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त्योहारी सीजन में कोरोना चरम पर : नवंबर में पहली बार एक दिन में मिले 142 नए संक्रमित
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त्योहारी सीजन में एक ओर बाजार में भीड़ बढ़ रही है, दूसरी ओर कोरोना चरम पर जा रहा है। नवंबर माह में पहली बार मंगलवार को नए कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 142 पहुंच गया। इसके साथ ही जिले में कोरोना संक्रमितों का प्रतिशत 5.21 और रिकवरी रेट 88.52 प्रतिशत पहुंच गया है। इसके साथ ही जिले में दो और कोरोना संक्रमितों के उपचार के दौरान मौत के साथ ही मृतकों का आंकड़ा 85 हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंगलवार को जिले में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 926 हो गई है। इसमें से 42 पीजीआईएमएस में भर्ती हैं और 886 होम आइसोलेट हैं। विभाग की ओर से जिले में अब तक एक लाख 69 हजार से अधिक कोरोना के सैंपलों की जांच की जा चुकी है। जिले में कोरोना के अब तक 8828 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इसमें से 7815 कोरोना संक्रमित ठीक भी हो चुके हैं। विभाग को देर शाम तक 515 संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार था। स्वास्थ्य विभाग के एक्सपर्ट का कहना है कि यदि सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा के मानकों को नहीं माना गया तो पहली पीक से दूसरी पीक अधिक खतरनाक हो सकती है। पहली पीक की तुलना में दूसरी पीक में कोरोना संक्रमितों की संख्या अधिक तेजी से बढ़ रही है। यदि बात जिले में दो बार हुए सीरो सर्विलांस की करें तो अभी 88 प्रतिशत आबादी कोरोना से बची है, इसलिए कोरोना के तेजी से फैलने की अधिक आशंका है।
कोरोना ने 11 माह की बच्ची का छीन लिया जीवन
कोरोना संक्रमण ने पीजीआईएमएस में उपचार के लिए आई 11 माह की बच्ची का भी जीवन छीन लिया है। प्रदेश के सबसे बड़े कोविड अस्पताल में सबसे छोटी उम्र की बच्ची की यह पहली मौत है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच नवंबर की रात को हुई मौत को 10 नवंबर को सार्वजनिक किया है। बताया जा रहा है कि 11 माह की बच्ची को दो दिन से बुखार व खांसी की समस्या थी। जब उसे उपचार के लिए लाया गया तो उसके दिल की धड़कन व सांसें तेजी से चल रही थी। ऑक्सीजन की कमी के चलते उसे ऑक्सीजन दिया गया और तत्काल रेपिड एंटीजन किट से कोरोना की जांच करवाई गई। इसमें बच्ची को कोरोना का संक्रमण मिला। उपचार के दौरान बच्ची की तबीयत अधिक बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन कार्डिक अरेस्ट के चलते उसने दम तोड़ दिया। 11 माह की बच्ची की जिले में कोरोना से 84वीं व हनुमान कॉलोनी की 70 साल की बुजुर्ग महिला की 85वीं मौत की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है।
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जज, तहसीलदार, चार डॉक्टर-नर्सिंग की छात्रा, स्टेनो भी संक्रमित
जज, तहसीलदार, तीन डॉक्टर, पीजी डॉक्टर व नर्सिंग की छात्रा, स्टेनो, बैंक कर्मी, बुजुर्ग, गृहिणी, दुकानदार, बिजनेसमैन, विद्यार्थी, टिफिन सप्लायर, सॉफ्टवेयर डेवलपर, लेक्चरर, ट्यूशन टीचर, 11 माह की बच्ची, सरकारी टीचर, फल विक्रेता, सरकारी कर्मचारी, ईस्माइला अस्पताल की महिला स्टाफ, सीएमओ कार्यालय का स्टाफ, उपायुक्त कार्यालय का स्टाफ, एक माह का बच्चा, एमबीबीएस इंटर्न, दिल्ली मेट्रो का स्टाफ।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंगलवार को जिले में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 926 हो गई है। इसमें से 42 पीजीआईएमएस में भर्ती हैं और 886 होम आइसोलेट हैं। विभाग की ओर से जिले में अब तक एक लाख 69 हजार से अधिक कोरोना के सैंपलों की जांच की जा चुकी है। जिले में कोरोना के अब तक 8828 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इसमें से 7815 कोरोना संक्रमित ठीक भी हो चुके हैं। विभाग को देर शाम तक 515 संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार था। स्वास्थ्य विभाग के एक्सपर्ट का कहना है कि यदि सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा के मानकों को नहीं माना गया तो पहली पीक से दूसरी पीक अधिक खतरनाक हो सकती है। पहली पीक की तुलना में दूसरी पीक में कोरोना संक्रमितों की संख्या अधिक तेजी से बढ़ रही है। यदि बात जिले में दो बार हुए सीरो सर्विलांस की करें तो अभी 88 प्रतिशत आबादी कोरोना से बची है, इसलिए कोरोना के तेजी से फैलने की अधिक आशंका है।
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कोरोना ने 11 माह की बच्ची का छीन लिया जीवन
कोरोना संक्रमण ने पीजीआईएमएस में उपचार के लिए आई 11 माह की बच्ची का भी जीवन छीन लिया है। प्रदेश के सबसे बड़े कोविड अस्पताल में सबसे छोटी उम्र की बच्ची की यह पहली मौत है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच नवंबर की रात को हुई मौत को 10 नवंबर को सार्वजनिक किया है। बताया जा रहा है कि 11 माह की बच्ची को दो दिन से बुखार व खांसी की समस्या थी। जब उसे उपचार के लिए लाया गया तो उसके दिल की धड़कन व सांसें तेजी से चल रही थी। ऑक्सीजन की कमी के चलते उसे ऑक्सीजन दिया गया और तत्काल रेपिड एंटीजन किट से कोरोना की जांच करवाई गई। इसमें बच्ची को कोरोना का संक्रमण मिला। उपचार के दौरान बच्ची की तबीयत अधिक बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन कार्डिक अरेस्ट के चलते उसने दम तोड़ दिया। 11 माह की बच्ची की जिले में कोरोना से 84वीं व हनुमान कॉलोनी की 70 साल की बुजुर्ग महिला की 85वीं मौत की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है।
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जज, तहसीलदार, चार डॉक्टर-नर्सिंग की छात्रा, स्टेनो भी संक्रमित
जज, तहसीलदार, तीन डॉक्टर, पीजी डॉक्टर व नर्सिंग की छात्रा, स्टेनो, बैंक कर्मी, बुजुर्ग, गृहिणी, दुकानदार, बिजनेसमैन, विद्यार्थी, टिफिन सप्लायर, सॉफ्टवेयर डेवलपर, लेक्चरर, ट्यूशन टीचर, 11 माह की बच्ची, सरकारी टीचर, फल विक्रेता, सरकारी कर्मचारी, ईस्माइला अस्पताल की महिला स्टाफ, सीएमओ कार्यालय का स्टाफ, उपायुक्त कार्यालय का स्टाफ, एक माह का बच्चा, एमबीबीएस इंटर्न, दिल्ली मेट्रो का स्टाफ।