रोहतक: चंडीगढ़ का सफर हुआ महंगा, एक साल बाद मकड़ौली टोल चालू, 17 गांवों ने मांगी छूट
टोल चालू होने के बाद कार चालक को एक तरफ के 140 रुपये देने होंगे। मकड़ौली टोल किसान आंदोलन के चलते लंबे समय से बंद पड़ा था। आंदोलन स्थगित होने के बाद नई कंपनी ने टोल का प्रबंधन संभाला है। शनिवार को टोल पर आसपास के ग्रामीणों की पंचायत हुई और 17 गांवों के लिए टोल फ्री सुविधा मांगी। अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन से बात कर दो दिन में उचित निर्णय लेने का भरोसा दिया।
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रोहतक वासियों के लिए चंडीगढ़ तक का सफर एक साल बाद फिर महंगा हो गया है, क्योंकि रोहद, डीघल व मदीना के बाद मकड़ौली टोल भी चालू हो गया है। अब फास्ट टैग लगाने पर कार के एक तरफ के 140 रुपये देने होंगे, जबकि बिना फास्ट टैग दोगुनी राशि टोल प्रबंधन वसूल करेगा। अब तक फ्री में वाहन चालक गुजर रहे थे।
शुक्रवार से टोल कंपनी ने वाहन चालकों से वसूली शुरू कर दी। वहीं शनिवार को टोल पर आसपास के ग्रामीणों की पंचायत हुई और 17 गांवों के लिए टोल फ्री सुविधा मांगी। टोल के स्थानीय अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन से बात कर दो दिन में उचित निर्णय लेने का भरोसा दिया।
जिले में चारों तरफ मुख्य मार्गों पर टोल बनाए गए हैं। इसमें दिल्ली रोड पर सांपला से आगे रोहद, हिसार रोड पर मदीना व झज्जर रोड पर डीघल के पास टोल बना हुआ है। जबकि पानीपत मार्ग पर मकड़ौली के पास टोल है। तीन कृषि कानून के विरोध में करीब एक साल किसान आंदोलन चला, जिसके चलते मकड़ौली टोल को बंद करके आसपास के ग्रामीणों द्वारा धरना दिया जा रहा था। पिछले माह केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून रद्द कर दिए।
इसके चलते किसान आंदोलन स्थगित हो गया। ऐसे में रोहद, डीघल व मदीना के बाद अब शुक्रवार को मकड़ौली टोल चालू कर दिया गया। टोल जयपुर की एक कंपनी ने संचालन के लिए लिया है। सरकार ने टोल चालू करने के साथ शुल्क में पांच से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
ये हैं मकड़ौली टोल का नया शुल्क
वाहन एक तरफ 24 घंटे में आना-जाना मासिक
- कार/जीप 140 210 4640
- एलसीवी 210 320 7060
- बस/ट्रक 425 640 14175
- भारी वाहन 640 960 21345
नोट : टोल कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अगर फास्ट टैग नहीं है तो दोगुना शुल्क वसूला जाएगा। ऐसे में सभी फास्ट टैग लगवाएं।
टोल पर हुई पंचायत, 17 गांवों के लिए मांगा फ्री सफर
शनिवार को आसपास के गांवों की एक पंचायत टोल पर हुई, जिसमें मुख्य तौर पर राजू मकड़ौली, धामड़ गांव के सरपंच वजीर, अशोक जसिया, उमेद सिंह रिठाल पूर्व सरपंच, निशु सरपंच जसिया, रणधीर किसान यूनियन जिला प्रधान धामड़ और 70 के करीब ग्रामीण मौजूद रहे। डीएसपी मुख्यालय सज्जन सिंह भी मौके पर पहुंचे। टोल संचालन कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया। ग्रामीणों ने 17 गांवाें की सूची टोल कंपनी को सौंपी। मांग की कि उक्त ग्रामीणों के निजी वाहनों को फ्री में निकाला जाए, जबकि कामर्शियल वाहनों के जीरो पास बनाए जाएं। साथ ही किसान यूनियन की गाड़ी से भी शुल्क न लिया जाए। कंपनी के मैनेजर ने उचित कदम उठाने का भरोसा दिया।
पंचायत ने सौंपी उक्त गांवों की सूची
रिठाल, घिलौड़ कलां व खुर्द, जसिया, काहनी, सांघी, खिड़वाली, कटवाड़ा, जिंदरान, ब्राह्मणवास, बसंतपुर, धामड़, मकरौली कलां व खुर्द, चमारिया, घुसकानी व ससरौली।
ग्रामीणों ने एक लिखित पत्र सौंपा है, जिसमें टोल शुल्क माफ करने की मांग की गई है। कंपनी प्रबंधन को सूची भेज दी गई है। रविवार शाम तक निर्णय ले लिया जाएगा। - जसबीर सिंह, मैनेजर टोल कंपनी
ग्रामीणों को किलोमीटर दायरे में नहीं, बल्कि आसपास के 17 गांवों का टोल शुल्क माफ किया जाए। इसके लिए पंचायत करके गांवों की सूची टोल प्रबंधन कंपनी को सौंप दी है। - राजू मकड़ौली, किसान नेता