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भाजपा के पास ‘आप’ की गाय, घनघनाते रहे फोन
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 12 Sep 2016 02:23 AM IST
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AAP workers Protest
- फोटो : अमर उजाला
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खूंटा गाड़ अभियान के बाद छोड़ी गई ‘आप’ की गाय को भाजपा नेता के घर आश्रय मिल गया। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य ने दावा किया कि आप ने गाय को लावारिस छोड़ दिया था, मैं उसकी अच्छे से सेवा करूंगा। हालांकि आप के सुर बदले नजर आए। पहले जहां आप नेता गाय अपने पास होने का दावा कर रहे थे, वहीं अब कहा जा रहा है कि गाय को वह कार्यालय पर लेकर आ गए थे, जिसे वहीं से पार्टी के एक कार्यकर्ता को पालने के लिए दे दिया गया।
दरअसल, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को वित्तमंत्री के आवास के पास खूंटा गाड़ गाय और बछड़े को बांध दिया था और वहां से चले गए। भाजपा नेताओं ने गाय को चारा दिया तो पुलिस कर्मचारियों ने पानी की व्यवस्था की। इस पर भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य नवीन ढुल और अन्य ने आरोप लगाया था कि आप कार्यकर्ताओं ने गाय को लावारिस छोड़ दिया था, जिसे वह वित्तमंत्री के घर के पास से खोलकर अपने घर ले आए।
इस पूरे प्रकरण पर सवाल उठने के बाद आप प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने भी दावा किया था कि गाय को लावारिस नहीं छोड़ा गया और गाय उनके पास है। यह मामला रविवार को भी गरमाया रहा। भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य अपने उसी दावे पर कायम रहे कि वह गाय को मौके से लेकर आए थे उस समय वहां कोई नहीं था। वे गाय की अच्छे से सेवा कर रहे हैं। हालांकि गाय को वापस लेने के लिए उनके पास दिनभर आप कार्यकर्ताओं के फोन भी आते रहे।
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आप प्रदेशाध्यक्ष बोले, हमने गाय को नहीं छोड़ा लावारिस
इस बारे में रविवार को आप प्रदेशाध्यक्ष से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि गाय को कार्यालय पर लेकर आए थे, जिसे वहां से एक कार्यकर्ता को पालने के लिए दे दिया गया। अब वह व्यक्ति भाजपा का हो या फिर किसी दूसरे दल का इससे कोई मतलब नहीं है। उनका मकसद लावारिस गायों की सेवा कराना है।
आप प्रदेशाध्यक्ष का तर्क सही है, लेकिन सवाल यह है कि शनिवार देर रात करीब 10 बजे मीडिया के पूछने पर उन्होंने ऐसा कोई जिक्र नहीं किया था कि गाय किसी को पालने के लिए दे दी गई। दावा किया था कि गाय उनके पास ही है। आखिर रात दस बजे के बाद गाय को लेने वाला कौन आ गया? खैर जो भी हो, फिलहाल पालतू जैसी दिखने वाली गाय और बछड़े को आशियाना तो मिल ही गया।
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दरअसल, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को वित्तमंत्री के आवास के पास खूंटा गाड़ गाय और बछड़े को बांध दिया था और वहां से चले गए। भाजपा नेताओं ने गाय को चारा दिया तो पुलिस कर्मचारियों ने पानी की व्यवस्था की। इस पर भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य नवीन ढुल और अन्य ने आरोप लगाया था कि आप कार्यकर्ताओं ने गाय को लावारिस छोड़ दिया था, जिसे वह वित्तमंत्री के घर के पास से खोलकर अपने घर ले आए।
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इस पूरे प्रकरण पर सवाल उठने के बाद आप प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने भी दावा किया था कि गाय को लावारिस नहीं छोड़ा गया और गाय उनके पास है। यह मामला रविवार को भी गरमाया रहा। भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य अपने उसी दावे पर कायम रहे कि वह गाय को मौके से लेकर आए थे उस समय वहां कोई नहीं था। वे गाय की अच्छे से सेवा कर रहे हैं। हालांकि गाय को वापस लेने के लिए उनके पास दिनभर आप कार्यकर्ताओं के फोन भी आते रहे।
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आप प्रदेशाध्यक्ष बोले, हमने गाय को नहीं छोड़ा लावारिस
इस बारे में रविवार को आप प्रदेशाध्यक्ष से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि गाय को कार्यालय पर लेकर आए थे, जिसे वहां से एक कार्यकर्ता को पालने के लिए दे दिया गया। अब वह व्यक्ति भाजपा का हो या फिर किसी दूसरे दल का इससे कोई मतलब नहीं है। उनका मकसद लावारिस गायों की सेवा कराना है।
आप प्रदेशाध्यक्ष का तर्क सही है, लेकिन सवाल यह है कि शनिवार देर रात करीब 10 बजे मीडिया के पूछने पर उन्होंने ऐसा कोई जिक्र नहीं किया था कि गाय किसी को पालने के लिए दे दी गई। दावा किया था कि गाय उनके पास ही है। आखिर रात दस बजे के बाद गाय को लेने वाला कौन आ गया? खैर जो भी हो, फिलहाल पालतू जैसी दिखने वाली गाय और बछड़े को आशियाना तो मिल ही गया।