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Rohtak News: यूएचएस में नकल का खेल मामला..... विवि ने 24 विद्यार्थियों की बनाई यूएमसी, सुनवाई आज से
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16सीटीके32-यूएचएस का प्रवेश द्वार। संवाद
रोहतक।
यूएचएस (यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस) में नकल के खेल में सामने आए 24 विद्यार्थियों की यूएमसी बना दी गई है। साथ ही 17 से 19 मार्च तक इन सभी यूएमसी केसों की सुनवाई का समय निर्धारित कर दिया गया है। अनुशासनात्मक कमेटी इन विद्यार्थियों से पूछताछ कर तथ्यों की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
एमबीबीएस में फेल विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका निकाल कर उनमें छेड़छाड़ पास कराने के खेल में पुलिस की जांच जारी है। इससे इतर यूएचएस प्रशासन ने 24 विद्यार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उनके यूएमसी केस बना दिए हैं। अब इनकी सुनवाई होगी। इसके लिए विवि ने 17 से 19 मार्च का समय निर्धारित किया है। यहां विद्यार्थियों से पूछताछ कर टीम तथ्य जुटाएगी व इनकी पुष्टि की जाएगी। इसक आधार पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी। इसकेे लिए विवि प्रशासन ने अनुशासनात्मक कमेटी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इस कमेटी के प्रभारी पीजीआईएमएस के निदेशक होंगे। निदेशक टीम प्रभारी के रूप में अपने सदस्यों के साथ यूएमसी केसों की सोमवार से सुनवाई करेंगे।
यूएमसी कमेटी करती है सुनवाई
यूएचएस में आमतौर पर यूएमसी केसों की सुनवाई यूएमसी कमेटी करती है। इसका चेयरमैन या प्रभारी वरिष्ठ प्रोफेसर होता है। परीक्षा नियंत्रक इसमें सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। एमबीबीएस विद्यार्थियों का नकल का यह मामला आपराधिक है, इसलिए यह केस यूएमसी कमेटी के बजाय अनुशासनात्मक कमेटी को दिया गया है।
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एमबीबीएस परीक्षार्थियों के मामले में पुलिस जांच कर रही है। नकल के मामले में दर्ज एफआईआर में शामिल विद्यार्थियों को बुलाया गया है। अनुशासनात्मक कमेटी इनसे बातचीत कर तथ्यों की पुष्टि करेगी। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति, यूएचएस।
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यह है मामला
यूएचएस में नकल के खेल मामले की एक विद्यार्थी ने शिकायत की थी। विजिलेंस के साथ यूएचएस को भी दस्तावजों व वीडियो के साथ शिकायत दी गई थी। इसमें परीक्षा शाखा से उत्तरी पुस्तिकाएं निकाल कर बाहर ले जाने व लिखी हुए उत्तर साफ कर दोबारा उत्तर लिख कर एमबीबीएस के फेल विद्यार्थियों को पास कराने की बात कही गई थी। इसके लिए औसतन पांच लाख रुपये प्रति विद्यार्थी प्रति पेपर वसूलने का भी आरोप लगाया गया था। इस मामले में एक माह पूर्व विवि प्रशासन जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने पर विवि प्रशासन ने कार्रवाई की। पुलिस इस मामले में केस दर्ज कर आरोपी रोशन लाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जल्दी ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी उम्मीद है।
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यूएचएस (यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस) में नकल के खेल में सामने आए 24 विद्यार्थियों की यूएमसी बना दी गई है। साथ ही 17 से 19 मार्च तक इन सभी यूएमसी केसों की सुनवाई का समय निर्धारित कर दिया गया है। अनुशासनात्मक कमेटी इन विद्यार्थियों से पूछताछ कर तथ्यों की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
एमबीबीएस में फेल विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका निकाल कर उनमें छेड़छाड़ पास कराने के खेल में पुलिस की जांच जारी है। इससे इतर यूएचएस प्रशासन ने 24 विद्यार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उनके यूएमसी केस बना दिए हैं। अब इनकी सुनवाई होगी। इसके लिए विवि ने 17 से 19 मार्च का समय निर्धारित किया है। यहां विद्यार्थियों से पूछताछ कर टीम तथ्य जुटाएगी व इनकी पुष्टि की जाएगी। इसक आधार पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी। इसकेे लिए विवि प्रशासन ने अनुशासनात्मक कमेटी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इस कमेटी के प्रभारी पीजीआईएमएस के निदेशक होंगे। निदेशक टीम प्रभारी के रूप में अपने सदस्यों के साथ यूएमसी केसों की सोमवार से सुनवाई करेंगे।
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यूएमसी कमेटी करती है सुनवाई
यूएचएस में आमतौर पर यूएमसी केसों की सुनवाई यूएमसी कमेटी करती है। इसका चेयरमैन या प्रभारी वरिष्ठ प्रोफेसर होता है। परीक्षा नियंत्रक इसमें सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। एमबीबीएस विद्यार्थियों का नकल का यह मामला आपराधिक है, इसलिए यह केस यूएमसी कमेटी के बजाय अनुशासनात्मक कमेटी को दिया गया है।
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एमबीबीएस परीक्षार्थियों के मामले में पुलिस जांच कर रही है। नकल के मामले में दर्ज एफआईआर में शामिल विद्यार्थियों को बुलाया गया है। अनुशासनात्मक कमेटी इनसे बातचीत कर तथ्यों की पुष्टि करेगी। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति, यूएचएस।
यह है मामला
यूएचएस में नकल के खेल मामले की एक विद्यार्थी ने शिकायत की थी। विजिलेंस के साथ यूएचएस को भी दस्तावजों व वीडियो के साथ शिकायत दी गई थी। इसमें परीक्षा शाखा से उत्तरी पुस्तिकाएं निकाल कर बाहर ले जाने व लिखी हुए उत्तर साफ कर दोबारा उत्तर लिख कर एमबीबीएस के फेल विद्यार्थियों को पास कराने की बात कही गई थी। इसके लिए औसतन पांच लाख रुपये प्रति विद्यार्थी प्रति पेपर वसूलने का भी आरोप लगाया गया था। इस मामले में एक माह पूर्व विवि प्रशासन जांच कमेटी गठित की थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने पर विवि प्रशासन ने कार्रवाई की। पुलिस इस मामले में केस दर्ज कर आरोपी रोशन लाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जल्दी ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी उम्मीद है।