रोहतक: जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए कैप्टन साहिल वत्स, राजकीय सम्मान के साथ हुई अंत्येष्टि
जम्मू-कश्मीर के अवंतीपुरा में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से कैप्टन साहिल वत्स का निधन हो गया। पैतृक गांव डोभ में उनका अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने सलामी दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के अवंतीपुरा में ड्यूटी पर तैनात हरियाणा के रोहतक जिले के डोभ निवासी कैप्टन साहिल वत्स शहीद हो गए। उनका हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनकी आयु 26 वर्ष थी। पिछले दिनों ही वे लेफ्टिनेंट से कैप्टन पद पर पदोन्नत हुए थे। शनिवार को उनके पैतृक गांव डोभ में राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार हुआ। इस मौके पर सेना के जवानों ने उन्हें सलामी दी।
जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम राकेश कुमार ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए व उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। मेयर मनमोहन गोयल, पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, योगेशवर दत्त, भाजपा के कलानौर मंडलाध्यक्ष गुलशन दुआ समेत अन्य राजनीतिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। डीएसपी महेश कुमार भी यहां उपस्थित रहे।
कैप्टन साहिल वत्स के पिता डॉ. जितेंद्र वत्स, माता अनीता वत्स व भाई डॉ. शुभम वत्स ने कहा कि उन्हें देश की सेवा करते हुए शहीद हुए पुत्र पर गर्व है। उन्हें 13 जनवरी रात को सेना के कमांडिंग ऑफिसर का संदेश प्राप्त हुआ था कि साहिल वत्स अचेतन हो गये हैं। इसके बाद सेना की ओर से कैप्टन साहिल वत्स को श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल में ले जाया गया, यहां 14 जनवरी को उनका पोस्टमार्टम किया गया।
कैप्टन साहिल वत्स की शहादत की खबर से डोभ समेत आसपास के गांव व उनके सेक्टर-4 स्थित निवास पर शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर बाद सेना के अधिकारियों की देखरेख में सेक्टर-4 निवास स्थान पर लाया गया। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को डोभ ले जाया गया, यहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
कैप्टन वत्स को याद रखेगा इतिहास : डॉ. अरविंद शर्मा
कैप्टन साहिल वत्स को इतिहास याद रखेगा। देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले जवानों की शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता। भारत माता के इन शहीदों के जाने का गम प्रत्येक भारतवासी को रहेगा। उक्त बातें सांसद डॉक्टर अरविंद शर्मा ने कहीं हैं।
जारी प्रेस बयान में उन्होंने कहा है कि देश की रक्षा में तैनात जवानों के चलते ही आज हम चैन से सोते हैं। भारत मां के प्रत्येक सपूत पर हमें गर्व है। गांव डोभ निवासी कैप्टन साहिल वत्स को श्रद्धांजलि देते हुए सांसद अरविंद शर्मा ने कहा कि कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी देश की आन, बान और शान पर खतरा आया है तो भारत माता के लिए कुर्बानी देने वालों में प्रदेश कभी भी पीछे नहीं रहा है। यहां के वीर जवानों का हमेशा अग्रणी योगदान रहा है। शहीदों की बदौलत ही आज भारत सीना तान कर खड़ा है। हमें अपने सैनिकों पर गर्व है कि उनकी बहादुरी के कारण चीन और पाकिस्तान के हौसले पस्त हैं।