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जज से सजा में रहम की भीख मांगते हुए गिड़गिड़ाने लगा हत्यारा
Updated Mon, 18 Dec 2017 10:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
पत्नी और बेटियों को चाकू से गोदने वाले पुलिसकर्मी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने उम्र कैद सुनाई है। अदालत ने हत्यारे को तीन लाख रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना राशि में से दो लाख रुपये छोटी बेटी प्रेरणा और एक लाख रुपये पत्नी संतोष को मिलेंगे।
हत्यारे पुलिसकर्मी अनिल कुमार को सोमवार दोपहर को अदालत में पेश किया गया तो वह कटघरे में आते ही रोने लगा। अनिल गिड़गिड़ाते हुए न्यायाधीश प्रवीण कुमार से बोला कि जज साहब मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी, मेरे से अपराध हुआ है, लेकिन मेरी सजा में नरमी बरती जाए। मेरी छोटी बेटी और पत्नी का पालन पोषण करने के लिए मेरे अलावा कोई नहीं है। मैं ही उनका केवल मात्र एक सहारा हूं। मेरे ऊपर रहम करो जज साहब। हत्यारे की गुहार सुनने के बाद न्यायाधीश ने सजा का फैसला लिखवाना शुरू किया। दोपहर बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए हत्यारे अनिल को उम्रकैद सुना दी। सजा का फैसला सुनने के लिए अनिल के ससुराल वाले अदालत में मौजूद थे। अदालत ने अपने फैसले में हत्या करने पर उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माना, जानलेवा हमला करने पर दस साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माना और अंगभंग करने पर दस साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माना किया है। सजा सुनने के बाद अनिल के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
हैवानियत पर उतर आया था पिता
गांव चौटाला निवासी हवलदार अनिल कुमार का अपनी पत्नी संतोष के साथ मन मुटाव चल रहा था। अनिल कुमार ओढां पुलिस थाने में मुंशी तैनात था और वह अपने परिवार के साथ सिरसा पुलिस लाइन में सरकारी क्वार्टर में रहता था। 16 जून 2016 की रात अनिल कुमार अपने सरकारी क्वार्टर में आया। घर आते ही उसका अपनी पत्नी संतोष रानी से झगड़ा हो गया। इस दौरान उसने चाकू लेकर पत्नी पर लगातार वार किए। मां की चिल्लाने की आवाज सुनकर बेड पर सोई अनिल की आठ वर्षीय बेटी तनु व दो वर्षीय प्रेरणा जाग गई और उन्होंने उसे संतोष को चाकू मारते देख लिया। इसके बाद उसने अपनी आठ वर्षीय बेटी तनु व दो वर्षीय प्रेरणा को भी चाकू मार दिया। तीनों को मरा हुआ समझकर वह उन्हें घर में बंद करके फरार हो गया। थोड़ी देर बाद पत्नी संतोष को होश आया तो उसने हिम्मत करके खिड़की बाहर की ओर छलांग लगाई। शोर मचाने पर लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गेट तोड़कर घायल तनु और प्रेरणा को बाहर निकला। इसके बाद तीनों अस्पताल ले जाया गया। पुलिस लाइन के क्वार्टर में इतनी बड़ी वारदात होने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता, ़मौके पर पहुंचे। आरोपी अनिल कुमार भागकर अपनी मां के घर गांव चौटाला गया था। पुलिस टीम ने उसे गांव में घेरकर पकड़ लिया। उपचार के दौरान बड़ी बेटी तनु की मौत हो गई। पुलिस ने अनिल कुमार के खिलाफ जानलेवा हमला व हत्या का केस दर्ज करके उसे अदालत में पेश किया।
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सिरसा।
पत्नी और बेटियों को चाकू से गोदने वाले पुलिसकर्मी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने उम्र कैद सुनाई है। अदालत ने हत्यारे को तीन लाख रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना राशि में से दो लाख रुपये छोटी बेटी प्रेरणा और एक लाख रुपये पत्नी संतोष को मिलेंगे।
हत्यारे पुलिसकर्मी अनिल कुमार को सोमवार दोपहर को अदालत में पेश किया गया तो वह कटघरे में आते ही रोने लगा। अनिल गिड़गिड़ाते हुए न्यायाधीश प्रवीण कुमार से बोला कि जज साहब मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी, मेरे से अपराध हुआ है, लेकिन मेरी सजा में नरमी बरती जाए। मेरी छोटी बेटी और पत्नी का पालन पोषण करने के लिए मेरे अलावा कोई नहीं है। मैं ही उनका केवल मात्र एक सहारा हूं। मेरे ऊपर रहम करो जज साहब। हत्यारे की गुहार सुनने के बाद न्यायाधीश ने सजा का फैसला लिखवाना शुरू किया। दोपहर बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए हत्यारे अनिल को उम्रकैद सुना दी। सजा का फैसला सुनने के लिए अनिल के ससुराल वाले अदालत में मौजूद थे। अदालत ने अपने फैसले में हत्या करने पर उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माना, जानलेवा हमला करने पर दस साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माना और अंगभंग करने पर दस साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माना किया है। सजा सुनने के बाद अनिल के आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
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हैवानियत पर उतर आया था पिता
गांव चौटाला निवासी हवलदार अनिल कुमार का अपनी पत्नी संतोष के साथ मन मुटाव चल रहा था। अनिल कुमार ओढां पुलिस थाने में मुंशी तैनात था और वह अपने परिवार के साथ सिरसा पुलिस लाइन में सरकारी क्वार्टर में रहता था। 16 जून 2016 की रात अनिल कुमार अपने सरकारी क्वार्टर में आया। घर आते ही उसका अपनी पत्नी संतोष रानी से झगड़ा हो गया। इस दौरान उसने चाकू लेकर पत्नी पर लगातार वार किए। मां की चिल्लाने की आवाज सुनकर बेड पर सोई अनिल की आठ वर्षीय बेटी तनु व दो वर्षीय प्रेरणा जाग गई और उन्होंने उसे संतोष को चाकू मारते देख लिया। इसके बाद उसने अपनी आठ वर्षीय बेटी तनु व दो वर्षीय प्रेरणा को भी चाकू मार दिया। तीनों को मरा हुआ समझकर वह उन्हें घर में बंद करके फरार हो गया। थोड़ी देर बाद पत्नी संतोष को होश आया तो उसने हिम्मत करके खिड़की बाहर की ओर छलांग लगाई। शोर मचाने पर लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गेट तोड़कर घायल तनु और प्रेरणा को बाहर निकला। इसके बाद तीनों अस्पताल ले जाया गया। पुलिस लाइन के क्वार्टर में इतनी बड़ी वारदात होने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता, ़मौके पर पहुंचे। आरोपी अनिल कुमार भागकर अपनी मां के घर गांव चौटाला गया था। पुलिस टीम ने उसे गांव में घेरकर पकड़ लिया। उपचार के दौरान बड़ी बेटी तनु की मौत हो गई। पुलिस ने अनिल कुमार के खिलाफ जानलेवा हमला व हत्या का केस दर्ज करके उसे अदालत में पेश किया।
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