{"_id":"579e25b84f1c1bdd762b8a72","slug":"bollywood-script-writer-director-iim-iim-rohtak-rohtak-film-industry-movie-neerja-mary-com","type":"story","status":"publish","title_hn":"बॉलीवुड में पायरेसी सबसे बड़ी चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बॉलीवुड में पायरेसी सबसे बड़ी चुनौती
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 01 Aug 2016 01:41 AM IST
विज्ञापन
मैरी कॉम और नीरजा फिल्म के स्क्रिप्ट राइटर साइवीन क्वाद्रस
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश को वैश्विक स्तर पर एंटरटेनमेंट सुपरपावर बनाने की कवायद शुरू करते हुए रविवार को आईआईएम (भारतीय प्रबंधन संस्थान) में फिल्म समिट का आयोजन हुआ। एक्सप्लोर क्लब की ओर से हुए फिल्म समिट में बॉलीवुड जगत के स्क्रिप्ट राइटर और डायरेक्टर ने स्क्रिप्ट, मूवी सहित फिल्म जगत में कॅरियर की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान मैरी कॉम और नीरजा फिल्म के स्क्रिप्ट राइटर साइवीन क्वाद्रस ने कहा, फिल्म जगत में स्क्रिप्ट हर फिल्म की धुरी होती है। ऐसे में स्क्रिप्ट में फिल्म को ऊंचाईयों तक ले जाना एक बेहतर स्क्रिप्ट के हाथ में होता है। इस दौरान सभी ने बॉलीवुड में पायरेसी को बड़ी चुनौती करार दिया।
कार्यक्रम के शुरुआत में आईआईएम के निदेशक प्रो. अतानु रक्षित ने कहा कि फिल्म समिट भारत में किसी भी आईआईएम संस्थान द्वारा आयोजित किया गया पहला प्रयास है। फिल्म उद्योग एक महत्वपूर्ण कॅरियर विकल्प बनकर उभर रहा है। आईआईएम के एक्सप्लोर क्लब अध्यक्ष डॉ. सुरेश जाखड़ ने कहा की फिल्में न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि प्रबंधन कॅरियर की दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं। स्टूडेंट अफेयर्स के अध्यक्ष डॉ. गोपाल दास ने कहा की विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार फिल्म और मीडिया उद्योग में लगभग 13 प्रतिशत का विकास दर हैं। समिट के पहले सत्र में मैरी कॉम और नीरजा फिल्म के पटकथा लेखक साइवीन क्वाद्रस ने पटकथा लेखन की बारीकियों के बारे में बताया।
दूसरे सत्र में सिनेपोलिस के मध्य प्रबंधक संदीप अटल ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग के विकास में पायरेसी एक बड़ी चुनौती है। रियल एस्टेट क्षेत्र में मंदी के चलते भी फिल्म उद्योग विशेषकर मल्टीप्लेक्स निर्माण कार्य पर प्रभाव पड़ा है। मुक्ता आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल पूरी ने मीडिया और एंटरटेनमेंट उद्योग पर विचार रखे। डायरेक्टर स्क्रीन राइटर मेघा स्वामी ने डाक्युमेंट्री दिखाकर फिल्म मेकिंग के विभिन्न तकनीकों और थीम से अवगत कराया। फैंटम फिल्म के हेड ऑफ मार्केटिंग रंजन सिंह ने सिनेमा जगत में मार्केटिंग के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एमडीयू के जनसंपर्क निदेशक सुनित मुखर्जी ने फिल्मों के महत्व के बारे में बताते हुए कॅरियर के विकल्प को बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम के शुरुआत में आईआईएम के निदेशक प्रो. अतानु रक्षित ने कहा कि फिल्म समिट भारत में किसी भी आईआईएम संस्थान द्वारा आयोजित किया गया पहला प्रयास है। फिल्म उद्योग एक महत्वपूर्ण कॅरियर विकल्प बनकर उभर रहा है। आईआईएम के एक्सप्लोर क्लब अध्यक्ष डॉ. सुरेश जाखड़ ने कहा की फिल्में न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि प्रबंधन कॅरियर की दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं। स्टूडेंट अफेयर्स के अध्यक्ष डॉ. गोपाल दास ने कहा की विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार फिल्म और मीडिया उद्योग में लगभग 13 प्रतिशत का विकास दर हैं। समिट के पहले सत्र में मैरी कॉम और नीरजा फिल्म के पटकथा लेखक साइवीन क्वाद्रस ने पटकथा लेखन की बारीकियों के बारे में बताया।
विज्ञापन
दूसरे सत्र में सिनेपोलिस के मध्य प्रबंधक संदीप अटल ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग के विकास में पायरेसी एक बड़ी चुनौती है। रियल एस्टेट क्षेत्र में मंदी के चलते भी फिल्म उद्योग विशेषकर मल्टीप्लेक्स निर्माण कार्य पर प्रभाव पड़ा है। मुक्ता आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल पूरी ने मीडिया और एंटरटेनमेंट उद्योग पर विचार रखे। डायरेक्टर स्क्रीन राइटर मेघा स्वामी ने डाक्युमेंट्री दिखाकर फिल्म मेकिंग के विभिन्न तकनीकों और थीम से अवगत कराया। फैंटम फिल्म के हेड ऑफ मार्केटिंग रंजन सिंह ने सिनेमा जगत में मार्केटिंग के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एमडीयू के जनसंपर्क निदेशक सुनित मुखर्जी ने फिल्मों के महत्व के बारे में बताते हुए कॅरियर के विकल्प को बताया।
विज्ञापन