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भाजपा के टिकट के दावेदार बलराज कुंडू ने दिया जिप चेयरमैन पद से इस्तीफा
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रोहतक। विधानसभा चुनाव में टिकट घोषित होने से पहले महम हलके की सियासत में उठापटक शुरू हो गई है। महम हलके से टिकट के मुख्य दावेदारों में शामिल भाजपा नेता बलराज कुंडू ने जिला परिषद के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। कुंडू के कदम को सियासत के अंदर टिकट के दावे को और मजबूत करने के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है। हालांकि हलके से भाजपा के टिकट के दूसरे दावेदार शमशेर खरकड़ा ने कुंडू के पत्र को व्यक्तिगत मामला बताकर टिप्पणी से इनकार कर दिया।
प्रदेश की राजनीति में महम को अहम हलकों में से एक माना जाता है। क्योंकि महम हलका 1990 में हुए महम कांड से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था। यहां से ताऊ देवीलाल तीन बार विस चुनाव जीते थे। वहीं कांग्रेस के आनंद सिंह दांगी चार बार बाजी मार चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दांगी ने भाजपा के शमशेर खरकड़ा को हराकर लगातार तीन जीत हासिल कर हैट्रिक लगाई थी। अब पांच साल से महम हलके में हार-जीत के बजाय सियासी हलकों में ज्यादा चर्चा इस बात की रहती है कि भाजपा से किसको टिकट मिलेगा। क्योंकि पार्टी में पूर्व प्रत्याशी शमशेर खरकड़ा के साथ बलराज कुंडू, सौरभ फरमाणा, महंत सतीश दास सहित 14 दावेदार बताए जा रहे हैं। पार्टी आला कमान को भी टिकट तय करने में पसीना बहाना पड़ रहा है।
चुनाव आचार संहित लागू होने से पहले दिया इस्तीफा, सोमवार को सार्वजनिक
बलराज कुंडू ने 20 सितंबर को डीसी के नाम इस्तीफा भेजा था, जबकि 23 सितंबर को सार्वजनिक किया गया है। पत्र में कुंडू ने लिखा है कि, मैं अपनी व्यक्तिगत व्यस्तता और पारिवारिक वजहों के कारण तत्काल प्रभाव से जिला परिषद के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहता हूं। कृपा करके मेरा इस्तीफा स्वीकार करें।
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विस चुनाव लड़ने के लिए अनिवार्य नहीं था जिप चेयरमैन पद छोड़ना
कुंडू द्वारा जिला परिषद चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के कदम से सियासी जानकार भी हैरान हैं। क्योंकि कुंडू भाजपा के टिकट पर महम से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसके लिए अभी जिला परिषद का चेयरमैन पद छोड़ना अनिवार्य नहीं था। क्योंकि विधायक बनने के छह माह के अंदर पहले वाले पद को छोड़ना अनिवार्य होता है। सवाल है कि कुंडू ने जिप चेयरमैन पद छोड़कर क्या आलाकमान को संकेत दिया है कि वे विधानसभा चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में हैं।
कौन, क्या बोला
मैंने करीब चार साल जिला परिषद के माध्यम से लोगों की सेवा की है, लेकिन मैं जिला परिषद की राजनीति करने सियासत में नहीं आया। महम हलके से अब टिकट देकर चुनाव लड़वाना पार्टी का काम है। इससे ज्यादा मैं अभी कुछ नहीं कहना चाहता हूं।
- बलराज कुंडू, महम से भाजपा के टिकट दावेदार
खरकड़ा बोले- कुंडू का व्यक्तिगत मामला
कुंडू द्वारा जिला परिषद चेयरमैन पर का इस्तीफा देना उनका व्यक्तिगत व पार्टी का अंदरूनी मामला है। इसमें मैं कुछ नहीं कहूंगा।
