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अमृत महोत्सव से देश विभाजन का दर्द करेंगे जीवंत : धनखड़
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रोहतक। शहीद भगत सिंह के परिवार की तीन पीढ़ियों ने देश की आजादी के लिए कुर्बानी दी। देश विभाजन के दौरान जब भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह को पता चला कि उनका गांव पाकिस्तान में जा रहा है। तो वह इस विरह की आग में जलते हुए अपने प्राण त्याग दिए। उनका कहना था कि जिस गांव और देश के लिए पीढ़ियां खत्म हो गईं, अब वह ही नहीं रहेगा तो जिंदा रहकर क्या करेंगे। नेहरू और गांधी परिवारों ने भगत सिंह की तीन पीढ़ियों को भुला दिया। अमृत महोत्सव से विभाजन का दर्द जीवंत करेंगे। उक्त बातें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने बुधवार को सर्किट हाउस में ओबीसी मोर्चे की बैठक के दौरान पत्रकार वार्ता में कहीं हैं।
उन्होंने कहा कि विभाजन की शर्त पर देश को आजादी मिली है। इससे देश की 12 करोड़ की जनता प्रभावित हुई। इस दौरान करीब डेढ़ करोड़ लोग बेघर हुए, दस लाख लोग दंगे मेें मारे गए। दस हजार महिलाओं के साथ ज्यादतियां की गईं। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा की जिम्मेदारी संभालने वाले ब्रिटिश एडवोकेट रेड क्लिफ कभी दोबारा भारत आने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि आठ करोड़ लोग शिकायत लेकर उन्हें ढूंढ रहे थे।
उन्होंने कहा कि भालौठ के हरीराम फौगाट की तीन पीढ़ियां आजादी के लिए जेल गई। इनका कहीं नाम ही नहीं है। ऐसे और भी परिवार हैं। कांग्रेस अब तक अपने ही नाम बताती रही है। पिछले 75 वर्षों के इन सवालों को लेकर हम पार्टी की ओर से अमृत महोत्सव की कमेटी गठित करेंगे। यह कमेटी विभाजन का दर्द लोगों के सामने रखेगी। अमृत महोत्सव पूरा साल आजादी को समर्पित रहेगा। पंचकूला में पिछले दिनों चार मोर्चों की हुई बैठक में 25 सितंबर तक के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
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प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि वीरवार को अन्न उत्सव मनाया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। यह प्रधानमंत्री की बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रीमंडल में ओबीसी के 27 मंत्री बनाए हैं। ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया। मेडिकल कॉलेज के दाखिलों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचायती राज संस्थाओं में आठ प्रतिशत आरक्षण दिया है। इसीलिए बुधवार की इस बैठक में ओबीसी समाज के सम्मान के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। इस मौके पर प्रदेश ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष पूर्व मंत्री कर्ण देव कंबोज, सांसद नायब सिंह सैनी, मदान चौहान, रवींद्र राजू, शमशेर खरक व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि विभाजन की शर्त पर देश को आजादी मिली है। इससे देश की 12 करोड़ की जनता प्रभावित हुई। इस दौरान करीब डेढ़ करोड़ लोग बेघर हुए, दस लाख लोग दंगे मेें मारे गए। दस हजार महिलाओं के साथ ज्यादतियां की गईं। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा की जिम्मेदारी संभालने वाले ब्रिटिश एडवोकेट रेड क्लिफ कभी दोबारा भारत आने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि आठ करोड़ लोग शिकायत लेकर उन्हें ढूंढ रहे थे।
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उन्होंने कहा कि भालौठ के हरीराम फौगाट की तीन पीढ़ियां आजादी के लिए जेल गई। इनका कहीं नाम ही नहीं है। ऐसे और भी परिवार हैं। कांग्रेस अब तक अपने ही नाम बताती रही है। पिछले 75 वर्षों के इन सवालों को लेकर हम पार्टी की ओर से अमृत महोत्सव की कमेटी गठित करेंगे। यह कमेटी विभाजन का दर्द लोगों के सामने रखेगी। अमृत महोत्सव पूरा साल आजादी को समर्पित रहेगा। पंचकूला में पिछले दिनों चार मोर्चों की हुई बैठक में 25 सितंबर तक के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
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प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि वीरवार को अन्न उत्सव मनाया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। यह प्रधानमंत्री की बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रीमंडल में ओबीसी के 27 मंत्री बनाए हैं। ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया। मेडिकल कॉलेज के दाखिलों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचायती राज संस्थाओं में आठ प्रतिशत आरक्षण दिया है। इसीलिए बुधवार की इस बैठक में ओबीसी समाज के सम्मान के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। इस मौके पर प्रदेश ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष पूर्व मंत्री कर्ण देव कंबोज, सांसद नायब सिंह सैनी, मदान चौहान, रवींद्र राजू, शमशेर खरक व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।