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रिहायशी इलाकों में चल रहे कोचिंग सेंटरों पर निगम कसेगा शिकंजा

Tue, 12 Apr 2022 12:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2022 12:30 AM IST
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Corporation will tighten the noose on coaching centers running in residential areas
रोहतक। नगर निगम ने रिहायशी इलाकों में बेधड़क चल रहे कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा कसने जा रहा है। इनको चिह्नित करने के लिए निगम ने पांच-पांच सदस्यीय दो टीमें गठित कर दी हैं। चिह्नित कोचिंग सेंटरों को 10 दिन में नोटिस थमाए जाएंगे। 15 दिन में कोचिंग सेंटर शिफ्ट नहीं करने पर सीलिंग कार्रवाई की जाएगी।
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नगर निगम प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि रिहायशी इलाकों में बड़े पैमाने पर कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इनमें सैकड़ों की संख्या में बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं, जिससे काफी दिक्कत हो रही है। शिकायत करने वालों में शामिल कुछ कानून के जानकार हैं, जिनका कहना है कि कोचिंग सेंटर का संचालन व्यावसायिक गतिविधि हैं, जो रिहायशी इलाकों में नहीं होनी चाहिए। इन लोगों ने निगम प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। इन शिकायतों के आने के बाद निगम प्रशासन सक्रिय हो गया है क्योंकि किसी रिहायशी भवन में व्यावसायिक गतिविधि संचालित होने पर प्रॉपर्टी टैक्स भी व्यावसायिक लगेगा। इसके चलते निगम प्रशासन रिहायशी इलाकों में चल रहे कोचिंग सेंटर पर सीलिंग की कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए कोचिंग सेंटरों के चिह्निकरण के साथ उनमें आने वाले विद्यार्थियों की संख्या का आकलन कराने के लिए पांच-पांच सदस्यीय दो टीमें गठित की गई है। दोनों टीमों को निर्देश दिए हैं कि दस दिन के अंदर सभी कोचिंग सेंटर का विवरण मुहैया कराया जाए, ताकि नोटिस की कार्रवाई की जा सके। निगम अधिकारियों का कहना है कि कोचिंग संचालकों को नोटिस देते हुए 15 दिन का समय दिया जाएगा। यदि वह नियमों का पालन नहीं करेंगे तो निगम सीधे सीलिंग की कार्रवाई करेगा।
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दरवाजों पर जमघट, वाहन खड़े होने से रास्ता होता है बंद
रिहायशी इलाकों में कोचिंग सेंटरों की वजह से आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। न सिर्फ दरवाजों पर विद्यार्थियों का जमघट लगा रहता है बल्कि वाहन खड़े होने से आवागमन का रास्ता भी बंद हो जाता है। जिस समय कोचिंग से क्लास खत्म होती है, उस समय जाम के हालात पैदा हो जाता है। ट्यूशन पढ़ने के लिए आने वाले छात्र-छात्राएं शोर मचाते रहते हैं। कुछ शरारती बच्चे गंदगी फैलाने से भी बाज नहीं आते हैं। इनकी आड़ में असामाजिक तत्वों भी नजर आते हैं।
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सुप्रीम कोर्ट से निर्धारित कोचिंग सेंटर के मानदंड
- कोई भी कोचिंग सेंटर रिहायशी इलाके में नहीं चल सकती है
- कोचिंग सेंटर आवागमन का रास्ता कम से कम 40 फुट का हो
- कॉमर्शियल बिजली का कनेक्शन व प्रॉपर्टी टैक्स देय होगा
- पड़ोस में रहने वालों की एनओसी (नो आब्जेक्शन सर्टीफिकेट) हो
ये इलाके हैं निशाने पर
डीएलएफ कॉलोनी, झंग कॉलोनी, मॉडल टाउन, सैनीपुरा, प्रेमनगर, शीला बाईपास के नजदीक की कॉलोनियां, सेक्टर-एक आदि।
करीब 800 कोचिंग सेंटर रिहायशी इलाकों में
निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर के रिहायशी इलाकों में बड़े स्तर पर करीब 800 कोचिंग सेंटर चल रही हैं। जिन बिल्डिंगों में इनका संचालन किया जा रहा है, उनका टैक्स आवासीय में अदा हो रहा है । इसके चलते निगम प्रशासन कोचिंग संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगा।

वर्जन -
रिहायशी इलाकों में बड़े स्तर पर कोचिंग चलने की कई शिकायतें मिली हैं, जो गलत है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार रिहायशी इलाके में कोचिंग का संचालन नहीं हो सकता है। शहर की कोचिंग सेंटरों को चिह्नित करने के लिए दो टीमें लगाई हैं। दस दिन के बाद सभी कोचिंग संचालक को नोटिस दिया जाएगा। नोटिस की हिदायत का पालन नहीं करने पर सीलिंग कार्रवाई होगी।
- अंकित गुलिया, जोनल टैक्स अधिकारी-दो
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