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जिला टॉपर बनी म्हारी लाडो अंशु, आईएएस अधिकारी बनकर करना चाहती है देश सेवा
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा का परिणाम शुक्रवार देर शाम जारी किया गया। इसमें निंदाना गांव की अंशु पुत्री कृष्ण नेहरा ने जिले प्रथम और प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया। गांव के ही केसीएम स्कूल में पढ़ाई कर अंशु ने बिना ट्यूशन व किसी अन्य कोचिंग के 500 में से 498 (99.6 फीसदी) अंक प्राप्त किये हैं। बेहतरीन परीक्षा परिणामों पर परिवार ने बेटी को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। अमर उजाला से बातचीत में जिला टॉपर अंशु ने बताया कि वह दिन में 18-18 घंटे तक पढ़ी। जब कोई विषय समझ में नहीं आया तो स्कूल में अध्यापकों से बेझिझक उसके बारे में पूछा और घर पर बड़े भाई व पिता से मदद ली।
अंशु ने बताया कि उनका पसंदीदा विषय सामाजिक विज्ञान है और महापुरुषों की जीवनी पढ़ने में रुचि है। वह आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती है। 11वीं-12वीं में आर्ट विद मैथ लेकर आगे की पढ़ाई करेगी। अंशु के पिता कृष्ण नेहरा ने कहा कि बेटी के परीक्षा परिणामों से परिवार बहुत खुश है। परिवार ने केवीएस स्कूल संचालक वजीर सिंह नेहरा ने भी उनको बधाई दी। अंशु ने बताया कि वह कोरोना काल में आगे की पढ़ाई यू-ट्यूब के माध्यम से व अन्य सोशल साइट्स से ऑनलाइन पढ़ाई कर रही है। स्कूल बंद होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इसलिए गणित का ट्यूशन लगाया है।
चार सब्जेक्ट में आये 100 में से 100 अंक : अंशु ने गणित, साइंस, म्यूजिक व अंग्रेजी में 100/100 अंक प्राप्त कि ये हैं। अपने पसंदीदा विषय सामाजिक विज्ञान में अंशु ने 98 अंक प्राप्त किए। वहीं हिन्दी विषय में 94 अंक हासिल किए।
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पिता नेशनल एथलीट, शिक्षा विभाग में हैं क्लर्क
अंशु के पिता कृष्ण नेहरा ग्रेजुएट है। वह नेशनल लेवल के एथलीट रह चुके हैं और खेल कोटे से ही शिक्षा विभाग में भर्ती हुए थे। वहीं मां मुकेश गृहिणी है। बढ़ा भाई हर्ष 12वीं कक्षा में व छोटा भाई सागर पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। परिवार के सभी सदस्यों का कहना है कि उनको अंशु के ऊपर गर्व है। दादी चंद्र देवी ने पोती को मिठाई खिलाई और पोती को आशीर्वाद दिया। दादी ने कहा कि पोती ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अंशु के पिता कृष्ण नेहरा ने कहा कि अंशु शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही है। स्कूल में तो वह अध्यापकों से समझती ही थी, लेकिन जब घर पर कुछ समझ नहीं आता था तो मैं उसे पढ़ाता था। अंशु के बढ़े भाई हर्ष के भी दसवीं में 95 प्रतिशत अंक आए थे, जिसका भी अंशु को फायदा हुआ।
मैं अंशु और उनके अभिभावकों को बधाई देता हूं और साथ में उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। इन्होंने हमारे स्कूल पर विश्वास किया और आज हम भी इनके विश्वास पर खरे उतरे हैं। बेटी की लगन व अध्यापकों की मेहनत से ही यह परीक्षा परिणाम संभव हुए हैं।
- प्राचार्य महेंद्र शर्मा, केसीएम स्कूल, निंदाना
प्रदेश के 22 जिलों के परीक्षा परिणाम में रोहतक 21वें स्थान पर
पिछले साल के मुकाबले पांच पायदान फिसला
शिक्षा विभाग की जी-तोड़ मेहनत और कई प्रयासों के बावजूद इस वर्ष जिले के दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में 1.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस साल परीक्षा परिणाम 58.58 प्रतिशत रहा। प्रदेश स्तर पर भी जिला पांच पायदान फिसल कर 21वें नंबर पर पहुंच गया है। पिछले वर्ष जिला 16वें स्थान पर था।
हरियाणा शिक्षा बोर्ड की ओर से शुक्रवार को जारी परीक्षा परिणाम ने अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। इस वर्ष परीक्षा परिणाम में दर्ज की गई 1.14 प्रतिशत की गिरावट चिंता का विषय है। पिछले वर्ष जिला 59.72 प्रतिशत के साथ प्रदेश में 16वें स्थान पर था। जबकि वर्ष 2018 में 53.36 प्रतिशत के साथ जिला सातवें स्थान पर था। यानी पिछले तीन वर्षों में जिला प्रदेश स्तर पर लगातार पिछड़ता जा रहा है। इस वर्ष अच्छी बात यह रही कि निंदाना की बेटी अंशु ने मेरिट सूची में जगह बना कर जिले का नाम रोशन किया है। पिछले वर्ष मेरिट सूची में जिले से कोई नाम नहीं था। बोर्ड के परीक्षा परिणाम सेे करीब 60 चेहरे खिल गए हैं मगर बेहतर परिणाम को लेकर अधिकारियों का चुनौती बढ़ा दी है। यही नहीं प्रदेश में निम्न स्तर के प्रदर्शन के साथ 21वें स्थान पर पहुंचे जिले को टॉपर बनाने के लिए खासी मशक्कत करनी होगी।
