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एआई जानकारी का विश्लेषण करने में कर रही मदद : अंशुल
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05 : डीएलसीसुपवा में फाउंडेशन छात्रों के लिए आयोजित एआई कार्यशाला में बोलते मुख्य वक्ता। स्रोत:
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रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर मंगलवार को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। फैकल्टी ऑफ प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर के सेमिनार हॉल में छात्रों को एआई की उपयोगिता बताई गई। इस दौरान छात्रों को एआई का उपयोग सीखने, विश्लेषण करने और ज्ञानवर्धन के लिए प्रेरित किया गया।
इस कार्यशाला में रूहिल फ्यूचर टेक्नोलोजिज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल सिंह मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने छात्रों को एआई की अवधारणा, उपयोगिता और चुनौतियों के बारे में जागरूक किया। सिंह ने एआई को आधुनिक युग की महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह तकनीक कंप्यूटर और मशीनों को सीखने, जानकारी का विश्लेषण करने और समस्याओं को हल करने में मदद करती है। शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, उद्योग और बैंकिंग जैसे कई क्षेत्रों में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। विजुअल आर्ट्स, डिजाइन और आर्किटेक्चर के छात्रों के लिए यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।
इस कार्यशाला में रूहिल फ्यूचर टेक्नोलोजिज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल सिंह मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने छात्रों को एआई की अवधारणा, उपयोगिता और चुनौतियों के बारे में जागरूक किया। सिंह ने एआई को आधुनिक युग की महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह तकनीक कंप्यूटर और मशीनों को सीखने, जानकारी का विश्लेषण करने और समस्याओं को हल करने में मदद करती है। शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, उद्योग और बैंकिंग जैसे कई क्षेत्रों में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। विजुअल आर्ट्स, डिजाइन और आर्किटेक्चर के छात्रों के लिए यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।
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