फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Ayushman card holders now get support from PGI

Rohtak News: आयुष्मान कार्ड धारकों को अब पीजीआई का सहारा

Wed, 03 Jul 2024 06:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Wed, 03 Jul 2024 06:03 AM IST
विज्ञापन
Ayushman card holders now get support from PGI
रोहतक। आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज के लिए पीजीआईएमएस का रुख करना पड़ रहा है। सरकार की ओर से इलाज की राशि निजी अस्पतालों को जारी नहीं करने के चलते आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) ने कार्ड धारकों का इलाज नहीं करने का फैसला लिया है। इस कारण मरीजों को पीजीआईएमएस और सिविल अस्पताल की शरण लेनी पड़ रही है। आईएमए के फैसले के चलते मरीजों से बातचीत की गई।
विज्ञापन

केस 1:
पिता सतपाल की कमर में सड़क हादसे में चोट आई है। रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में तकलीफ है। इलाज के लिए निजी अस्पताल में संपर्क किया। यहां डॉक्टर ने आयुष्मान कार्ड लेने से इनकार कर दिया। इस कारण इलाज के लिए पीजीआई आना पड़ा। अब यहां जांच चल रही है।
विज्ञापन

-सोनू, भिवानी।

केस 2:
सड़क हादसे में पैर में फ्रेक्चर आया है। आयुष्मान कार्ड के तहत निजी अस्पताल में इलाज कराने गए तो वहां इलाज नहीं मिला। निजी डॉक्टरों की हड़ताल के चलते कार्ड काम नहीं आया। इसलिए राहत के लिए पीजीआई आए हैं। यहां काफी भीड़ है। पता नहीं कितनी देर में नंबर आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-रजनी, छारा।

फरवरी में मिले थे 18 लाख, ढाई करोड़ अब भी बकाया
शहर के दिल्ली बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल में संपर्क करने पर पता चला कि यहां आयुष्मान कार्ड धारक गंभीर मरीजों को मानवीय संवेदना के चलते भर्ती किया जा रहा है। अस्पताल के एक चिकित्सक ने बताया कि यहां पहले रोज करीब दस मरीज आ रहे थे। कार्ड धारकों का निजी अस्पताल में इलाज नहीं करने के आईएमए के फैसले के बाद अब तीन-चार मरीज ही मुश्किल से आ पाते हैं। अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज लगातार किया गया, लेकिन इलाज के बाद सरकार की ओर से राशि का भुगतान नहीं किया गया। फरवरी में 18 लाख रुपये मिले थे। अब भी ढाई करोड़ रुपये बकाया है।

वर्जन:
आयुष्मान योजना निजी चिकित्सकों की परेशानी बनी हुई है। इलाज करने के बावजूद तय राशि नहीं मिल रही है। इससे अस्पताल संचालक व डॉक्टरों में रोष है। मानवीय संवेदना को देखते हुए गंभीर मरीजों को कुछ अस्पतालों में इलाज दिया जा रहा है। एसोसिएशन का विरोध जारी रहेगा।
-डॉ. रविंद्र हुड्डा, अध्यक्ष, आईएमए, रोहतक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed