फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Case registered against SMO who issued letter by misusing CMO's seal

Rohtak News: सीएमओ की मुहर का गलत इस्तेमाल कर पत्र जारी करने वाले एसएमओ के खिलाफ केस दर्ज

Thu, 25 Jul 2024 06:04 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2024 06:04 AM IST
विज्ञापन
Case registered against SMO who issued letter by misusing CMO's seal
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) रोहतक के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के पूर्व रजिस्ट्रार कम डीएमएस डॉ. संदीप को संस्थान से बाहर करने के मामले में बुधवार को नया पेच सामने आया। पूर्व डीएमएस ने खुद पर हुई कार्रवाई के लिए आधार बनाए गए पत्र को फर्जी बताया है।
विज्ञापन

पीजीआईएमएस थाना पुलिस ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के एसएमओ डॉ. दिनेश मलिक के खिलाफ सीएमओ की मुहर का गलत प्रयोग करने का केस दर्ज कराया है, साथ ही पूर्व डीएमएस ने फर्जी पत्र पर जांच कराने वाले पीजीआई निदेशक समेत तीन अन्य चिकित्सकों पर भी षड्यंत्र चरने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि यह पत्र सीएमओ की मुहर का गलत इस्तेमाल करके जारी किया गया।
विज्ञापन

डॉ. संदीप करीब डेढ़ साल पहले पीजीआईएमएस में बतौर डीएमएस जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग के रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी संभालते थे। इस पद से पीजीआईएमएस प्रशासन ने उन्हें मुक्त करते हुए उनके मूल स्वास्थ्य विभाग में वापस भेज दिया था। इसके लिए उन पर विभाग का डाटा समय पर सरकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। मामले में डॉ. संदीप ने स्वास्थ्य महानिदेशक, अतिरिक्त महासचिव, लोकपाल व पुलिस विभाग के अधिकारियों को शिकायत देकर जांच की गुहार लगाई थी। इसमें उन पर हुई कार्रवाई के लिए बनाए गए आधार पत्र को फर्जी होने का दावा किया। पुलिस को प्रारंभिक जांच में यह पत्र फर्जी मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीजीआई निदेशक ने पत्र के आधार पर बैठाई थी जांच
डॉ. संदीप ने बुधवार शाम को पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया है कि सीएमओ की मुहर का गलत इस्तेमाल कर तैयार किया पत्र एसएमओ ने पीजीआई को भेजा। इसके आधार पर पीजीआई निदेशक ने जांच कमेटी गठित की। इस कमेटी ने पूर्व डीएमएस को इनके मूल विभाग में भेजने की सिफारिश की। इसके आधार पर उन्हें पीजीआई से बाहर कर दिया गया। इसके चलते पूर्व डीएमएस ने इस मामले में पीजीआई निदेशक समेत तीन अन्य चिकित्सकों पर भी इस षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया है। पुलिस व अन्य अधिकारियों को दी अपनी शिकायत में उनके नाम भी दिए हैं। यही नहीं, निदेशक पर अन्य कई आरोप भी लगाए गए हैं।

एक्सपर्ट व्यू...
पुलिस की प्रारंभिक जांच में फर्जी मिला पत्र
आईपीसी की धारा 167 के तहत किसी भी लोक सेवक की ओर से किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाने की नीयत से झूठा व फर्जी दस्तावेज बनाना गैरकानूनी है। पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता डॉ. संदीप द्वारा दी गई शिकायत की प्रारंभिक जांच में डॉ. दिनेश की ओर से दिया गया पत्र फर्जी होने की बात सामने आई है। इसके चलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
- डॉ. दीपक भारद्वाज, अधिवक्ता व पूर्व सचिव, जिला बार एसाेसिएशन

वर्जन
डॉ. संदीप की शिकायत पर एसएमओ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में मिली शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

- रवि खुुंडिया, डीएसपी हेडक्वार्टर
वर्जन
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में पत्राचार पहले की तरह चल रहा है। एफआईआर दर्ज होने की कोई जानकारी नहीं है। हमारी तरफ से कोई गलत कदम नहीं उठाया गया है। जिस तरह का कागज आया था, उसी आधार पर कार्रवाई की गई।
- डॉ. एसएस लोहचब, निदेशक, पीजीआईएमएस
वर्जन
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में जारी पत्र सही है। आरोप गलत हैं। हमने अनावश्यक या षड्यंत्र की भावना से कार्य नहीं किया है।
- डॉ. दिनेश मलिक, एसएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed