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बैंसी गांव में चुनावी रंजिश में सरपंच के भाई की गोली मारकर हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 29 Apr 2016 02:19 AM IST
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बैंसी गांव के सरपंच के भाई की दिनदहाड़े घर में घुसकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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चुनावी रंजिश में बैंसी गांव के सरपंच के भाई की दिनदहाड़े घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि गांव के पूर्व सरपंच ने अपने दो भतीजों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने सरपंच के भाई को घर पहुंचकर आवाज लगाई और उसके आते ही छाती में एक गोली मारकर फरार हो गए। सरपंच ने पूर्व सरपंच व उसके दो भतीजों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। वारदात बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे अंजाम दी गई। आरोपियों को पकड़ने के लिए छापामारी भी की गई, लेकिन सभी घर से फरार मिले।
लाखनमाजरा खंड के बैंसी गांव के सरपंच कृष्ण छाबड़ा बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे अपने बड़े भाई अमरनाथ छाबड़ा (58) के साथ घर में बैठे थे। तभी घर पर दो युवक पहुंचे और सरपंच को आवाज लगाई। पूछने पर बताया कि गांव के लोग आए हैं और उनको सरपंच से कुछ काम है। यह सुनकर सरपंच की जगह अमरनाथ छाबड़ा घर के बाहरी हिस्से में आ गये और युवकों से बात करने लगे।
बताया जा रहा है कि युवकों ने अमरनाथ के कंधे पर हाथ रख लिया और उनकी छाती में एक गोली मार दी गई। गोली मारते ही युवक फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन बाहर दौड़े तो देखा कि अमरनाथ लहूलुहान पड़े हुए थे और उनकी मौत हो चुकी थी। पता चलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शाम को गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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पड़ोसी ने देखा हत्यारों को भागते हुए
वारदात के बाद एक पड़ोसी ने हत्यारे युवकों को भागते हुए देखा और सरपंच को उनके बारे में बताया। लाखनमाजरा एसएचओ अजय कुमार ने बताया कि सरपंच कृष्ण छाबड़ा के बयान पर पूर्व सरपंच दिलीप बाल्मीकि के अलावा उसके दो भतीजों सोनू और अमित के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। बताया कि अमरनाथ छाबड़ा की गांव में काफी अच्छी छवि थी।
इस बार भले ही अमरनाथ के भाई कृष्ण सरपंच बने हों, लेकिन इससे पहले आरक्षित श्रेणी में सीट थी। इसमें दिलीप बाल्मीकि ने चुनाव लड़ा था और अमरनाथ ने चुनाव में उसका विरोध किया था। एसएचओ ने बताया कि इस कारण ही पूर्व सरपंच दिलीप रंजिश रखता है और उसने साजिश रचकर अपने भतीजों के साथ मिलकर हत्या करा दी। बताया जा रहा है कि गोली सोनू और अमित ने मारी और पूर्व सरपंच ने पूरी साजिश रची।
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लाखनमाजरा खंड के बैंसी गांव के सरपंच कृष्ण छाबड़ा बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे अपने बड़े भाई अमरनाथ छाबड़ा (58) के साथ घर में बैठे थे। तभी घर पर दो युवक पहुंचे और सरपंच को आवाज लगाई। पूछने पर बताया कि गांव के लोग आए हैं और उनको सरपंच से कुछ काम है। यह सुनकर सरपंच की जगह अमरनाथ छाबड़ा घर के बाहरी हिस्से में आ गये और युवकों से बात करने लगे।
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बताया जा रहा है कि युवकों ने अमरनाथ के कंधे पर हाथ रख लिया और उनकी छाती में एक गोली मार दी गई। गोली मारते ही युवक फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन बाहर दौड़े तो देखा कि अमरनाथ लहूलुहान पड़े हुए थे और उनकी मौत हो चुकी थी। पता चलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शाम को गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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पड़ोसी ने देखा हत्यारों को भागते हुए
वारदात के बाद एक पड़ोसी ने हत्यारे युवकों को भागते हुए देखा और सरपंच को उनके बारे में बताया। लाखनमाजरा एसएचओ अजय कुमार ने बताया कि सरपंच कृष्ण छाबड़ा के बयान पर पूर्व सरपंच दिलीप बाल्मीकि के अलावा उसके दो भतीजों सोनू और अमित के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। बताया कि अमरनाथ छाबड़ा की गांव में काफी अच्छी छवि थी।
इस बार भले ही अमरनाथ के भाई कृष्ण सरपंच बने हों, लेकिन इससे पहले आरक्षित श्रेणी में सीट थी। इसमें दिलीप बाल्मीकि ने चुनाव लड़ा था और अमरनाथ ने चुनाव में उसका विरोध किया था। एसएचओ ने बताया कि इस कारण ही पूर्व सरपंच दिलीप रंजिश रखता है और उसने साजिश रचकर अपने भतीजों के साथ मिलकर हत्या करा दी। बताया जा रहा है कि गोली सोनू और अमित ने मारी और पूर्व सरपंच ने पूरी साजिश रची।