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एमडीयू से आंसर शीट चोरी
रोहतक/ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2013 10:28 PM IST
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की गोपनीय शाखा से विधि विभाग की तीन उत्तर पुस्तिकाएं चोरी होने से हड़कंप मचा हुआ है।
अभी तक एमडीयू प्रशासन ने पुलिस को भी इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराई है। प्रशासन ने गोपनीय शाखा की सहायक इंचार्ज वीना हरजाई को निलंबित कर यहीं मामले को दबाने का प्रयास किया है। वहीं, निलंबन के विरोध में गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में पीड़ित छात्र द्वारा दायर याचिका को लेकर हाईकोर्ट ने 11 नवंबर तक प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब मांगा है।
विधि विभाग के फाइनल वर्ष के छात्र कमल का सितंबर 2012 में परीक्षा परिणाम आया था। परीक्षा परिणाम में आठ पेपरों में से तीन पेपर में वह फेल था, जिसको लेकर उसने पुनर्मूल्यांकन के लिए विश्वविद्यालय में अर्जी दी थी। बाद में उसे बताया गया कि तीन उत्तर पुस्तिकाएं गायब हैं और वह विश्वविद्यालय की गोपनीय शाखा में नहीं हैं।
पहले भी हो चुकी चोरी
फरवरी माह में गोपनीय शाखा की छत पर 2189 उत्तर पुस्तिकाएं मिली थीं, जिनका मामला अभी तक अदालत में विचाराधीन है। पुलिस ने इस मामले में शाखा अधीक्षक सुरेंद्र मराठा सहित विभिन्न कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में खुलासा हुआ था कि रवि जैमिनी, तेजेंद्र मलिक, रविंद्र कुमार आदि ने गोपनीय शाखा से उत्तर पुस्तिकाएं चोरी की थी।
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अभी तक एमडीयू प्रशासन ने पुलिस को भी इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराई है। प्रशासन ने गोपनीय शाखा की सहायक इंचार्ज वीना हरजाई को निलंबित कर यहीं मामले को दबाने का प्रयास किया है। वहीं, निलंबन के विरोध में गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में पीड़ित छात्र द्वारा दायर याचिका को लेकर हाईकोर्ट ने 11 नवंबर तक प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब मांगा है।
विधि विभाग के फाइनल वर्ष के छात्र कमल का सितंबर 2012 में परीक्षा परिणाम आया था। परीक्षा परिणाम में आठ पेपरों में से तीन पेपर में वह फेल था, जिसको लेकर उसने पुनर्मूल्यांकन के लिए विश्वविद्यालय में अर्जी दी थी। बाद में उसे बताया गया कि तीन उत्तर पुस्तिकाएं गायब हैं और वह विश्वविद्यालय की गोपनीय शाखा में नहीं हैं।
पहले भी हो चुकी चोरी
फरवरी माह में गोपनीय शाखा की छत पर 2189 उत्तर पुस्तिकाएं मिली थीं, जिनका मामला अभी तक अदालत में विचाराधीन है। पुलिस ने इस मामले में शाखा अधीक्षक सुरेंद्र मराठा सहित विभिन्न कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में खुलासा हुआ था कि रवि जैमिनी, तेजेंद्र मलिक, रविंद्र कुमार आदि ने गोपनीय शाखा से उत्तर पुस्तिकाएं चोरी की थी।