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आतंक पर भारी आस्था, नहीं टूटेगा रोहतकी हौसला
Updated Wed, 12 Jul 2017 02:23 AM IST
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आतंक पर भारी आस्था, नहीं टूटेगा रोहतकी हौसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
बाबा बर्फानी के दर्शन करके लौट रहे अमरनाथ यात्रियों की बस पर आतंकवादियों का हमला रोहतकी हौसले को नहीं तोड़ पाएगा। आतंकी हमले से बेखौफ शहर के चार कारोबारी 14 जुलाई को दिल्ली से श्रीनगर के लिए रवाना होंगे। यात्रा के दौरान न केवल अमरनाथ के दर्शन करेंगे बल्कि वापस लौटते समय पहलगांव में दो दिन घूमने का भी प्लान बनाया है। ग्रुप में शामिल एक कपड़ा व्यापारी तो पिछले दस साल से अमरनाथ की यात्रा कर रहे हैं।
डीएलएफ कॉलोनी निवासी विनोद भुटानी ने बताया कि उनकी कसाई वाले चौक पर कपड़े की दुकान है। 1995 की बाढ़ के बाद शहर काफी तबाह हो गया था। इसके बावजूद उनके दोस्त अशोक गुलाटी ने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन कर लो, सब ठीक हो जाएगा। 1996 में वे पहली बार अमरनाथ यात्रा पर गए। अब तक 10 बार यात्रा कर चुके हैं। अबकी बार उनके साथ प्रॉपर्टी डीलर सोमनाथ पाहवा, किरयाणा स्टोर मालिक कमल और डेकोरेशन शोरूम संचालक हरीश कुमार अमरनाथ की यात्रा पर जा रहे हैं। इसके लिए दिल्ली से श्रीनगर हवाई जहाज से जाएंगे। इसके बाद श्रीनगर से बालटाल सड़क के रास्ते सफर तय करेंगे। आगे बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 14 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई पूरी करेंगे।
आतंक का नहीं खौफ, दो दिन फंसे रहे थे बालटाल में
कपड़ा व्यापारी के दोस्त डीएलएफ कॉलोनी निवासी वेदप्रकाश ने बताया कि पिछले साल आठ जुलाई को बाबा अमरनाथ के दर्शन करके वापस लौट रहे थे। जब बालटाल पहुंचे तो आतंकी बुरहान वानी को सेना ने मार गिराया। इसके बाद घाटी में कर्फ्यू लग गया। दो दिन तक वे बालटाल में फंसे रहे, जहां जालंधर की एक समिति की ओर से भंडारा लगाया हुआ था। सेना की मौजूदगी में कोई डर का अहसास नहीं हुआ। अबकी बार भी यात्रा के दौरान वापस आते समय दो दिन पहलगांव में रुकेंगे।
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95 प्रतिशत कश्मीरी भारत के साथ, लेकिन डरते हैं बंदूक से
व्यापारियों ने बताया कि वे लंबे समय से अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं। यात्रा से वहां के लोगों को रोजगार मिलता है। चंद दिनों में वे सालभर की कमाई करते हैं। रास्ते में अमरनाथ यात्रियों को भोले कहकर संबोधित करते हैं। कभी नफरत नहीं करते। 95 प्रतिशत कश्मीरी भारत के साथ हैं, लेकिन बंदूक के डर से आतंकियों का विरोध नहीं कर पाते।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
बाबा बर्फानी के दर्शन करके लौट रहे अमरनाथ यात्रियों की बस पर आतंकवादियों का हमला रोहतकी हौसले को नहीं तोड़ पाएगा। आतंकी हमले से बेखौफ शहर के चार कारोबारी 14 जुलाई को दिल्ली से श्रीनगर के लिए रवाना होंगे। यात्रा के दौरान न केवल अमरनाथ के दर्शन करेंगे बल्कि वापस लौटते समय पहलगांव में दो दिन घूमने का भी प्लान बनाया है। ग्रुप में शामिल एक कपड़ा व्यापारी तो पिछले दस साल से अमरनाथ की यात्रा कर रहे हैं।
डीएलएफ कॉलोनी निवासी विनोद भुटानी ने बताया कि उनकी कसाई वाले चौक पर कपड़े की दुकान है। 1995 की बाढ़ के बाद शहर काफी तबाह हो गया था। इसके बावजूद उनके दोस्त अशोक गुलाटी ने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन कर लो, सब ठीक हो जाएगा। 1996 में वे पहली बार अमरनाथ यात्रा पर गए। अब तक 10 बार यात्रा कर चुके हैं। अबकी बार उनके साथ प्रॉपर्टी डीलर सोमनाथ पाहवा, किरयाणा स्टोर मालिक कमल और डेकोरेशन शोरूम संचालक हरीश कुमार अमरनाथ की यात्रा पर जा रहे हैं। इसके लिए दिल्ली से श्रीनगर हवाई जहाज से जाएंगे। इसके बाद श्रीनगर से बालटाल सड़क के रास्ते सफर तय करेंगे। आगे बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 14 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई पूरी करेंगे।
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आतंक का नहीं खौफ, दो दिन फंसे रहे थे बालटाल में
कपड़ा व्यापारी के दोस्त डीएलएफ कॉलोनी निवासी वेदप्रकाश ने बताया कि पिछले साल आठ जुलाई को बाबा अमरनाथ के दर्शन करके वापस लौट रहे थे। जब बालटाल पहुंचे तो आतंकी बुरहान वानी को सेना ने मार गिराया। इसके बाद घाटी में कर्फ्यू लग गया। दो दिन तक वे बालटाल में फंसे रहे, जहां जालंधर की एक समिति की ओर से भंडारा लगाया हुआ था। सेना की मौजूदगी में कोई डर का अहसास नहीं हुआ। अबकी बार भी यात्रा के दौरान वापस आते समय दो दिन पहलगांव में रुकेंगे।
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95 प्रतिशत कश्मीरी भारत के साथ, लेकिन डरते हैं बंदूक से
व्यापारियों ने बताया कि वे लंबे समय से अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं। यात्रा से वहां के लोगों को रोजगार मिलता है। चंद दिनों में वे सालभर की कमाई करते हैं। रास्ते में अमरनाथ यात्रियों को भोले कहकर संबोधित करते हैं। कभी नफरत नहीं करते। 95 प्रतिशत कश्मीरी भारत के साथ हैं, लेकिन बंदूक के डर से आतंकियों का विरोध नहीं कर पाते।