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अजीबोगरीबः फीचर फोन इस्तेमाल करने की शर्त मानने पर पत्नी को साथ रखने को माना पति

Sat, 31 Aug 2019 01:24 PM IST
रोहतक ब्यूरो महबूब अली, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
महबूब अली, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Sat, 31 Aug 2019 01:24 PM IST
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After counseling, husband agreed to keep on condition of use of feature phone
फाइल फोटो
स्मार्ट फोन की बढ़ती लत के चलते जन्म-जन्म तक साथ रहने की शपथ लेने वाले पति-पत्नी के रिश्ते दरक रहे हैं। साथ रहते हुए भी एक-दूसरे को समय न देने से तलाक तक की नौबत आ रही है। ऐसे मामले महिला थाना, परिवार न्यायालय, अन्य अदालतों के अलावा राज्य महिला आयोग तक भी पहुंच रहे हैं। राज्य महिला आयोग ने पाया है कि पति-पत्नी के बीच विवाद के 60 प्रतिशत मामले पत्नी के एंड्रॉयड फोन पर ज्यादा व्यस्त रहने के कारण पहुंच रहे हैं।
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राज्य महिला आयोग की काउंसिलिंग के बाद 20 से अधिक पति फीचर फोन रखनेे की शर्त पर पत्नी को अपने साथ रखने को तैयार हुए। कुछ पतियों ने सुनवाई के दौरान पत्नियों पर यह आरोप लगाया कि स्मार्ट फोन के जरिये घर की हर बात फोटो डालकर ससुरालियों को बताई जा रही है। एंड्रॉयड फोन ने हमारा जीवनबर्बाद कर दिया है।
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पतियों की शिकायत रहती है कि घर के झगड़े व अन्य फोटो भी एंड्रॉयड फोन से मायके भेजती है। ऐसे मामलों में फीचर फोन रखने की शर्त पर पत्नी को ले जाने को तैयार हो रहे हैं। 60 प्रतिशत मामलों में दोनों के बीच विवाद का कारण एंड्रॉयड फोन बन रहा है। कई मामलों में दोनों के बीच सुलह कराई जा चुकी है, जबकि अन्य में भी सुलह करा दी जाएगी।
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- प्रतिभा सुमन, चेयरमैन, राज्य महिला आयोग।

इस तरह के मामलों की एक बानगी

केस नंबर-1: सोनीपत की नौकरी पेशा निकिता ने महिला आयोग को बताया कि उसकी शादी दो साल पूर्व हुई थी। उसका पति भी प्राइवेट नौकरी करता है। आए दिन बिना किसी वजह उसकी पिटाई की जाती है। महिला आयोग ने काउंसिलिंग की तो पता चला कि पत्नी ज्यादातर समय स्मार्टफोन पर बिताती है। इसके कारण पति और पत्नी के बीच विवाद रहता है। हालांकि पति बाद में स्मार्टफोन के बजाय फीचर फोन रखने की शर्त पर पत्नी को अपने साथ ले जाने को तैयार हो गया।

केस नंबर-दो: झज्जर की सावित्री ने महिला आयोग को बताया कि उसकी शादी को दो साल हुए हैं। वह बीएड कर रही है, जबकि उसका पति दिल्ली में नौकरी करता है। वह उसके साथ आए दिन मारपीट करता है। उसे अपने साथ ले जाने से इनकार कर दिया है। महिला आयोग ने जांच में पाया कि पत्नी अधिकतर समय एंड्रायड फोन पर व्यस्त रहती है, जिसके कारण भी परिवार में झगड़ा होता था। फीचर फोन रखने की शर्त पर पति उसे ले जाने को तैयार हो गया।

केस नंबर-3: रोहतक की राम गोपाल कॉलोनी निवासी रिया ने शिकायत कर बताया कि उसका पति भी सरकारी स्कूल में अध्यापक है। आरोप है कि आए दिन उसके साथ मारपीट की जाती है। काउंसिलिंग की गई तो पता चला कि पत्नी अक्सर फोन पर व्यस्त रहती थी। समय पर खाना तक नहीं बनाया जाता था। इनके कारण पति और पत्नी के बीच विवाद रहता है। इंटरनेट वाले स्मार्ट फोन नहीं चलाने की शर्त पर पति उसे साथ ले जाने को तैयार हो गया।
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