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पेशेवर हैं प्रोफेसर को हनीट्रैप में फंसाने वाले, साजिश के तहत खेला था दांव
Updated Mon, 17 Sep 2018 01:32 AM IST
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पेशेवर हैं प्रोफेसर को हनीट्रैप में फंसाने वाले, साजिश के तहत खेला था दांव
हिसार। एचएयू के प्रो. मोहनलाल बंसल को रेप केस में फंसाकर पैसे मांगने वाले प्रोफेशनल लोग हैं। जानकारी के अनुसार रेप का आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की की मां इससे पहले भी गुरुग्राम और फरीदाबाद में छेड़छाड़ करने के तीन केस दर्ज करवा चुकी है। लड़की की मां गुरुग्राम के नजदीकी गांव के सरपंच के खिलाफ भी उसके साथ छेड़छाड़ करने व एससी एसटी एक्ट का केस दर्ज करवा चुकी है। नए मामले में 10 सितंबर को महिला ने अपनी नाबालिग लड़की से प्रोफेसर द्वारा रेप करने का मामला दर्ज करवाया था। 15 सितंबर की रात को पुलिस ने लड़की, उसकी मां, भाई व एक अन्य आरोपी जगदीप को 10 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। एक अन्य आरोपी दीपक अभी फरार है।
सॉफ्ट टारगेट पर होता था निशाना
सभी आरोपी साजिश के तहत सॉफ्ट टारगेट को अपना निशाना बनाते थे। रेकी करके वह ऐसे शख्स को ढूंढते थे, जो पैसे वाला हो और पुलिस का झंझट भी ना पड़े। अगर मामला दर्ज भी होता है तो आरोपी बेइज्जती व जेल जाने के डर से उन्हें मुंह मांगे पैसे दे। प्रो. मोहनलाल बंसल के परिवार के बारे में आरोपी दीपक अच्छे से जानता था। उसको पता था कि उनके पास अच्छी खासी संपत्ति है और अपनी इज्जत के लिए उनको मुंह मांगा पैसा दे देंगे। पत्नी विदेश गई हुई है और वह घर पर अकेले रहते हैं। इसी का फायदा उठाते हुए उन्होंने प्रोफेसर को अपने जाल में फांस लिया। पुलिस इस मामले में दीपक का महिला व उसकी बेटी के साथ लिंक को तलाश करने में जुटी हुई है।
प्रोफेसर को किया था इशारा
आरोपियों ने प्रो. मोहनलाल बंसल को रेप केस दर्ज करवाने से पहले इसका इशारा कर दिया था। आरोपी दीपक ने मोहनलाल बंसल से कहा कि आपके पास तो पहले से लाखों रुपये हैं। आपके बच्चे विदेश में रह रहे हैं। जल्द ही आप रिटायर होने वाले हैं, तब भी आपको लाखों रुपये मिलेंगे। आप इस संपत्ति में से कुछ हमारा भी हिस्सा कर लें। आदमी के साथ उसकी इज्जत जाती है पैसे नहीं। जब प्रोफेसर ने आरोपियों के साथ ऐसा कोई भी समझौता करने से मना कर दिया तो नाबालिग लड़की ने फोन करके कंट्रोल रूम में उसके साथ छेड़छाड़ करने की सूचना दे दी। जो बाद में रेप करने की कहानी में बदल गई।
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बात करनी है तो ढाई लाख भेज दो
जब प्रोफेसर की पत्नी मोनिका ने शाहपुर निवासी मुख्य साजिशकर्ता दीपक के जरिये नाबालिग लड़की की मां से फोन पर बात की तो उसने कहा कि पहले ढाई लाख रुपये घर भिजवा दो, आगे की बात बाद में करेंगे। अगले दिन जब उन्होंने फिर से महिला से बात की तो उसने कहा कि समझौते की पहली किश्त 10 लाख लेकर घर आ जाओ। वहां पर एफिडेविट आपको दे देंगे। मोनिका के अनुसार उनकी प्लानिंग उनसे लाखों रुपये ऐंठने की थी। पुलिस पूछताछ में भी आरोपी जगदीप ने कहा था कि दीपक ने उनसे बोला था कि प्रोफेसर की फैमिली पूूरी तरह डरी हुई है, जितना मर्जी पैसा इनसे खींच लेना।
नाबालिग लड़की ने बार-बार बदले अपने बयान