रोहतक जिला अब केवल मेवात से आगे है। मेवात जिला हमसे महत 2.4 प्रतिशत कम अंकों से पीछे है। शेष 20 जिले हमसे आगे हैं। इनमें अंबाला हमसे महज 0.32 प्रतिशत अधिक अंक से आगे है। रेवाड़ी जिला 70 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में अव्वल है। प्रदेश का परीक्षा परिणाम 64.59 प्रतिशत रहा है। इसमें लड़कियों का परीक्षा परिणाम प्रतिशत 69.86 व लड़कों का 60.27 प्रतिशत है।
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अंशु ने बताया कि उनका पसंदीदा विषय सामाजिक विज्ञान है और महापुरुषों की जीवनी पढ़ने में रुचि है। वह आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती है। 11वीं-12वीं में आर्ट विद मैथ लेकर आगे की पढ़ाई करेगी। अंशु के पिता कृष्ण नेहरा ने कहा कि बेटी के परीक्षा परिणामों से परिवार बहुत खुश है। परिवार ने केवीएस स्कूल संचालक वजीर सिंह नेहरा ने भी उनको बधाई दी। अंशु ने बताया कि वह कोरोना काल में आगे की पढ़ाई यू-ट्यूब के माध्यम से व अन्य सोशल साइट्स से ऑनलाइन पढ़ाई कर रही है। स्कूल बंद होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इसलिए गणित का ट्यूशन लगाया है।
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चार सब्जेक्ट में आये 100 में से 100 अंक : अंशु ने गणित, साइंस, म्यूजिक व अंग्रेजी में 100/100 अंक प्राप्त कि ये हैं। अपने पसंदीदा विषय सामाजिक विज्ञान में अंशु ने 98 अंक प्राप्त किए। वहीं हिन्दी विषय में 94 अंक हासिल किए।
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पिता नेशनल एथलीट, शिक्षा विभाग में हैं क्लर्क
अंशु के पिता कृष्ण नेहरा ग्रेजुएट है। वह नेशनल लेवल के एथलीट रह चुके हैं और खेल कोटे से ही शिक्षा विभाग में भर्ती हुए थे। वहीं मां मुकेश गृहिणी है। बढ़ा भाई हर्ष 12वीं कक्षा में व छोटा भाई सागर पांचवीं कक्षा में पढ़ता है। परिवार के सभी सदस्यों का कहना है कि उनको अंशु के ऊपर गर्व है। दादी चंद्र देवी ने पोती को मिठाई खिलाई और पोती को आशीर्वाद दिया। दादी ने कहा कि पोती ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अंशु के पिता कृष्ण नेहरा ने कहा कि अंशु शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही है। स्कूल में तो वह अध्यापकों से समझती ही थी, लेकिन जब घर पर कुछ समझ नहीं आता था तो मैं उसे पढ़ाता था। अंशु के बढ़े भाई हर्ष के भी दसवीं में 95 प्रतिशत अंक आए थे, जिसका भी अंशु को फायदा हुआ।
मैं अंशु और उनके अभिभावकों को बधाई देता हूं और साथ में उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। इन्होंने हमारे स्कूल पर विश्वास किया और आज हम भी इनके विश्वास पर खरे उतरे हैं। बेटी की लगन व अध्यापकों की मेहनत से ही यह परीक्षा परिणाम संभव हुए हैं।
- प्राचार्य महेंद्र शर्मा, केसीएम स्कूल, निंदाना
प्रदेश के 22 जिलों के परीक्षा परिणाम में रोहतक 21वें स्थान पर
पिछले साल के मुकाबले पांच पायदान फिसला
शिक्षा विभाग की जी-तोड़ मेहनत और कई प्रयासों के बावजूद इस वर्ष जिले के दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में 1.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस साल परीक्षा परिणाम 58.58 प्रतिशत रहा। प्रदेश स्तर पर भी जिला पांच पायदान फिसल कर 21वें नंबर पर पहुंच गया है। पिछले वर्ष जिला 16वें स्थान पर था।
हरियाणा शिक्षा बोर्ड की ओर से शुक्रवार को जारी परीक्षा परिणाम ने अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। इस वर्ष परीक्षा परिणाम में दर्ज की गई 1.14 प्रतिशत की गिरावट चिंता का विषय है। पिछले वर्ष जिला 59.72 प्रतिशत के साथ प्रदेश में 16वें स्थान पर था। जबकि वर्ष 2018 में 53.36 प्रतिशत के साथ जिला सातवें स्थान पर था। यानी पिछले तीन वर्षों में जिला प्रदेश स्तर पर लगातार पिछड़ता जा रहा है। इस वर्ष अच्छी बात यह रही कि निंदाना की बेटी अंशु ने मेरिट सूची में जगह बना कर जिले का नाम रोशन किया है। पिछले वर्ष मेरिट सूची में जिले से कोई नाम नहीं था। बोर्ड के परीक्षा परिणाम सेे करीब 60 चेहरे खिल गए हैं मगर बेहतर परिणाम को लेकर अधिकारियों का चुनौती बढ़ा दी है। यही नहीं प्रदेश में निम्न स्तर के प्रदर्शन के साथ 21वें स्थान पर पहुंचे जिले को टॉपर बनाने के लिए खासी मशक्कत करनी होगी।
रोहतक जिला अब केवल मेवात से आगे है। मेवात जिला हमसे महत 2.4 प्रतिशत कम अंकों से पीछे है। शेष 20 जिले हमसे आगे हैं। इनमें अंबाला हमसे महज 0.32 प्रतिशत अधिक अंक से आगे है। रेवाड़ी जिला 70 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में अव्वल है। प्रदेश का परीक्षा परिणाम 64.59 प्रतिशत रहा है। इसमें लड़कियों का परीक्षा परिणाम प्रतिशत 69.86 व लड़कों का 60.27 प्रतिशत है।