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नारी शिक्षा की प्रणेता थी सावित्री बाई फुले : सैनी
Rohtak
Updated Mon, 06 Jan 2014 05:51 AM IST
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रोहतक। कांग्रेस कमेटी शहरी के प्रवक्ता ललित मोहन सैनी ने कहा कि सावित्री बाई फुले ज्ञान की ज्योति थी और भारत की प्रथम महिला अध्यापिका थी। उन्होंने अपने ज्ञानरूपी अलख से महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित किया, जिससे समाज में शिक्षा क्रांति का सूत्रपात हुआ। वे रविवार को सावित्री बाई फुले की 183वीं जंयती पर आयोजित बैठक में बोल रहे थे। सैनी ने कहा कि शिक्षा में अतुलनीय योगदान के लिए देश और समाज सावित्री बाई फुले का सदैव ऋ णी रहेगा। ललित मोहन सैनी ने सरकार से मांग की कि शिक्षा के क्षेत्र में सावित्री बाई फुले के योगदान को देखते हुए रोहतक में किसी भी स्कूल का नाम उनके नाम पर रखा जाए। फुले के पति ज्योतिबा राव फुले उनके प्रेरणादायक थे। जिस समय फुले ने शिक्षा की जोत जलाई उस समय लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखा जाता था, इसके बावजूद भी उन्होंने नारी शिक्षा के बीड़े को अंजाम तक पहुंचाया तदोपरांत समाज से कुंठित वर्ग की नारियां भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आगे आने लगी। मौके पर संजय परमार, रघुबीर सैनी, सूरज रसवंत, वेदप्रकाश सैनी, छोटू राम बागड़ी, सुनील सैनी, जगदीश सैनी, रामसिंह सैनी, अशोक सैनी, राकेश सैनी एडवोकेट, सुरेंद्र सैनी, अमित, अनुराग परवाना, पुनीत वर्मा, सुलतान सिंह, तेजकौर सैनी, मृदुला शर्मा, लक्ष्मी देवी मौजूद रहे।
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