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अमरूत प्रोजेक्ट : 200 करोड़ भुगतान कर चुका निगम, फिर भी आमजन संतुष्ट न म्हारे पार्षद

Wed, 06 Oct 2021 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 12:39 AM IST
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Amrut Project: Corporation has paid 200 crores, yet the general public is not satisfied with my councilors
कैनाल रेस्ट हाउस में पार्षदों के साथ बैठक करते भाजपा के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ,जिला अध्यक्ष अज
शहर के बहुचर्चित 331 करोड़ के अमरूत प्रोजेक्ट को लेकर शहर की सरकार परेशान है। क्योंकि नगर निगम निर्माण एजेंसी को 200 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है, लेकिन आम शहरी से लेकर म्हारे निगम पार्षद तक संतुष्ट नहीं हैं। अव्यवस्था व आरोपों के घेरे से कैसे निकला जाए, इसके लिए मंगलवार को कैनाल रेस्ट हाउस में साढ़े तीन घंटे पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर व भाजपा जिला अध्यक्ष अजय बंसल ने मेयर व भाजपा के 19 पार्षदों के साथ बैठक की। बैठक में कभी अधिकारी व पार्षद तो कभी पार्षद ही आपस में भिड़ते नजर आए। इस दौरान तय हुआ कि अमरूत प्रोजेक्ट के काम को कंपनी गति दे और प्रॉपर्टी आईडी, एनडीसी व नक्शा पास मामले की जांच सीटीपी केके वार्ष्णेय को सौंपी जाए। यदि सीटीपी से निष्कर्ष नहीं निकलेगा तो अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से जांच करवाई जाएगी।
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छह माह बाद 28 सितंबर को नगर निगम हाउस की बैठक हुई थी, जिसका भाजपा के ही आधे से ज्यादा पार्षद बहिष्कार करके बाहर आ गए थे। यहां तक कि दो दिन तक निगम कार्यालय में धरना भी दिया गया। भाजपा नेताओं ने नाराज पार्षदों को समझा-बुझाकर धरना खत्म करवाया। जबकि कांग्रेस ने एक दिन पहले निगम कार्यालय के बाहर धरना देकर शहर की सरकार को घेरने का प्रयास किया। ऐसे में शहर की सरकार को हालात से बाहर निकालने के लिए मंगलवार की शाम करीब 4 बजे कैनाल रेस्ट हाउस में भाजपा नेताओं व पार्टी के 23 में से 19 पार्षदों के साथ बैठक हुई। बैठक में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय बंसल, मेयर मनमोहन गोयल, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, डिप्टी मेयर अनिल कुमार, निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़, संयुक्त नगर आयुक्त सुरेश कुमार, अमरूत प्रोजेक्ट का काम कर रही कंपनी के पदाधिकारी व भाजपा के 19 पार्षद मौजूद रहे। सूत्रों ने बताया कि बैठक में भाजपा नेताओं से लेकर ज्यादातर पार्षद अमरूत प्रोजेक्ट के तहत बिछाई जा रही सीवरेज लाइन के काम से संतुष्ट नहीं थे। पार्षदों ने बताया कि कई इलाके अभी भी सीवर लाइन से अछूते हैं। निगम अधिकारियों ने बताया कि अमरूत प्रोजेक्ट कुल 331 करोड़ रुपये का है। इसमें 212 करोड़ रुपये में सीवरेज सिस्टम व 109 करोड़ पेयजल सिस्टम पर खर्च होने हैं। सीवरेज का काम कंपनी को 194 करोड़ में करना है। इसमें से निगम कंपनी को सीवरेज प्रोजेक्ट का 109 करोड़ की पेमेंट कर चुका है। जबकि पेयजल प्रोजेक्ट का 109 में से 91 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। पेयजल लाइन का ज्यादातर काम ठीक हुआ है, लेकिन सीवरेज सिस्टम को लेकर ज्यादा दिक्कत व शिकायतें आ रही हैं। कंपनी को हिदायत दी गई कि वह अपने काम में सुधार करे।
