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पार्षद बोले- मेयर साहब! शराफत से काम नहीं चलेगा, वार्डों में म्हारे काम करवाओ या इस्तीफा ले लो

Thu, 21 May 2020 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2020 11:33 PM IST
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Councilor said - Mayor sir Sharafat will not work, get me done in wards or take resignation
पार्षदो के साथ बैठक करते मेयर मनमोहन गोयल। - फोटो : RohtakCity
नगर निगम के पार्षदों का डेढ़ साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। इस समय अवधि में अनदेखी होने पर लॉकडाउन के बीच वीरवार दोपहर करीब एक बजे 22 में से 10 पार्षद आवास पर मेयर मनमोहन गोयल से मिलने पहुंचे। उन्होंने दो टूक कहा कि मेयर साहब, शराफत से काम नहीं चलेगा। वार्डों में म्हारे काम करवाओ या इस्तीफा ले ले। इस पर मेयर ने उसी अंदाज में जवाब दिया कि मैं जहां कहोगे, साथ चलकर आवाज उठाने के लिए तैयार हूं, लेकिन तुम्हारे साथ धरने पर नहीं बैठूंगा। बैठक में तय हुआ शुक्रवार को पार्षद दोपहर 3 बजे निगम आयुक्त के सामने अपनी लिखित में परेशानियां लिखकर देंगे। इस दौरान कृष्ण सहारावत, तिलकराज चौहान, धर्मेंद्र गुलिया, सुनील उर्फ सोनू, जयभगवान ठेकेदार, मंजू हुड्डा के पति बिजेंद्र हुड्डा, कंचन खुराना के पति अशोक खुराना, दीपिका नारा के ससुर देवेंद्र नारा, पूनम किलोई के पति सूरजमल किलोई व पार्षद अनिल कुमार मौजूद रहे।
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याद रहे कि 19 दिसंबर 2018 को नगर निगम का चुनाव परिणाम आया। पहली बार सीधी वोट डालकर जनता ने भाजपा के मनमोहन गोयल को मेयर चुना, जबकि 22 पार्षद वार्डों से चुनकर पहुंचे। भाजपा ने जहां चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा, वहीं, कांग्रेस ने समर्थक प्रत्याशियों को मैदान में उतारा। 22 में से 8 पार्षद भाजपा से जीते और बाद में निर्दलीय पार्षद भी पार्टी ज्वाइन कर गए। अब हाउस में मेयर के अलावा भाजपा के 20 व कांग्रेस के मात्र 2 समर्थक पार्षद हैं।
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सीनियर व डिप्टी मेयर का अब तक चुनाव नहीं, कमेटियां तक नहीं बनी
मेयर के आवास पर पहुंचे पार्षदों ने कहा कि डेढ़ साल बाद भी सरकार ने सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं करवाया। यहां तक हाउस की कमेटियां तक गठित नहीं की गई। पार्टी के अंदर बात की जाती है तो कहां जाता है कि पूरे प्रदेश में एक साथ सीनियर व डिप्टी मेयर के चुनाव होंगे। चुनाव कब होंगे, पता ही नहीं। यूं को उनका कार्यकाल ही पूरा हो जाएगा। अभी तक लेकर तीन-चार मीटिंग हुई हैं।
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मेयर मनमोहन गोयल का उनके पास फोन आया था। बता रहे थे कि पार्षदों को कई शिकायतें हैं। तय हुआ है कि मेयर व पार्षद शुक्रवार को दोपहर बाद 3 बजे कार्यालय में मिलेंगे। जो दिक्कतें होंगी, उनको दूर करने का प्रयास किया जाएगा। सफाई कर्मियों की ड्यूटी पर सवाल उठाए गए हैं, उसकी जांच करवा रहे हैं। पहले ही इसकी लिखित में शिकायत आई हुई है।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम
