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पीजीआई में ब्लैक फंगस का इंजेक्शन नहीं, बाजार में 17 हजार का एक टीका

Tue, 25 May 2021 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 25 May 2021 12:27 AM IST
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Black fungus not injected in PGI, a 17 thousand vaccine in the market
पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के सभी मरीजों के लिए सोमवार को भी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पाया। मरीजों को इंजेक्शन के लिए बाजार में दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि डॉक्टर इंजेक्शन मंगा रहे हैं, बाहर 17 हजार रुपये प्रति यूनिट की डिमांड है।
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पीजीआईएमएस में उपचाराधीन मरीज के परिजनों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इंजेक्शन आ गए हैं, लेकिन डॉक्टर कुछ ही मरीजों को दे रहे हैं। जो मरीज गंभीर स्थिति में हैं, उन्हें इंजेक्शन नहीं दिया जा रहा है। संस्थान आपात स्थिति वाले मरीज को इंजेक्शन देेने की बजाय अन्य रोगियों को इंजेक्शन लगा रहा है। डॉक्टरों से जब बात करते हैं तो वह पर्ची लिखकर दे देते हैं कि जाओ बाहर से ले आओ, लगा देंगे। बाहर पता करने जाओ तो 17 हजार रुपये का इंजेक्शन मिलता है। एक मरीज को दिन में पांच से छह इंजेक्शन लगने हैं, इतने रुपये कहां से लाएं। परिजनों ने बताया कि यदि वह कहीं शिकायत देते हैं तो इंजेक्शन कोई नहीं देगा। कालाबाजारी के चलते 315 रुपये का इंजेक्शन 17 हजार रुपये का हो गया है। गौरतलब है कि रविवार को संस्थान को 31 व सोमवार को 90 इंजेक्शन मिले हैं।
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कोरोना व ब्लैक फंगस के मरीजों का कर रहे हैं उपचार : डॉ. गजेंद्र
पीजीआईएमएस के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के चलते कोरोना संक्रमण में कमी आने लगी है। पीजीआईएमएस में कोरोना के लगभग 213 मरीज भर्ती हैं, इसमें 50 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। सोमवार को ब्लैक फंगस के पांच मरीजों का ऑपरेशन किया गया है। बाकी ऑपरेशन प्राथमिकता के आधार पर किए जाने हैं। सोमवार को ब्लैक फंगस के छह नए मरीज पीजीआईएमएस में आए हैं, इन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। हरियाणा सरकार की ओर से ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए इंजेक्शन आना शुरू हो गए हैं। जिन मरीजों के नाम से इंजेक्शन आ रहे हैं, उन्हीं को उपलब्ध कराया जा रहा है। यह व्यवस्था गड़बड़ी रोकने व पारदर्शिता के लिए बनाई गई है। निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव के आदेशों पर दिन में दो बार कमेटी मरीजों की जांच करने पहुंच रही है। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या 62 पहुंच गई है।
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यदि कोई एमआरपी से अधिक रेट पर इंजेक्शन बेच रहा है तो हमें सूचित करें। ड्रग विभाग कार्रवाई करेगा। शिकायत करने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। रविवार को भी दो एमआर को 12 हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से बेचते हुए पकड़ा गया है।
- मंदीप मान, ड्रग कंट्रोलर
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