- शमशेर खरकड़ा, महम से भाजपा के टिकट दावेदार
मेरे पास 20 सितंबर को बलराज कुंडू ने जिला परिषद चेयरमैन पद से इस्तीफा भेजा था। मैंने उसी दिन रिकॉर्ड में चढ़ाकर सरकार के पास चंडीगढ़ भेज दिया था। अब इस्तीफा स्वीकार करना या न करना सरकार का काम है।
- आरएस वर्मा, डीसी
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प्रदेश की राजनीति में महम को अहम हलकों में से एक माना जाता है। क्योंकि महम हलका 1990 में हुए महम कांड से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था। यहां से ताऊ देवीलाल तीन बार विस चुनाव जीते थे। वहीं कांग्रेस के आनंद सिंह दांगी चार बार बाजी मार चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दांगी ने भाजपा के शमशेर खरकड़ा को हराकर लगातार तीन जीत हासिल कर हैट्रिक लगाई थी। अब पांच साल से महम हलके में हार-जीत के बजाय सियासी हलकों में ज्यादा चर्चा इस बात की रहती है कि भाजपा से किसको टिकट मिलेगा। क्योंकि पार्टी में पूर्व प्रत्याशी शमशेर खरकड़ा के साथ बलराज कुंडू, सौरभ फरमाणा, महंत सतीश दास सहित 14 दावेदार बताए जा रहे हैं। पार्टी आला कमान को भी टिकट तय करने में पसीना बहाना पड़ रहा है।
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चुनाव आचार संहित लागू होने से पहले दिया इस्तीफा, सोमवार को सार्वजनिक
बलराज कुंडू ने 20 सितंबर को डीसी के नाम इस्तीफा भेजा था, जबकि 23 सितंबर को सार्वजनिक किया गया है। पत्र में कुंडू ने लिखा है कि, मैं अपनी व्यक्तिगत व्यस्तता और पारिवारिक वजहों के कारण तत्काल प्रभाव से जिला परिषद के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहता हूं। कृपा करके मेरा इस्तीफा स्वीकार करें।
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विस चुनाव लड़ने के लिए अनिवार्य नहीं था जिप चेयरमैन पद छोड़ना
कुंडू द्वारा जिला परिषद चेयरमैन पद से इस्तीफा देने के कदम से सियासी जानकार भी हैरान हैं। क्योंकि कुंडू भाजपा के टिकट पर महम से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसके लिए अभी जिला परिषद का चेयरमैन पद छोड़ना अनिवार्य नहीं था। क्योंकि विधायक बनने के छह माह के अंदर पहले वाले पद को छोड़ना अनिवार्य होता है। सवाल है कि कुंडू ने जिप चेयरमैन पद छोड़कर क्या आलाकमान को संकेत दिया है कि वे विधानसभा चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में हैं।
कौन, क्या बोला
मैंने करीब चार साल जिला परिषद के माध्यम से लोगों की सेवा की है, लेकिन मैं जिला परिषद की राजनीति करने सियासत में नहीं आया। महम हलके से अब टिकट देकर चुनाव लड़वाना पार्टी का काम है। इससे ज्यादा मैं अभी कुछ नहीं कहना चाहता हूं।
- बलराज कुंडू, महम से भाजपा के टिकट दावेदार
खरकड़ा बोले- कुंडू का व्यक्तिगत मामला
कुंडू द्वारा जिला परिषद चेयरमैन पर का इस्तीफा देना उनका व्यक्तिगत व पार्टी का अंदरूनी मामला है। इसमें मैं कुछ नहीं कहूंगा।
- शमशेर खरकड़ा, महम से भाजपा के टिकट दावेदार
मेरे पास 20 सितंबर को बलराज कुंडू ने जिला परिषद चेयरमैन पद से इस्तीफा भेजा था। मैंने उसी दिन रिकॉर्ड में चढ़ाकर सरकार के पास चंडीगढ़ भेज दिया था। अब इस्तीफा स्वीकार करना या न करना सरकार का काम है।
- आरएस वर्मा, डीसी