{"_id":"647bac2621ac63df6106fcb5","slug":"chairs-removed-from-mdu-booths-fury-in-student-organizations-rohtak-news-c-17-roh1020-169182-2023-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: एमडीयू के बूथों से हटीं कुर्सियां, छात्र संगठनों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: एमडीयू के बूथों से हटीं कुर्सियां, छात्र संगठनों में रोष
विज्ञापन
रोहतक।
एमडीयू में बने 10 से ज्यादा बूथों पर बैठकर विद्यार्थी चाय की चुस्की नहीं ले सकेंगे। इसके लिए विवि प्रशासन ने यहां से कुर्सियां हटा दी हैं। विवि में हाल में हुई छात्राओं से अभद्रता व गार्ड को टक्कर मारने के मामले के बाद एमडीयू शिक्षक संघ ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग उठाते हुए कक्षा के बजाय बूथों पर लगने वाली भीड़ हटाने की प्रशासन से अपील की थी। इसके चलते बूथों के बाहर दूर तक बिखरी रहने वाली कुर्सियां समेट दी गई हैं। विवि के इस फैसले से छात्र संगठनों में रोष है।
शनिवार को एमडीयू परिसर स्थित विभिन्न बूथों पर सन्नाटा नजर आया। यहां बूथ के चारों ओर बिखरी रहने वाली कुर्सियां समेट कर एक तरफ रखी गई हैं। अब से कैंपस में बूथ के बाहर विद्यार्थी नहीं बैठेंगे। उन्हें अपने विभाग या कक्षाओं में जाना होगा। छात्र संगठनों का कहना है कि कैंपस में विद्यार्थियों के चाय पीने, खाना खाने या चर्चा करने की कोई जगह नहीं है। कैंपस में हाल ही में खुले दर्जन भर बूथ राहत दे रहे थे। इनके बाहर कुर्सी पर बैठकर वे कुछ देर अपने मुद्दों पर चर्चा कर सकते थे। अब यह व्यवस्था भी छिन गई है। इसलिए विवि की टीचिंग व नॉन टीचिंग एसोसिएशन अपने फैसले पर पुन: विचार करें।
विज्ञापन
एमडीयू में बने 10 से ज्यादा बूथों पर बैठकर विद्यार्थी चाय की चुस्की नहीं ले सकेंगे। इसके लिए विवि प्रशासन ने यहां से कुर्सियां हटा दी हैं। विवि में हाल में हुई छात्राओं से अभद्रता व गार्ड को टक्कर मारने के मामले के बाद एमडीयू शिक्षक संघ ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग उठाते हुए कक्षा के बजाय बूथों पर लगने वाली भीड़ हटाने की प्रशासन से अपील की थी। इसके चलते बूथों के बाहर दूर तक बिखरी रहने वाली कुर्सियां समेट दी गई हैं। विवि के इस फैसले से छात्र संगठनों में रोष है।
शनिवार को एमडीयू परिसर स्थित विभिन्न बूथों पर सन्नाटा नजर आया। यहां बूथ के चारों ओर बिखरी रहने वाली कुर्सियां समेट कर एक तरफ रखी गई हैं। अब से कैंपस में बूथ के बाहर विद्यार्थी नहीं बैठेंगे। उन्हें अपने विभाग या कक्षाओं में जाना होगा। छात्र संगठनों का कहना है कि कैंपस में विद्यार्थियों के चाय पीने, खाना खाने या चर्चा करने की कोई जगह नहीं है। कैंपस में हाल ही में खुले दर्जन भर बूथ राहत दे रहे थे। इनके बाहर कुर्सी पर बैठकर वे कुछ देर अपने मुद्दों पर चर्चा कर सकते थे। अब यह व्यवस्था भी छिन गई है। इसलिए विवि की टीचिंग व नॉन टीचिंग एसोसिएशन अपने फैसले पर पुन: विचार करें।
विज्ञापन