फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Cleared the way for genome investigation in MDU, included in the consortium

एमडीयू में जीनोम जांच का रास्ता साफ, कंसोर्टियम में हुई शामिल

Fri, 31 Dec 2021 01:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 31 Dec 2021 01:12 AM IST
विज्ञापन
Cleared the way for genome investigation in MDU, included in the consortium
रोहतक। एमडीयू की जीनोम सीक्वेंसिंग लैबोरेटरी (जीएसएल) में जीनोम जांच का रास्ता साफ हो गया है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने इसे इंडियन एसएआरएस-सीओवी-2 जेनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) में शामिल कर लिया है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से इस संबंध में विवि अधिकारिक पत्र प्राप्त हो गया है। कंसोर्टियम में शामिल देश की चार लैबों में से एक नाम एमडीयू का है।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक शोध प्रगति यात्रा में साल के आखिरी दिन एक और उपलब्धि जुड़ गई। इसके साथ ही एमडीयू इंडियन जेनोमिक्स कंसोर्टियम में शामिल एकमात्र विश्वविद्यालय बन गया है। एमडीयू के अलावा इस कंसोर्टियम में चिकित्सीय/शोध संस्थान- एसएमएस मेडिकल कालेज जयपुर, पास्चर मॉलीक्यूलर लेबोरेटरी शिलांग, स्टेट पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी चेन्नई व लोक नायक अस्पताल एवं मौलाना आजाद मेडिकल कालेज नई दिल्ली शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन

अब एमडीयू देगा वायरस की जानकारी
इंडियन एसएआरएस-सीओवी-2 जेनोमिक्स कंसोर्टियम के तहत कोविड-19 के संबंधित आरएनए सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग संभव होगी। कोविड वायरस कौन सा है या उसका स्वरूप क्या है, अब यह जानकारी हमें एमडीयू देगा। फिलहाल ये सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे जा रहे हैं। एमडीयू के शोध निदेशक प्रो. अनिल कुमार छिल्लर इस जीनोम सीक्वेंसिंग कार्य का समन्वयन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

लैब का 11 अक्तूबर को हुआ था उद्घाटन
एमडीयू में 11 अक्तूबर को आर्य भट्ट सेंट्रल इंस्ट्रयूमेंटेशन लेबोरेट्री में इस नेक्स्ट जेनरेशन जीनोम सीक्वेंसिंग लेबोरेटरी का उद्घाटन कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने किया था। इस लैब में वायरल, माइक्रोबियल, एनिमल, प्लांट व एनवायरमेंटल जीनोम की सीक्वेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है। इस उन्नत प्रयोगशाला के शोध संबंधित कार्यों से न केवल एमडीयू का शोध इको-सिस्टम सुदृढ़ होगा, बल्कि नवोन्मेषी चिकित्सीय समाधान भी सुनिश्चित होगा।

वर्जन:
भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने एमडीयू को जीनोम जांच का दायित्व दिया है। इसके लिए विवि परिवार सरकार का आभारी है। इस इंडियन जेनोमिक्स कंसोर्टियम में एमडीयू एकमात्र विश्वविद्यालय है। एमडीयू की जीएसएल जीनोम जांच के लिए तैयार है।
- प्रो. राजबीर सिंह, कुलपति, एमडीयू।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed