{"_id":"55373baa2e43bcf2bb6424ec3dacc9dd","slug":"boys-school-matter-tgt-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्वॉयज स्कूल विवाद में हसला का हस्तक्षेप, टीजीटी की बताई गलती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्वॉयज स्कूल विवाद में हसला का हस्तक्षेप, टीजीटी की बताई गलती
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 13 Dec 2015 02:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी रोड स्थित गवर्नमेंट ब्वॉयज स्कूल के प्राचार्य-मास्टर विवाद में हसला ने हस्तक्षेप किया है।
हसला सदस्यों ने शनिवार को प्राचार्य से बात की और टीजीटी को गलत करार दिया। उधर, टीजीटी का कहना है कि अगर हसला सही में विवाद का समाधान करना चाहती है तो दोनों पक्षों की बात सुने।
अब हम भी राजकीय अध्यापक कल्याण संघ के पदाधिकारियों के संज्ञान में मामला लाएंगे।
हरियाणा स्कूल लेक्चर एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी ने शनिवार को गांधी नगर के ब्वॉयज स्कूल में बैठक की। इसके बाद भिवानी रोड स्कूल के प्राचार्य राजकुमार से मिलकर सारी स्थिति को जाना।
हालांकि संगठन ने विवाद के लिए टीजीटी को जिम्मेदार ठहराया। डीईओ के पक्षपातपूर्ण रवैये पर भी एतराज जताया। हसला ने चेतावनी दी कि अगर विद्यार्थियों को न पढ़ाने वाले दोषी टीजीटी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह जल्द ही आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
हसला के जिला अध्यक्ष बलजीत सहारण ने बताया कि प्राचार्य की ओर से सेवा नियमों और शिक्षा नियमावली की कहीं भी अनदेखी नहीं की गई है।
स्कूल के सिर्फ तीन से चार टीजीटी शिक्षक ही शैक्षणिक माहौल को खराब कर रहे हैं। प्राचार्या ने बताया कि टीजीटी छठी से 8वीं कक्षा को ही पढ़ाना चाहते हैं, जबकि वास्तव में उन पर छठी से 8वीं का वर्कलोड नहीं बनता है। टीजीटी ने उनकी बनाई गई समयसारिणी को नहीं माना और बच्चों की गलत संख्या दिखाते हुए मिडिल हेड टीचर से समयसारिणी बनवाई। यह नियमों का सीधा उल्लंघन है।
समाधान करना है तो दोनों पक्षों की बात सुने हसला : टीजीटी
ब्वॉयज स्कूल के टीजीटी ने बताया कि अगर हसला को विद्यालय की समस्या का समाधान करना है तो दोनों पक्षों की बातें सुने। वे तो अपने उच्च अधिकारियों के आदेश की पालना कर रहे हैं।
भविष्य में भी विभाग के नियमों के अनुसार ही कार्य करेंगे। डायरेक्टर और डीईओ के आदेश के अनुसार 9वीं से 12वीं को पीजीटी यानी लेक्चर ही पढ़ाएंगे। स्कूल में जरूरत से ज्यादा लेक्चरार हैं तो उन्हें पढ़ाने में क्यों दिक्कत हो रही है। टीजीटी में सिर्फ एक ही सरप्लस है। वह भी इस मामले को जल्द ही अपने राजकीय अध्यापक कल्याण संघ के पदाधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे।
विज्ञापन
हसला सदस्यों ने शनिवार को प्राचार्य से बात की और टीजीटी को गलत करार दिया। उधर, टीजीटी का कहना है कि अगर हसला सही में विवाद का समाधान करना चाहती है तो दोनों पक्षों की बात सुने।
अब हम भी राजकीय अध्यापक कल्याण संघ के पदाधिकारियों के संज्ञान में मामला लाएंगे।
हरियाणा स्कूल लेक्चर एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी ने शनिवार को गांधी नगर के ब्वॉयज स्कूल में बैठक की। इसके बाद भिवानी रोड स्कूल के प्राचार्य राजकुमार से मिलकर सारी स्थिति को जाना।
विज्ञापन
हालांकि संगठन ने विवाद के लिए टीजीटी को जिम्मेदार ठहराया। डीईओ के पक्षपातपूर्ण रवैये पर भी एतराज जताया। हसला ने चेतावनी दी कि अगर विद्यार्थियों को न पढ़ाने वाले दोषी टीजीटी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह जल्द ही आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
हसला के जिला अध्यक्ष बलजीत सहारण ने बताया कि प्राचार्य की ओर से सेवा नियमों और शिक्षा नियमावली की कहीं भी अनदेखी नहीं की गई है।
स्कूल के सिर्फ तीन से चार टीजीटी शिक्षक ही शैक्षणिक माहौल को खराब कर रहे हैं। प्राचार्या ने बताया कि टीजीटी छठी से 8वीं कक्षा को ही पढ़ाना चाहते हैं, जबकि वास्तव में उन पर छठी से 8वीं का वर्कलोड नहीं बनता है। टीजीटी ने उनकी बनाई गई समयसारिणी को नहीं माना और बच्चों की गलत संख्या दिखाते हुए मिडिल हेड टीचर से समयसारिणी बनवाई। यह नियमों का सीधा उल्लंघन है।
समाधान करना है तो दोनों पक्षों की बात सुने हसला : टीजीटी
ब्वॉयज स्कूल के टीजीटी ने बताया कि अगर हसला को विद्यालय की समस्या का समाधान करना है तो दोनों पक्षों की बातें सुने। वे तो अपने उच्च अधिकारियों के आदेश की पालना कर रहे हैं।
भविष्य में भी विभाग के नियमों के अनुसार ही कार्य करेंगे। डायरेक्टर और डीईओ के आदेश के अनुसार 9वीं से 12वीं को पीजीटी यानी लेक्चर ही पढ़ाएंगे। स्कूल में जरूरत से ज्यादा लेक्चरार हैं तो उन्हें पढ़ाने में क्यों दिक्कत हो रही है। टीजीटी में सिर्फ एक ही सरप्लस है। वह भी इस मामले को जल्द ही अपने राजकीय अध्यापक कल्याण संघ के पदाधिकारियों के संज्ञान में लाएंगे।