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Rohtak News: सांसद के गांव में दूषित पेयजल, हैंडपंप के पानी पर निर्भर ग्रामीण
Fri, 19 Apr 2024 05:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 19 Apr 2024 05:49 AM IST
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बादली। गांव एमपी माजरा भले ही क्षेत्र का सबसे छोटा गांव है लेकिन पेयजल की समस्या अभी तक गहराई है। गांव में करोड़ों रुपए खर्चकर जलघर बनाया गया है। जलघर की सफाई नहीं होने से पानी से बदबू आ रही है। हालांकि पानी को सप्लाई के बाद घरों तक पहुंचाया जा रहा है लेकिन पीने योग्य नहीं होने से ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर होना पड़ रहा है।
गांव की आबादी 800 के पार है और जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 125 कनैक्शन गांव में जारी किए गए हैं। दो गांवों में पेयजल की सप्लाई के लिए लाखों रुपए खर्च करने के बाद बड़ा जलघर बनाया गया है। सांसद अरविंद शर्मा का पैतृक गांव होने के बाद भी एमपी माजरा के जलघर की सफाई वर्षों से नहीं हुई है। जलघर पर कीमती मोटर और सिस्टम लगा है। इसके बाद भी गांव में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। गांव की महिलाएं हैंडपंप से पानी घर लाने को मजबूर है। जबकि कुछ परिवार पानी खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं। सावित्री, मंजू, शीला और पूनम ने बताया कि गांव के मंदिर में लगाए गए हैंडपंप से पानी ला रही हैं। क्योंकि घरों में सप्लाई होने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। गांव में कई जगह पर पाइप लाइन लीकेज है। लीकेज की वजह से दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से लाइन लीकेज होने से परेशानी हो रही है।
नहीं है पंचायत
एमपी माजरा गांव को बादली के साथ नगर पालिका में शामिल किया गया। बाद में नगर पालिका का दर्जा वापिस ले लिया गया। गांव में पंचायत के चुनाव नहीं हो सके हैं। ऐसे में कोई भी जन प्रतिनिधी ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए सांसद और विधायक आगे नहीं आ रहे हैं। ग्रामीण स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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जांच की जाएगी
गांव में पानी की सप्लाई नियमित की जा रही है। दूषित पानी की समस्या बनी है तो समाधान करवाया जाएगा। कहीं पर लीकेज के चलते समस्या बन सकती है। जिसके लिए कर्मचारियों को निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। कई बार क्लोरीन की मात्रा कम या ज्यादा होने से भी समस्या हो सकती है, जिसकी जांच की जाएगी।
- सर्वजीत सिंह, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग बादली।
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गांव की आबादी 800 के पार है और जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 125 कनैक्शन गांव में जारी किए गए हैं। दो गांवों में पेयजल की सप्लाई के लिए लाखों रुपए खर्च करने के बाद बड़ा जलघर बनाया गया है। सांसद अरविंद शर्मा का पैतृक गांव होने के बाद भी एमपी माजरा के जलघर की सफाई वर्षों से नहीं हुई है। जलघर पर कीमती मोटर और सिस्टम लगा है। इसके बाद भी गांव में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। गांव की महिलाएं हैंडपंप से पानी घर लाने को मजबूर है। जबकि कुछ परिवार पानी खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं। सावित्री, मंजू, शीला और पूनम ने बताया कि गांव के मंदिर में लगाए गए हैंडपंप से पानी ला रही हैं। क्योंकि घरों में सप्लाई होने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। गांव में कई जगह पर पाइप लाइन लीकेज है। लीकेज की वजह से दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से लाइन लीकेज होने से परेशानी हो रही है।
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नहीं है पंचायत
एमपी माजरा गांव को बादली के साथ नगर पालिका में शामिल किया गया। बाद में नगर पालिका का दर्जा वापिस ले लिया गया। गांव में पंचायत के चुनाव नहीं हो सके हैं। ऐसे में कोई भी जन प्रतिनिधी ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए सांसद और विधायक आगे नहीं आ रहे हैं। ग्रामीण स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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जांच की जाएगी
गांव में पानी की सप्लाई नियमित की जा रही है। दूषित पानी की समस्या बनी है तो समाधान करवाया जाएगा। कहीं पर लीकेज के चलते समस्या बन सकती है। जिसके लिए कर्मचारियों को निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। कई बार क्लोरीन की मात्रा कम या ज्यादा होने से भी समस्या हो सकती है, जिसकी जांच की जाएगी।
- सर्वजीत सिंह, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग बादली।