सुबह अचानक 10 बजे वार्ड नंबर 13 से पार्षद पति अशोक खुराना का फोन आया। कहा कि पार्षद उसने मिलना चाहते हैं। एक बजे पार्षदों ने अपनी बात रखी। पार्षद निगम प्रशासन पर अनदेखी, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव न होने और विकास कार्य न होने से नाराज हैं। साथ ही सफाई कर्मियों की डयूटी को लेकर गड़बड़ी की बात सामने आई है। इस दौरान मैंने कहा कि जहां पार्षद कहेंगे वहां उनके साथ चलने के लिए तैयार हूं, लेकिन धरने पर नहीं बैठूंगा।
- मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
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डेढ़ साल पहले शहर की जनता ने न केवल पार्षदों, बल्कि मेयर को भी वोट डालकर उम्मीदों के साथ चुना था। लगातार अधिकारी पार्षदों की अनदेखी कर रहे हैं। मेयर शराफत का चौला ओढ़े हुए हैं। इसका अधिकारी फायदा उठाते हैं। मेयर से भी समय आने पर जनता जवाब मांगेगी।
- अनिल कुमार, पार्षद वार्ड नंबर 21
वार्डों के अंदर लोगों के काम नहीं होते। राशन वितरण में पार्षदों को कोई महत्व नहीं दिया गया। जबकि वे जनता के चुने प्रतिनिधि हैं। सबसे पहले लोग उनके पास आते हैं। डेढ़ साल से अनदेखी का दंश झेल रहे हैं। सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं कराया गया। सभी मांगों को कल निगम आयुक्त के सामने रखा जाएगा।
- कृष्ण सहरावत, पार्षद वार्ड नंबर 1
प्रशासन ने कोरोना संकट में सरकार की सहायता से वंचित लोगों का सर्वे कराया गया। अब उन हरे राशन कार्ड धारकों को कूपन भेजे जा रहे हैं, जिनको कोई सहायत नहीं मिली। आलम यह है कि 70 प्रतिशत लोगों को नाम काट दिए गए। सुभाष नगर में एक कूपन आया है। पुराने वार्ड 21 व 22 में सात कूपन आए हैं, उनमें तीन बाहर के लोगों के हैं। राधेश्याम के वार्ड में पुराना वार्ड 27 आता है, जहां दो कूपन आए हैं। ऐसे में पार्षद कहां जाएं।

- अशोक खुराना, पार्षद पति वार्ड नंबर 13
सफाई कर्मचारी कागजों में ज्यादा, फील्ड में कम, जांच करवाए निगम
नगर निगम में निजी एजेंसी के अलावा 741 कर्मचारी हैं। इसमें 487 अनुबंध के आधार पर नौकरी कर रहे हैं, जबकि बाकी पक्के कर्मचारी हैं। एक युवक ने निगम आयुक्त को शिकायत दी है कि ऐसे बहुत कर्मचारी हैं, जो फील्ड में ड्यूटी नहीं करते और निगम से बेवजह वेतन लेते हैं। इसकी एवन में कर्मचारियों के प्रधान संजय बिड़लान को पैसे देते हैं। साथ ही अधिकारियों की भी इसमें मिलीभगत है। मेयर से मिलने पहुंचे पार्षदों ने इसे गंभीर मामला मानते हुए जांच की मांग की है। मेयर ने निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा से फोन पर बात की। आयुक्त ने कहा कि वे जांच करवा रहे हैं। पार्षद भी अलग से मांग पत्र दे देंगे। पार्षदों ने कहा कि उनके दो पार्षदों को भी जांच टीम में शामिल किया जाए। उधर, निगम कर्मचारियों के प्रधान संजय बिड़लान का कहना है कि जिस युवक ने शिकायत दी र्है वह उससे व्यक्तिगत ईर्ष्या रखता है। क्योंकि उस युवक से जुड़ी कंपनी ने कर्मचारियों का 2014 में पूरा पीएफ जमा नहीं कराया। उसने आगे आवाज उठाई।
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