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सीटीपी केके वार्ष्णेय करेंगे अब एनडीसी, प्रॉपर्टी आईडी व नक्शा प्रकरण की जांच
भाजपा नेताओं व पार्षदों की बैठक में तय हुआ कि एनडीसी, प्रॉपर्टी आईडी व नक्शा पास करने में गड़बड़ी के आरोपों की जांच सीनियर टाउन प्लानर कृष्ण कुमार वार्ष्णेय करेंगे। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पार्षदों के आरोपों में दम नहीं है। चाहे किसी तरह की जांच करवा लें। इस पर वार्ड-आठ के पार्षद ने शीतल नगर की एक प्रॉपर्टी की दो आईडी का हवाला दिया। आरोप लगाया कि अफसरों को गुमराह किया जा रहा है। दूसरे एरिया की आईडी को अवैध आईडी पर चस्पा करके अवैध किया गया है। इस पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि अगर पार्षद सीटीपी की जांच से संतुष्ट नहीं हुए तो अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर से जांच कराई जाएगी।
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सभी पार्षद गलत करवाते हैं फिर लगाते हैं आरोप
बैठक में उस समय हंगामे की स्थिति हो गई जब एक पार्षद ने आरोप लगाया कि सभी पार्षद पहले गलत काम करवाते हैं फिर शिकायत करते हैं। इस बात को सुनते ही मीटिंग में हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जिसे किसी तरह से शांत कराया गया।
33 लाख में एक नहीं, तीन शौचालय बनाए गए
एक पार्षद का आरोप था कि 33 लाख रुपये में एक शौचालय बनवाया है, जिसमें घालमेल हुआ है। निगम अधिकारी ने बताया कि 43 लाख में चार शौचालय बनाए जाने थे। बाद में 33 लाख में तीन शौचालय बनाए हैं, जो मंडी में हैं। इसके बाद मामला खत्म हो गया।
तीन करोड़ का नहीं, डेढ़ करोड़ का है काम
एक पार्षद ने आरोप लगाते हुए बताया कि सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदे गए दिल्ली रोड को दोबारा बनाने के लिए तीन करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी को दिए गए हैं। जवाब में अधिकारियों ने कहा कि सड़क बनाने का जो काम हो रहा है, वह सिर्फ डेढ़ करोड़ का है।
पार्षद बताएंगे कौन-कौन से काम हुए
मैराथन बैठक में फैसला हुआ कि पार्षद अपने क्षेत्रों में हुए कामों को देखेंगे और निगम को बताएंगे कि कौन-कौन से काम हुए या नहीं हुए हैं।
निगम आयुक्त ने दिया साढ़े तीन साल के कामों का ब्योरा, पार्षद बोले- कागजों में ही कई काम
बैठक में निगम आयुक्त ने दिसंबर 2018 से अब तक वार्ड वाइज करवाए गए विकास कार्यों की सूची दी। इसी बीच तीन पार्षदों ने कहा कि कई काम ऐसे हैं, जो धरातल पर नहीं हुए। सूची में शामिल हैं। इस पर पूर्व मंत्री ग्रोवर ने कहा कि पार्षद तीन दिन में वार्डों के अंदर जांच पड़ताल करें। इसके बाद अवगत करवाएं, काम हुए हैं या नहीं।

पार्षदों की समस्याओं का निदान करने के लिए बैठक हुई थी। सभी पार्षदों की बातों को सुना गया है। जल्द ही निदान होगा।
- अजय बंसल, जिलाध्यक्ष, भाजपा
कैनाल गेस्ट हाउस में पार्षदों के साथ बैठक हुई है, जिसमें उनके गिले शिकवों को सुना गया है। कई शिकायतें दूर भी हुई हैं।
- राजकमल सहगल, सीनियर डिप्टी मेयर
एनडीसी, प्रॉपर्टी आईडी व नक्शा पास के आरोपों की जांच सीटीपी केके वार्ष्णेय शुक्रवार को करेंगे। फिर भी समस्या दूर नहीं होगी तो एसीएस से जांच करवाई जाएगी। अमरूत योजना के कामों की सूची पार्षदों को दी है, जिसकी वे तीन दिन में जांच करके बताएंगे।
- मनमोहन गोयल, मेयर
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