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Rohtak News: चेयरमैन और वाइस चेयरमैन ने एक-दूसरे को बाहर जाने को बोला, महिला पार्षदों ने 20 लाख लेने के लगाए आरोप

Sat, 27 Jul 2024 12:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2024 12:30 AM IST
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Chairman and Vice Chairman asked each other to go out, women councilors accused of taking 20 lakhs
रोहतक। शुक्रवार को विकास कार्यों पर मंथन के लिए बुलाई गई जिला परिषद की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के बीच झड़प तक की नौबत आ गई। इन दोनों के नेतृत्व में पार्षदों के दो गुट आपस में भिड़ गए। दो महिला पार्षदों की भी आपस में तू-तड़ाक हुई। इनमें से एक ने अपशब्द कहे तो दूसरी राेते हुए बैठक छोड़कर निकल गई। बैठक में हंगामे से माहौल तनावपूर्ण हो गया तो पुलिस को बुलाना पड़ा। चेयरमैन मंजू हुड्डा व वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा ने एक-दूसरे को हाउस से बाहर जाने के लिए कहा। तीन घंटे चली हंगामेदार बैठक विकास कार्यों पर मंथन के बिना कानूनी राय लेने की सहमति के साथ खत्म हो गई।
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चेयरमैन-वाइस चेयरमैन ने एक-दूसरे को बाहर जाने के लिए कहा
रोहतक की जिला परिषद में 14 पार्षद हैं, इसमें भाजपा समर्थित वार्ड-5 की पार्षद मंजू हुड्डा चेयरमैन हैं। कांग्रेस समर्थित वार्ड-4 के पार्षद अनिल हुड्डा वाइस चेयरमैन हैं। सुबह करीब साढ़े 11 बजे बैठक हुई। वाइस चेयरमैन ने कहा कि 14 में से 9 पार्षद उनके साथ हैं। अब हाउस की बैठक बहुमत के साथ चलेगी। उनके वार्डों में विकास नहीं हुआ। जवाब में चेयरमैन ने कहा कि पार्षद पिछली बैठक में हस्ताक्षर करके नहीं गए, इसलिए 4 करोड़ के काम रुक गए, इसमें उनकी गलती नहीं है। हाउस की बैठक चेयरमैन की अध्यक्षता में ही होगी। जो एजेंडा जारी हुआ है, उसके बाहर के एजेंडे स्वीकार नहीं होंगे। वाइस चेयरमैन ने कहा कि हाउस ने बहुमत से सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी की राय है कि हाउस की बैठक में पार्षदों की ओर से दिए एजेंडे पास होंगे। जबकि, सीईओ की ओर से जारी एजेंडा रद्द कर दिया जाता है। इसी बात को लेकर हंगामा हो गया। चेयरमैन ने कहा कि कुछ लोग जनता के काम होने देना नहीं चाहते, इसलिए रुकावट डाल रहे हैं। अगर उनको काम नहीं करवाने तो हाउस से चले जाएं। इस पर वाइस चेयरमैन ने कहा कि वे जनप्रतिनिधि हैं। यूं बाहर जाने के लिए नहीं कह सकते। चेयरमैन चाहे तो खुद चली जाएं। करीब तीन बजे तक चले हंगामे के बाद बैठक दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर अड़े रहने के चलते खत्म हो गई।
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महिला पार्षद भिड़ी, 20-20 लाख रुपये लेने के लगाए आरोप
वार्ड-12 की पार्षद सुमन और वार्ड-11 से पार्षद दीपिका के बीच गहने पहनने काे लेकर बहस शुरू हुई। पार्षद सुमन के चेन-अंगूठी पहनने पर जब दीपिका ने टिप्पणी की तो उन्होंने कहा कि मैंने तो गहने बनवा लिए लेकिन यहां 20-20 लाख रुपये भी लिए गए हैं। इस पर पार्षद दीपिका व उनके पति ने कहा कि यह सीधा उन पर आरोप लगाया जा रहा है। पार्षद सुमन सबूत देकर आरोप साबित करें या माफी मांगे। दोनों के बीच जमकर बहस हुई। पुलिस को हस्तक्षेप तक करना पड़ा। आखिर में सुमन रोते हुए हाउस से बाहर निकल गई। चेयरमैन ने हस्तक्षेप कर कहा कि मुझे नहीं पता इन दोनों के बीच क्या विवाद हुआ है। आरोपों को छोड़कर विकास कार्यों पर मंथन करें।
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जयदेव बोले-चेयरमैन से अभद्रता बर्दाश्त नहीं, अमित रांगी बोले-सरेआम दे रहे धमकी
चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के बीच बहस के बाद वार्ड-10 से पार्षद जयदेव व वार्ड-1 से पार्षद अमित रांगी के बीच बहस हो गई। जयदेव ने कहा कि चेयरमैन के साथ ऐसी अभद्रता बर्दाश्त नहीं होगी। इसके लिए वाइस चेयरमैन माफी मांगे, नहीं तो हाउस नहीं चलेगा। ऐसी मनमानी नहीं चलेगी। वाइस चेयरमैन ने कहा कि चेयरमैन मंजू हुड्डा ने पहले उनको बाहर जाने के लिए कहा है। वे भी एक जनप्रतिनिधि हैं। फिर पार्षद अमित रांगी व जयदेव के बीच बहस हो गई। रांगी ने कहा कि जयदेव सरेआम धमकी दे रहे हैं। किसी तरह दूसरे पार्षदों ने मामले को शांत करवाया।

सीईओ बोले-मुझे बंदर कहा तो शब्द वापस लीजिए
बैठक में पार्षद अमित रांगी बंदर की कहानी सुनने लगे। बोले, बंदर कह रहा था उछल-कूद तो बहुत कर रहा हूं, लेकिन शेर से नहीं लड़ सकता। इस पर चेयरमैन ने पूछा, आप अप्रत्यक्ष तरीके से किसको बंदर कह रहे हैं। एक पार्षद प्रतिनिधि ने कहा कि चेयरमैन को नहीं। सीईओ को कह रहे हैं, वे बड़े अफसर है। चेयरमैन बोलीं, आप सीईओ को बंदर कह रहे हैं, हाउस की गरिमा का तो ख्याल रखो। सीईओ महेश कुमार ने कहा कि आप मुझे बंदर कह रहे हैं। अपने शब्द वापस लें। रांगी बोले, मैं खुद को बंदर कहते हुए माफी मांगता हूं। सीईओ बोले, इस तरह की भाषा मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। बैठक के शुरू में भी आपने कहा था कि सरकारें बदलती रहती हैं। सीईओ बोले, मैं बताना चाहता हूं कि अधिकारी किसी का नहीं होता, वह अपनी ड्यूटी करता है।
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