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रोहतक के बाद हिसार में भी निखरेंगी प्रतिभाएं
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रोहतक के बाद अब हिसार में भी प्रतिभाओं में निखार होगा। एमडीयू के यूथ सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट की तर्ज पर गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में केंद्र खोला जाएगा। एमडीयू सेंटर के परियोजना निदेशक कर्नल डीएस देसवाल ने वहां के उच्च अधिकारियों को प्रोजेक्ट के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया है।
कर्नल देसवाल ने बताया कि हाल ही में उन्होंने जीजेयू के कुलपति, कुलसचिव और प्लेसमेंट अधिकारी को प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने वहां भी ऐसा ही सेंटर खोलने की इच्छा जताई थी। अगर कुलपति इस बारे में फैसला लेते हैं तो वहां सेंटर शुरू किया जा सकता है। वह इसमें कंसल्टेंट के तौर पर विश्वविद्यालय प्रशासन की मदद करेंगे। कर्नल देसवाल ने बताया कि जींद के चौधरी रणवीर सिंह विश्वविद्यालय से भी उनकी इस बारे में बात हुई है। लेकिन वहां का अतिरिक्त कार्यभार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति के पास है। जब तक नए कुलपति नियुक्त नहीं होते, यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ सकता। गौरतलब है कि एमडीयू के छात्र कल्याण विभाग के तत्वावधान में यह सेंटर 2008 में शुरू हुआ था। यहां हर साल 10-11 बैच में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक लगभग 2600 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया था, जिनमें से 310 सेना, अर्धसैनिक बल, बैंक और बहु राष्ट्रीय कंपनियों में उच्च पदों पर हैं। यहां पढ़ने वाला एक ऑटो चालक के बेटा वायुसेना में अधिकारी है। वहीं, एक छात्रा ने तीनों सेनाओं की प्रवेश परीक्षाएं पास करने में कामयाबी हासिल की। यहां दस दिन सॉफ्ट स्किल्स और दस दिन एसएसबी का प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसमें संचार कौशल और व्यक्तित्व विकास पर खास जोर दिया जाता है।
नया बैच शुरू
यूथ सेंटर फॉर स्किल्स डेवलपमेंट में 10 जुलाई से नया बैच शुरू हो गया है। परियोजना निदेशक कर्नल डीएस देसवाल ने बताया कि अब तक कोर्स 20 दिन का होता था, इस बार से इसे 22 दिन का किया जा रहा है। सभी बीस विद्यार्थियों का पंजीकरण के साथ प्रशिक्षण शुरू हो चुका है।
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कर्नल देसवाल ने बताया कि हाल ही में उन्होंने जीजेयू के कुलपति, कुलसचिव और प्लेसमेंट अधिकारी को प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने वहां भी ऐसा ही सेंटर खोलने की इच्छा जताई थी। अगर कुलपति इस बारे में फैसला लेते हैं तो वहां सेंटर शुरू किया जा सकता है। वह इसमें कंसल्टेंट के तौर पर विश्वविद्यालय प्रशासन की मदद करेंगे। कर्नल देसवाल ने बताया कि जींद के चौधरी रणवीर सिंह विश्वविद्यालय से भी उनकी इस बारे में बात हुई है। लेकिन वहां का अतिरिक्त कार्यभार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति के पास है। जब तक नए कुलपति नियुक्त नहीं होते, यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ सकता। गौरतलब है कि एमडीयू के छात्र कल्याण विभाग के तत्वावधान में यह सेंटर 2008 में शुरू हुआ था। यहां हर साल 10-11 बैच में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक लगभग 2600 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया था, जिनमें से 310 सेना, अर्धसैनिक बल, बैंक और बहु राष्ट्रीय कंपनियों में उच्च पदों पर हैं। यहां पढ़ने वाला एक ऑटो चालक के बेटा वायुसेना में अधिकारी है। वहीं, एक छात्रा ने तीनों सेनाओं की प्रवेश परीक्षाएं पास करने में कामयाबी हासिल की। यहां दस दिन सॉफ्ट स्किल्स और दस दिन एसएसबी का प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसमें संचार कौशल और व्यक्तित्व विकास पर खास जोर दिया जाता है।
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नया बैच शुरू
यूथ सेंटर फॉर स्किल्स डेवलपमेंट में 10 जुलाई से नया बैच शुरू हो गया है। परियोजना निदेशक कर्नल डीएस देसवाल ने बताया कि अब तक कोर्स 20 दिन का होता था, इस बार से इसे 22 दिन का किया जा रहा है। सभी बीस विद्यार्थियों का पंजीकरण के साथ प्रशिक्षण शुरू हो चुका है।
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