो निकाल लिये लेकिन काम शुरू नहीं किया। इस संबंध में कई बार ओमवती को लिखित में रुपये जमा कराने का निवेदन भेजा गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अब विभाग की तरफ से दी गई शिकायत में इस केस से जुड़े प्राचार्यों और अन्य अध्यापकों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की गई है। शिक्षिका ओमवती रिटायर हो चुकी हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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रोहतक। स्कूल में निर्माण के लिए आई सरकारी राशि को मुख्य अध्यापिका ने बैंक से निकाला लेकिन पूरी राशि निर्माण में नहीं लगवाई। अब सरकारी राशि हड़पने के मामले में लाखनमाजरा थाने में रिटायर्ड मुख्य अध्यापिका पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। परियोजना समन्वयक अधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई की गई है।
पुलिस को दी शिकायत में जिला परियोजना समन्वयक अधिकारी ने बताया कि गिरावड़ के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय को वर्ष 2011-12 में सात लाख 55 हजार की पहली किश्त जारी की गई थी। इस राशि में स्कूल के अंदर एक लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम, आर्ट रूम और शौचालय बनना था। तत्कालीन मुख्य अध्यापिका करौंथा की ओमवती ने सारी राशि खर्च बताई। उनका कहना था कि छत निर्माण तक काम किया गया है। विभाग का दावा है कि ओमवती पर एक लाख चार हजार 420 रुपये की रिकवरी बनती है। आरोप है कि इसी तरह ओमवती को वर्ष 2012-13 में रैंप और शौचालय बनाने के लिए 70 हजार रुपये जारी किए गए। आरोप है कि ओमवती ने खाते से रुपये तो निकाल लिये लेकिन काम शुरू नहीं किया। इस संबंध में कई बार ओमवती को लिखित में रुपये जमा कराने का निवेदन भेजा गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अब विभाग की तरफ से दी गई शिकायत में इस केस से जुड़े प्राचार्यों और अन्य अध्यापकों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की गई है। शिक्षिका ओमवती रिटायर हो चुकी हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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