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Mahendragarh-Narnaul News: गायनी विभाग में गिरा छत का प्लास्टर, बाल-बाल बची महिला व नवजात
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नारनौल। नागरिक अस्पताल के गायनी विभाग की छत का प्लास्टर मंगलवार रात को अचानक भरभराकर गिर गया। प्लास्टर गिरने वाले कमरे उस समय पर एक महिला अपने नवजात बच्चे के साथ बेड पर मौजूद थी। गनीमत रही प्लास्टर गिरने से पहले महिला ने अपने बच्चे को दूध पिलाने के लिए अपनी गोद में उठा लिया था अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं उक्त घटना के बाद गायनी विभाग में मौजूद महिलाओं में भय का माहौल बना हुआ है, क्योंकि गायनी विभाग की सहित नागरिक अस्पताल का लगभग पूरा भवन जर्जर अवस्था में है जबकि लोक निर्माण विभाग ने भी उक्त भवन को नकारा घोषित किया हुआ है, लेकिन विभाग के पास दूसरा कोई भवन नहीं होने के कारण ओपीडी व गायनी विभाग ने इस जर्जर भवन में चलाया जा रहा है।
कहने को तो नारनौल का नागरिक अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर सरकार ने नागरिक अस्पताल को 200 बेड के अस्पताल का दर्जा दिया गया है। इसके तहत नया भवन बनाने का कार्य भी शुरू किया गया है, लेकिन बजट के अभाव में नए भवन का निर्माण कार्य पिछले एक साल से अटका हुआ है। नए भवन का निर्माण कार्य नहीं होने के कारण विभाग की ओर से सामान्य ओपीडी के अलावा गायनी विभाग सहित अन्य जरूरी सेवाएं पुराने भवन में संचालित की जा रही है।
पहले भी गिर चुका है भवन का प्लास्टर
नागरिक अस्पताल नारनौल की भवन जर्जर हालत होने के कारण लोक निर्माण विभाग की ओर से उक्त भवन को उपयोग करने लायक नहीं मानते हुए अपनी रिपोर्ट दर्ज की है, क्योंकि भवन बिल्कुल जर्जर हो चुका है। कुछ समय पूर्व अस्पताल के कई हिस्सों का प्लास्टर भरभराकर गिर चुका है। हालांकि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ है, लेकिन हादसे की संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता है, क्योंकि मंगलवार रात्रि को गायनी विभाग के जच्चा-बच्चा वार्ड में छत का प्लास्टर वार्ड में भर्ती एक महिला के बेड पर गिर गया। गनीमत रही महिला उस समय अपने नवजात को दूध पिलाने के लिए बेड के दूसरे तरफ बैठी हुई थी। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
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नए भवन का एक मंजिल निर्माण कार्य भी नहीं हुआ पूरा
लोक निर्माण विभाग की ओर से उक्त भवन का जर्जर घोषित किए जाने के बाद जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा 200 बेड के नए भवन का निर्माण की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार 200 बेड के भवन निर्माण का कार्य वर्ष 2021 में शुरू किया गया था, लेकिन दो साल बाद भी भवन की एक मंजिल का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
मामला उनके संज्ञान में आया है। जो कमी है, उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. धर्मेंद्र सांगवान, एमएस, सिविल अस्पताल, नारनौल
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कहने को तो नारनौल का नागरिक अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर सरकार ने नागरिक अस्पताल को 200 बेड के अस्पताल का दर्जा दिया गया है। इसके तहत नया भवन बनाने का कार्य भी शुरू किया गया है, लेकिन बजट के अभाव में नए भवन का निर्माण कार्य पिछले एक साल से अटका हुआ है। नए भवन का निर्माण कार्य नहीं होने के कारण विभाग की ओर से सामान्य ओपीडी के अलावा गायनी विभाग सहित अन्य जरूरी सेवाएं पुराने भवन में संचालित की जा रही है।
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पहले भी गिर चुका है भवन का प्लास्टर
नागरिक अस्पताल नारनौल की भवन जर्जर हालत होने के कारण लोक निर्माण विभाग की ओर से उक्त भवन को उपयोग करने लायक नहीं मानते हुए अपनी रिपोर्ट दर्ज की है, क्योंकि भवन बिल्कुल जर्जर हो चुका है। कुछ समय पूर्व अस्पताल के कई हिस्सों का प्लास्टर भरभराकर गिर चुका है। हालांकि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ है, लेकिन हादसे की संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सकता है, क्योंकि मंगलवार रात्रि को गायनी विभाग के जच्चा-बच्चा वार्ड में छत का प्लास्टर वार्ड में भर्ती एक महिला के बेड पर गिर गया। गनीमत रही महिला उस समय अपने नवजात को दूध पिलाने के लिए बेड के दूसरे तरफ बैठी हुई थी। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
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नए भवन का एक मंजिल निर्माण कार्य भी नहीं हुआ पूरा
लोक निर्माण विभाग की ओर से उक्त भवन का जर्जर घोषित किए जाने के बाद जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा 200 बेड के नए भवन का निर्माण की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार 200 बेड के भवन निर्माण का कार्य वर्ष 2021 में शुरू किया गया था, लेकिन दो साल बाद भी भवन की एक मंजिल का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
मामला उनके संज्ञान में आया है। जो कमी है, उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. धर्मेंद्र सांगवान, एमएस, सिविल अस्पताल, नारनौल