10 सितंबर को लड़की ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके बताया कि उसके साथ प्रोफेसर ने छेड़छाड़ की है। इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो लड़की ने कहा कि उसके साथ रेप किया गया है। मामला दर्ज होने के बाद मेडिकल की बात आई तो उनको झूठ पकड़े जाने का खतरा महसूूस हुआ। इस पर नाबालिग लड़की बोली कि उसके साथ रेप नहीं हुआ है, सिर्फ कोशिश की गई है, इसलिए वह मेडिकल नहीं करवाएगी। जब पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया तो नाबालिग लड़की ने कोर्ट में कहा कि उसकी मां ने कोरे कागज पर उसके साइन करवाए थे। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उसमें क्या लिखा है। यह सारी प्लानिंग अन्य सभी ने ही की है।
मजिस्ट्रेट ने पुलिस से कहा, इतनी क्या जल्दी थी केस दर्ज करने की
आरोपियों को जब हनीट्रैप केस में पकड़ने के बाद जब कोर्ट में पेश किया तो मजिस्ट्रेट ने पुुलिस अधिकारियों से पूछा कि जब नाबालिग लड़की बार-बार अपने बयान बदल रही है तो आपको केस दर्ज करके प्रोफेसर को जेल भेजने की क्या जल्दी थी? इस पर कोर्ट को जवाब देते हुए पुलिस अफसर ने कहा कि सर मामला नाबालिग से रेप करने का था, इसलिए पुलिस इसमें देरी नहीं करना चाहती थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने कहा कि ऐसे मामलों की अच्छे से जांच करने के बाद कोर्ट भेजा करो।
वर्जन
मेरे पति को प्लानिंग के तहत झूठे रेप केस में फंसाया गया। पुलिस ने भी बिना पूरी जांच किए रेप केस व एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करके 59 वर्षीय शिक्षाविद को जेल भेज दिया। जब मुझे इस बारे में पता चला तो तुरंत अमेरिका से वापस आई। बड़े संघर्ष के बाद अपने पति के माथे से इस कलंक को हटा पाई हूं। अगर मैं उनको पैसे दे देती तो मेरे पति पर दाग रह जाता। सोमवार को उनके बाहर आने की उम्मीद है।
-प्रो. मोनिका, पत्नी प्रो. मोहनलाल बंसल
वर्जन
मुख्य आरोपी को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है। उसके पकड़ में आने के बाद ही मामले का पूरा पता चल पाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक कोई अन्य शिकायतकर्ता पुलिस के सामने नहीं आया है। फरीदाबाद और गुरुग्राम में महिला से जुड़े मामलों की जानकारी जुटा रहे हैं।
-पवन कुमार, इंचार्ज, कोर्ट चौकी हिसार
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हिसार। एचएयू के प्रो. मोहनलाल बंसल को रेप केस में फंसाकर पैसे मांगने वाले प्रोफेशनल लोग हैं। जानकारी के अनुसार रेप का आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की की मां इससे पहले भी गुरुग्राम और फरीदाबाद में छेड़छाड़ करने के तीन केस दर्ज करवा चुकी है। लड़की की मां गुरुग्राम के नजदीकी गांव के सरपंच के खिलाफ भी उसके साथ छेड़छाड़ करने व एससी एसटी एक्ट का केस दर्ज करवा चुकी है। नए मामले में 10 सितंबर को महिला ने अपनी नाबालिग लड़की से प्रोफेसर द्वारा रेप करने का मामला दर्ज करवाया था। 15 सितंबर की रात को पुलिस ने लड़की, उसकी मां, भाई व एक अन्य आरोपी जगदीप को 10 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। एक अन्य आरोपी दीपक अभी फरार है।
सॉफ्ट टारगेट पर होता था निशाना
सभी आरोपी साजिश के तहत सॉफ्ट टारगेट को अपना निशाना बनाते थे। रेकी करके वह ऐसे शख्स को ढूंढते थे, जो पैसे वाला हो और पुलिस का झंझट भी ना पड़े। अगर मामला दर्ज भी होता है तो आरोपी बेइज्जती व जेल जाने के डर से उन्हें मुंह मांगे पैसे दे। प्रो. मोहनलाल बंसल के परिवार के बारे में आरोपी दीपक अच्छे से जानता था। उसको पता था कि उनके पास अच्छी खासी संपत्ति है और अपनी इज्जत के लिए उनको मुंह मांगा पैसा दे देंगे। पत्नी विदेश गई हुई है और वह घर पर अकेले रहते हैं। इसी का फायदा उठाते हुए उन्होंने प्रोफेसर को अपने जाल में फांस लिया। पुलिस इस मामले में दीपक का महिला व उसकी बेटी के साथ लिंक को तलाश करने में जुटी हुई है।
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प्रोफेसर को किया था इशारा
