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Rohtak News: अस्पताल में छत की सिलिंग गिरी, हड़कंप
Sun, 10 May 2026 02:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 10 May 2026 02:44 AM IST
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36-नागरिक अस्पताल की दूसरी मंजिल पर छेद। स्रोत: पाठक
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिले के नागरिक अस्पताल में शनिवार को सुबह करीब आठ बजे छत पर लगी फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। डायलिसिस कमरों की मैनेजर सिम्मी भाटिया ने बताया कि दूसरी मंजिल पर कमरे से प्रेशर से अचानक टूटे क्लैंप से निर्माण कार्य के दौरान किए छेद से पानी नीचे पहुंचा और छत की सिलिंग गिर गई।
हालांकि, बड़ा हादसा होने से बच गया। सूचना मिलते ही अस्पताल के सीनियर मेेडिकल ऑफिसर डॉ. पुष्पेंद्र व अन्य मौके पर पहुुंचे। आपातकालीन विभाग से ओपीडी की ओर से जाने वाली गैलरी वाले रास्ते की छत पर सीलिंग अचानक गिर गई। यहां से मरीजों का आवागमन रहता है।
एक्स-रे और खून की जांच वाली लैब भी इसी स्थान पर है। अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक है। ओपीडी शुरू नहीं हुई थी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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सूत्रों के मुताबिक, दूसरी मंजिल पर डायलिसिस यूनिट का कमरा पीपीपी मोड पर संचालित है। इनको दो कमरे मिले हुए हैं। यहां नेगेटिव व पॉजिटिव मरीजों का अलग-अलग इलाज किया जाता है। तीन बेड वाले एक कमरे में पानी का पाइप खुला छोड़ दिया। पानी का प्रेशर इतना तेज था कि पूरा कॉरिडोर पानी से भर गया।
यह पानी नीचे वाली मंजिलों तक पहुंच गया। यह पानी दो इमारतों के बीच छोड़े स्थान से नीचे रिसकर ग्राउंड फ्लोर तक आ गया व फॉल सिलिंग में एकत्र हो गया। ज्यादा पानी एकत्र होने के बाद सिलिंग गिर गई। इसको लेकर सोमवार को फैसला लिया जाएगा।
डायलिसिस कमरों की मैनेजर सिम्मी भाटिया ने बताया कि टेक्नीशियन ने पता सप्लाई का पानी बंद कर दिया। यह पानी रिसकर उस छेद से नीचे पहुंच गया। सवाल यह है कि पांच मिनट के पानी से छत कैसे गिर गई।
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रोहतक। जिले के नागरिक अस्पताल में शनिवार को सुबह करीब आठ बजे छत पर लगी फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। डायलिसिस कमरों की मैनेजर सिम्मी भाटिया ने बताया कि दूसरी मंजिल पर कमरे से प्रेशर से अचानक टूटे क्लैंप से निर्माण कार्य के दौरान किए छेद से पानी नीचे पहुंचा और छत की सिलिंग गिर गई।
हालांकि, बड़ा हादसा होने से बच गया। सूचना मिलते ही अस्पताल के सीनियर मेेडिकल ऑफिसर डॉ. पुष्पेंद्र व अन्य मौके पर पहुुंचे। आपातकालीन विभाग से ओपीडी की ओर से जाने वाली गैलरी वाले रास्ते की छत पर सीलिंग अचानक गिर गई। यहां से मरीजों का आवागमन रहता है।
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एक्स-रे और खून की जांच वाली लैब भी इसी स्थान पर है। अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक है। ओपीडी शुरू नहीं हुई थी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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सूत्रों के मुताबिक, दूसरी मंजिल पर डायलिसिस यूनिट का कमरा पीपीपी मोड पर संचालित है। इनको दो कमरे मिले हुए हैं। यहां नेगेटिव व पॉजिटिव मरीजों का अलग-अलग इलाज किया जाता है। तीन बेड वाले एक कमरे में पानी का पाइप खुला छोड़ दिया। पानी का प्रेशर इतना तेज था कि पूरा कॉरिडोर पानी से भर गया।
यह पानी नीचे वाली मंजिलों तक पहुंच गया। यह पानी दो इमारतों के बीच छोड़े स्थान से नीचे रिसकर ग्राउंड फ्लोर तक आ गया व फॉल सिलिंग में एकत्र हो गया। ज्यादा पानी एकत्र होने के बाद सिलिंग गिर गई। इसको लेकर सोमवार को फैसला लिया जाएगा।
डायलिसिस कमरों की मैनेजर सिम्मी भाटिया ने बताया कि टेक्नीशियन ने पता सप्लाई का पानी बंद कर दिया। यह पानी रिसकर उस छेद से नीचे पहुंच गया। सवाल यह है कि पांच मिनट के पानी से छत कैसे गिर गई।

36-नागरिक अस्पताल की दूसरी मंजिल पर छेद। स्रोत: पाठक