महामहिम, आपने मिसाइल बना दी, भ्रष्टाचार के खात्मे का कैप्सूल कब बनेगा

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Updated Wed, 19 Jul 2017 02:31 AM IST

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राष्ट्रपति अब्दुल कलाम से बोले : महामहिम, आपने मिसाइल बना दी, भ्रष्टाचार के खात्मे का कैप्सूल कब बनेगा
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विजेंद्र कौशिक
रोहतक। देश के पहले नागरिक के चुनाव में वोट डालना एक सांसद के लिए काफी महत्वपूर्ण क्षण होता है। 2002 में एनडीए और कांग्रेस सहित कई दलों ने मिलकर मिसाइल मैन डॉ. अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति चुनाव लड़वाया था। इनेलो के तत्कालीन सांसद कैप्टन इंद्र सिंह उस चुनाव के बारे में याद ताजा करते हैं। उनका कहना है कि उस समय भाजपा और कांग्रेस के कलाम को समर्थन के चलते राष्ट्रपति चुनाव में ज्यादा मारामारी नहीं थी। बकौल कैप्टन इंद्र सिंह सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग के बाद उस समय की यादें दोबारा ताजा हो गईं।

...जब कलाम ने कर दी सबकी बोलती बंद
अमर उजाला से खास बातचीत में कैप्टन ने राष्ट्रपति और उनके चुनाव से जुड़े संस्मरण ताजा किए। उन्होंने कहा कि चाहे कोई विवेक से राष्ट्रपति चुनाव में वोट देने की बात करे, लेकिन हकीकत में पार्टी की ओर से समर्थित प्रत्याशी को ही वोट दिया जाता है। 2002 में मिसाइल मैन डाक्टर अब्दुल कलाम की प्रतिद्वंद्वी के तौर पर वामपंथी दलों ने कैप्टन लक्ष्मी सहगल को मैदान में उतारा था। दोनों बड़ी पार्टियों कांग्रेस और भाजपा ने कलाम को समर्थन दिया। इनेलो भी भाजपा के साथ एनडीए का हिस्सा थी। ऐसे उन्हाेंने भी कलाम को वोट दिया। चुनाव के दिन चंडीगढ़ पहुंचकर उत्साह के साथ अपने मत का प्रयोग किया।


...जब में पूछ बैठा, महामहिम भ्रष्टाचार को खत्म करने का कैप्सूल भी बना दो
कैप्टन ने बताया कि कलाम देश के सांसदों को ग्रुप में राष्ट्रपति भवन में भोज पर बुलाते थे। 2003 में उन्होंने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और जम्मू व कश्मीर के सांसदों को बुलाया। सभी सांसदों को उनके प्रदेश का भौगोलिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक से लेकर विकास से डाटा उपलब्ध कराते थे। कहते थे, आप लोग अपने प्रदेश के बारे में पढ़ो और सोचो जनता के लिए नया क्या कर सकते हैं? सांसद भी सवाल करते थे। उसने राष्ट्रपति से सवाल किया, महामहिम आपने मिसाइल बना दी, लेकिन भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कैप्सूल नहीं बन सकता क्या, जिसे खिलाने से व्यक्ति भ्रष्टाचार की सोच ही नहीं सके।

सवाल सुनकर मौजूद सांसद हंसने लगे। जब कलाम ने कहा, आप क्यों हंस रहे हैं? यहीं सवाल, मद्रास में उनसे एक स्कूल में 7वीं कक्षा की छात्रा ने पूछा था, आखिर भ्रष्टाचार कैसे खत्म हो सकता है। इस पर स्कूल की प्राचार्या ने छात्रा को डांटा। इस पर मैंने कहा था कि छात्रा का सवाल उनके लिए बहुमूल्य है। भ्रष्टाचार को कैप्सूल से नहीं, बल्कि माता-पिता और टीचर द्वारा बचपन से ही युवाओं को ईमानदारी के संस्कार देकर खत्म किया जा सकता है।

15 साल सेना में रहे, लौटे तो सांसद बने इंद्र सिंह
1999 के लोकसभा चुनाव में इनेलो की टिकट पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मात देने वाले कैप्टन इंद्रसिंह 2004 तक सांसद रहे। कार्यकाल के दौरान कैप्टन ने 2002 में राष्ट्रपति चुनाव में भाग लिया। इस दौरान भारी बहुमत से कलाम को राष्ट्रपति चुन लिया गया। कैप्टन मूलरूप झज्जर जिले के गांव मदाना कलां के रहने वाले हैं। 15 साल सेना में रहे। देश के लिए 1962 और 1965 की लड़ाई लड़ी। 1993 में राजनीति में आ गए। 1999 में इनेलो की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा और जीतने में कामयाब रहे। फिलहाल परिवार के साथ रोहतक के विकास नगर में रह रहे हैं।

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