आरोपियों ने प्रो. मोहनलाल बंसल को रेप केस दर्ज करवाने से पहले इसका इशारा कर दिया था। आरोपी दीपक ने मोहनलाल बंसल से कहा कि आपके पास तो पहले से लाखों रुपये हैं। आपके बच्चे विदेश में रह रहे हैं। जल्द ही आप रिटायर होने वाले हैं, तब भी आपको लाखों रुपये मिलेंगे। आप इस संपत्ति में से कुछ हमारा भी हिस्सा कर लें। आदमी के साथ उसकी इज्जत जाती है पैसे नहीं। जब प्रोफेसर ने आरोपियों के साथ ऐसा कोई भी समझौता करने से मना कर दिया तो नाबालिग लड़की ने फोन करके कंट्रोल रूम में उसके साथ छेड़छाड़ करने की सूचना दे दी। जो बाद में रेप करने की कहानी में बदल गई।
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बात करनी है तो ढाई लाख भेज दो
जब प्रोफेसर की पत्नी मोनिका ने शाहपुर निवासी मुख्य साजिशकर्ता दीपक के जरिये नाबालिग लड़की की मां से फोन पर बात की तो उसने कहा कि पहले ढाई लाख रुपये घर भिजवा दो, आगे की बात बाद में करेंगे। अगले दिन जब उन्होंने फिर से महिला से बात की तो उसने कहा कि समझौते की पहली किश्त 10 लाख लेकर घर आ जाओ। वहां पर एफिडेविट आपको दे देंगे। मोनिका के अनुसार उनकी प्लानिंग उनसे लाखों रुपये ऐंठने की थी। पुलिस पूछताछ में भी आरोपी जगदीप ने कहा था कि दीपक ने उनसे बोला था कि प्रोफेसर की फैमिली पूूरी तरह डरी हुई है, जितना मर्जी पैसा इनसे खींच लेना।
नाबालिग लड़की ने बार-बार बदले अपने बयान
10 सितंबर को लड़की ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके बताया कि उसके साथ प्रोफेसर ने छेड़छाड़ की है। इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो लड़की ने कहा कि उसके साथ रेप किया गया है। मामला दर्ज होने के बाद मेडिकल की बात आई तो उनको झूठ पकड़े जाने का खतरा महसूूस हुआ। इस पर नाबालिग लड़की बोली कि उसके साथ रेप नहीं हुआ है, सिर्फ कोशिश की गई है, इसलिए वह मेडिकल नहीं करवाएगी। जब पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया तो नाबालिग लड़की ने कोर्ट में कहा कि उसकी मां ने कोरे कागज पर उसके साइन करवाए थे। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उसमें क्या लिखा है। यह सारी प्लानिंग अन्य सभी ने ही की है।
मजिस्ट्रेट ने पुलिस से कहा, इतनी क्या जल्दी थी केस दर्ज करने की
आरोपियों को जब हनीट्रैप केस में पकड़ने के बाद जब कोर्ट में पेश किया तो मजिस्ट्रेट ने पुुलिस अधिकारियों से पूछा कि जब नाबालिग लड़की बार-बार अपने बयान बदल रही है तो आपको केस दर्ज करके प्रोफेसर को जेल भेजने की क्या जल्दी थी? इस पर कोर्ट को जवाब देते हुए पुलिस अफसर ने कहा कि सर मामला नाबालिग से रेप करने का था, इसलिए पुलिस इसमें देरी नहीं करना चाहती थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने कहा कि ऐसे मामलों की अच्छे से जांच करने के बाद कोर्ट भेजा करो।
वर्जन
मेरे पति को प्लानिंग के तहत झूठे रेप केस में फंसाया गया। पुलिस ने भी बिना पूरी जांच किए रेप केस व एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करके 59 वर्षीय शिक्षाविद को जेल भेज दिया। जब मुझे इस बारे में पता चला तो तुरंत अमेरिका से वापस आई। बड़े संघर्ष के बाद अपने पति के माथे से इस कलंक को हटा पाई हूं। अगर मैं उनको पैसे दे देती तो मेरे पति पर दाग रह जाता। सोमवार को उनके बाहर आने की उम्मीद है।
-प्रो. मोनिका, पत्नी प्रो. मोहनलाल बंसल
वर्जन
मुख्य आरोपी को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है। उसके पकड़ में आने के बाद ही मामले का पूरा पता चल पाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक कोई अन्य शिकायतकर्ता पुलिस के सामने नहीं आया है। फरीदाबाद और गुरुग्राम में महिला से जुड़े मामलों की जानकारी जुटा रहे हैं।
-पवन कुमार, इंचार्ज, कोर्ट चौकी हिसार