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Rohtak: सफाईकर्मियों की मौत का मामला; उपाध्यक्ष अंजना बोलीं- मशीन के युग में कर्मियों को सीवर में उतारना गलत

Wed, 29 Nov 2023 06:33 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 29 Nov 2023 06:33 PM IST
सार

राष्ट्रीय सफाई आयोग की उपाध्यक्ष अंजना पवार ने कहा कि यह मशीनों का युग है। ऐसे में सीवर में सफाई के लिए कर्मचारियों को उतारना गैरकानूनी है। नियम न मानने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

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Case of death of sanitation workers in Rohtak, Vice President Anjana said It is wrong to put workers in sewer
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की उपाध्यक्ष अंजना पंवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बाबा मस्तनाथ मठ के पास सीवर में सफाई के दौरान हुई दो सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले में संज्ञान लेने पहुंचीं राष्ट्रीय सफाई आयोग की उपाध्यक्ष अंजना पवार प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर बरसीं। अधिकारियों को फटकारते हुए एमएस एक्ट 2013 के अनुसार सीवर में सफाई कर्मचारी उतारने को गैरकानूनी बताया।

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अंजना पंवार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इसको लेकर आदेश जारी किए हुए हैं। इसके बावजूद ऐसी गलती हुई। अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने जनता से अपील की है कि अगर कोई सफाई कर्मचारी सीवर में सफाई करता हुआ दिखाई दे तो इसकी शिकायत तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों से की जाए।
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सफाई के लिए कर्मचारियों को सीवर में उतारना गैरकानूनी
अंजना पवार ने कहा कि यह मशीनों का युग है। ऐसे में सीवर में सफाई के लिए कर्मचारियों को उतारना गैरकानूनी है। नियम न मानने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। एमएस एक्ट 2013 के अनुसार अगर गैरकानूनी तरीके से सफाई के दौरान किसी सफाईकर्मी की मौत हो जाती है तो उसके परिवार को 30 लाख की सहायता राशि दी जाएगी। एमडीयू के सामने हुए दो सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले में बुधवार को उन्होंने पीड़ितों के परिवारों को 30-30 लाख रुपये देने के आदेश भी जारी करवाए। उन्होंने नगर निगम और नगर पालिकाओं में काम कर रहे सफाई कर्मचारी को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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यह है मामला
22 नवंबर को बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी के सामने सीवर की सफाई करते वक्त जहरीली गैस की चपेट में आने से दिल्ली के रहने वाले विकास और उत्तर प्रदेश के रहने वाले सुरेश की मौत हो गई थी। इससे पहले भी शहर के अंदर सफाई के दौरान कर्मचारियों के मौत के कई मामले हो चुके हैं।


अधिकारी के अनुसार
सफाई के दौरान जो भी सुरक्षा उपकरण जरूरी होते हैं, वह प्रत्येक सफाई कर्मचारी को दिए जाने चाहिए। जनता से भी अपील की है कि अगर कोई सीवर में सफाई कर्मचारियों को उतारता है तो वह उसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों को कर दें, तुरंत कार्रवाई की जाएगी। -अंजना पंवार, राष्ट्रीय सफाई आयोग की उपाध्यक्ष।

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