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सीएम का पुतला फूंका, इस्तीफे की मांग
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प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के सदस्य। अमर उजाला
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वाम दलों, किसान व सामाजिक संगठनों ने सीएम मनोहर लाल के विवादित वीडियो को लेकर रोष प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग की। लघु सचिवालय पर सीएम का पुतला फूंका, करीब पौन घंटे धरना देने के बाद एसडीएम राकेश सैनी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान लघु सचिवालय के सामने सड़क पर एक साइड आवाजाही बंद रही। पुलिस ने वाहनों को दूसरी सड़क से निकाला।
सीपीएम, किसान सभा, सीटू, जनवादी महिला समिति, पिंक धरना समेत कई संगठनों के सदस्य मानसरोवर पार्क में इकट्ठे हुए। सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री का भड़काने वाला वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ है। उन्हें पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। उसके बाद प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए करीब साढ़े 12 बजे लघु सचिवालय पहुंचे। लघु सचिवालय का गेट बंद था, प्रदर्शनकारियों ने गेट को धक्का देकर खोलने की कोशिश की। लेकिन काफी पुलिसकर्मी मौजूद थे। इस दौरान डीडीपीओ उनका ज्ञापन लेने आए। लेकिन किसानों ने गेट के सामने ही धरना दे दिया।
करीब पौन घंटे बाद एसडीएम राकेश सैनी ने उनका ज्ञापन लिया। किसान सभा के राज्य उप प्रधान इंद्रजीत सिंह ने नारायणगढ़ में सांसद नायब सिंह सैनी के ड्राइवर द्वारा किसानों पर गाड़ी चढ़ाने की निंदा की, उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। पार्षद कदम सिंह अहलावत ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों को रौंदा गया, अब विपक्ष को उनके परिवारों से न मिलने देना लोकतंत्र की हत्या है। जगमति सांगवान ने कहा कि किसान आंदोलन को हिंसा में डुबोना भाजपा की हताशा पूर्ण रणनीति है। सभा को राकेश गर्ग, विनोद देसवाल और अशोक मायना ने भी संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता प्रीत सिंह, राजकुमारी दहिया, सतवीर सिंह ने की। प्रदर्शन में यूएस दलाल, डॉ. रणबीर दरिया, जगबीर हुड्डा, सुमित दलाल, अजय बल्हारा, महावीर, विमला हुड्डा, कमलेश लाहली, प्रशांत नितिन, अनीता व गायत्री भी शामिल हुए।
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सीपीएम, किसान सभा, सीटू, जनवादी महिला समिति, पिंक धरना समेत कई संगठनों के सदस्य मानसरोवर पार्क में इकट्ठे हुए। सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री का भड़काने वाला वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ है। उन्हें पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। उसके बाद प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए करीब साढ़े 12 बजे लघु सचिवालय पहुंचे। लघु सचिवालय का गेट बंद था, प्रदर्शनकारियों ने गेट को धक्का देकर खोलने की कोशिश की। लेकिन काफी पुलिसकर्मी मौजूद थे। इस दौरान डीडीपीओ उनका ज्ञापन लेने आए। लेकिन किसानों ने गेट के सामने ही धरना दे दिया।
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करीब पौन घंटे बाद एसडीएम राकेश सैनी ने उनका ज्ञापन लिया। किसान सभा के राज्य उप प्रधान इंद्रजीत सिंह ने नारायणगढ़ में सांसद नायब सिंह सैनी के ड्राइवर द्वारा किसानों पर गाड़ी चढ़ाने की निंदा की, उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। पार्षद कदम सिंह अहलावत ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों को रौंदा गया, अब विपक्ष को उनके परिवारों से न मिलने देना लोकतंत्र की हत्या है। जगमति सांगवान ने कहा कि किसान आंदोलन को हिंसा में डुबोना भाजपा की हताशा पूर्ण रणनीति है। सभा को राकेश गर्ग, विनोद देसवाल और अशोक मायना ने भी संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता प्रीत सिंह, राजकुमारी दहिया, सतवीर सिंह ने की। प्रदर्शन में यूएस दलाल, डॉ. रणबीर दरिया, जगबीर हुड्डा, सुमित दलाल, अजय बल्हारा, महावीर, विमला हुड्डा, कमलेश लाहली, प्रशांत नितिन, अनीता व गायत्री भी शामिल हुए।
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