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बुखार, इनफ्लुएंजा व निमोनिया का साझा अटैक

Mon, 04 Oct 2021 01:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 04 Oct 2021 01:51 AM IST
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Common attack of fever, influenza and pneumonia
मानसून के बाद मौसम में आए बदलाव ने लोगों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ा दी हैं। वायरस व वायरल संक्रमण ने साझा अटैक किया है। इसके शिकार हुए लोगों की भीड़ ने अस्पतालों की ओपीडी फुल कर दी है। पीजीआई के मेडिसन विभाग व सिविल अस्पताल की ओपीडी में ही बुखार, इनफ्लुएंजा व निमोनिया के 500 से अधिक केस आ रहे हैं। इसके अलावा बदन दर्द, सर्दी, टाइफाइड व अन्य रोगों से पीड़ित होते हैं। इनकी संख्या में भी 300 से आसपास हैं।
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पीजीआई के मेडिसन विभाग की ओपीडी में इन दिनों 600 के आसपास है। इनमें से ज्यादातर मरीज बुखार, जुकाम, खांसी, गले में दर्द व इंफेक्शन के होते हैं। ये सभी लक्षण कोरोना से मेल खाते हैं। इन दिनों चल रहे बुखार, इनफ्लुएंजा, निमोनिया के लक्षण लगभग एक समान हैं। गले में दर्द या इंफेक्शन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे रहे लोगों के इन लक्षणों ने चिकित्सकों को भी असमंजस में डाल दिया है। कोरोना से मिलते जुलते लक्षणों के कारण मर्ज पहचाने के लिए डॉक्टर के अनुभव के बाद लैब की जांच रिपोर्ट भी सहारा है। इसी के आधार पर मरीज को इलाज दिया जा रहा है। यही वजह है कि हर दिन 500 से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच हो रही है। ओपीडी में आने वाले विभिन्न रोगों से पीड़ितों को कोरोना जांच के बाद ही राहत मिल पा रही है।
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होम्योपैथी के प्रति बढ़ रहा रुझान
सिविल अस्पताल में भी कुछ यही हाल है। यहां ओपीडी में मेडिसन विभाग के अलावा होम्योपैथी उपचार लेने वालों की भी लंबी कतार रहने लगी है। मेडिसन विभाग में करीब 300 मरीज आते हैं। होम्योपैथी में 70 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनमें से 15 प्रतिशत बच्चे होते हैं। लोगों को एलोपैथी के साथ होम्योपैथी उपचार की ओर भी रुझान बढ़ रहा है। होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. अरविंदम रॉय ओपीडी में मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
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मरीजों को सांस की दिक्कत ज्यादा
अस्पताल में आ रहे मरीजों को सांस की दिक्कत ज्यादा है। सांस लेने में परेशानी के चलते दम उखड़ता महसूस होता है। यह कोरोना की तरह है। इसमें भी मरीज की सांसें अटक जाती हैं। इससे बचने के लिए बेहतर है कि बरसाती मौसम में दही, लस्सी के सेवन से बचें। हल्दी वाला गर्म दूध लें। गर्म व ताजा खाना खाएं। विटामिन सी देने वाले आहार का सेवन करें। बीमार हो जाएं तो इलाज लें।
डेंगू का बढ़ रहा है खतरा
बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। डेंगू बुखार ने घर करना शुरू कर दिया है। जिले में अब तक 25 डेंगू मरीज सामने आ चुके हैं। इन केसों में तेजी आ रही है। पिछले वर्ष डेंगू के 19 केस सामने आए थे। मलेरिया का अब तक कोई भी केस सामने नहीं आया है।
मानसून के बाद मौसम में आए बदलाव के कारण बुखार, इनफ्लुएंजा व निमोनिया के केस बढ़ गए हैं। इन तीनों के लक्षण मिलते जुलते हैं। ये असमंजस जरूर पैदा करते हैं, मगर इनकी पहचान संभव है। चिकित्सक रोग की पहचान करने के बाद ही उपचार देता है। वायरल व संक्रमण के इस दौर में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। इन रोगों के थोड़े भी लक्षण नजर आएं तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। इसके अलावा मच्छर जनित रोग भी सामने आ रहे हैं। इसमें डेंगू मुख्य है।

- डॉ. ध्रुव चौधरी, एचओडी, पीसीसीएम विभाग, पीजीआई
इस मौसम में वायरल, नजला, जुकाम, बुखार के केस ज्यादा आ रहे हैं। इनके लक्षण एक-दूसरे से मिलते जुलते जरूर हैं, मगर यह कोरोना नहीं है। इसलिए डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। समय रहते जांच कराएं व उचित उपचार लें। गर्म खाना खाएं। दूध पीएं। विटामिन सी जरूर लें।
- डॉ. अरविंदम रॉय, होम्योपैथी विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल
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