बारिश के बाद वार्ड-1 में जलभराव हो जाता है। सीवर लाइन भी ओवरफ्लो रहती है। इससे गंदगी सड़क पर बहती रहती है। कई बार निगमायुक्त और जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता से शिकायत भी कर चुका हूं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उच्चाधिकारी प्रदीप पूनिया से भी शिकायत की, लेकिन वहां भी नतीजा सिफर ही रहा। ऐसे में क्या करूं, जलभराव में बैठकर विरोध ही जता सकता हूं। उक्त बातें वार्ड-एक के पार्षद कृष्ण सहरावत ने कहीं हैं। वे प्रशासनिक व्यवस्था से असंतुष्ट दिखाई दे रहे थे। वे मंगलवार की देर रात 10:45 से 10:57 बजे तक शास्त्री नगर में जलभराव के बीच बैठक कर विरोध जता रहे थे।
उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र की सैनिक कॉलोनी, श्याम कॉलोनी, जेपी कॉलोनी, शास्त्री नगर में बारिश होने पर जलभराव हो जाता है। यही नहीं, वार्ड में सीवर लाइन भी हमेशा चोक रहती है। जनता उनसे राहत की उम्मीद करती है। लोग शिकायत लेकर उनके घर तक पहुंचते हैं, लेकिन वे कोई मदद नहीं कर पाते हैं। उन्होंने बताया कि कोई भी अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते हैं। जलभराव की समस्या का निदान के लिए कई बार निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा से स्ट्रॉम वाटर लाइन (बरसाती जलनिकासी लाइन) डलवाने के लिए कह चुका हूं। सिर्फ कोरे आश्वासनों के कुछ नहीं मिला है। सीवर लाइन चोक होने की शिकायत जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव गुप्ता से की है मगर वह भी समस्या का निदान नहीं करवा सके हैं। उन्होंने बताया किमंगलवार को हुई बारिश से कई स्थानों पर जलभराव हो गया। लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। इसके विरोध में 10:45 बजे घर के पास शास्त्री नगर की मुख्य गली में जलभराव में बैठ गया। इस दौरान जलभराव का स्तर मापता रहा, जो कम होने के बजाय बढ़ता ही रहा। उन्होंने बताया कि जलभराव के बीच बैठने के बाद उनसे मिलने कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। वह 12 मिनट बाद स्वयं ही उठ गए।